रेलवे पर हर्जाना ठोंकने वाले राजन झा और अधिवक्ता डॉ. एसके झा
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रेलवे की व्यवस्था पर उठाए सवाल
राजन झा के अनुसार, भारतीय रेलवे द्वारा कुंभ मेले के लिए किए गए व्यापक इंतजामों के दावे खोखले साबित हुए हैं। ट्रेन की अव्यवस्था और अवैध यात्रियों के कब्जे के कारण वह अपने परिजनों के साथ महाकुंभ में स्नान करने नहीं जा सके। उन्होंने इस स्थिति को अपने लिए मानसिक, आर्थिक और शारीरिक क्षति बताया। उन्होंने कहा कि यह दुर्लभ संयोग 144 वर्षों के बाद आया था, जिसे वे रेलवे की लापरवाही के कारण खो बैठे।