कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे का वो बयान, जिस पर हो रही सियासत
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खरगे ने कहा कि मोदी के झूठे वादों के झांसे में न आएं। क्या गंगा में डुबकी लगाने से गरीबी खत्म होती है? क्या इससे आपका पेट भरता है? मैं किसी की आस्था पर सवाल नहीं उठाना चाहता। अगर किसी को बुरा लगा हो, तो मैं माफी मांगता हूं। उन्होंने आगे कहा कि जब बच्चे भूख से मर रहे हैं, स्कूल नहीं जा रहे हैं, मजदूरों को उनकी मजदूरी नहीं मिल रही है, तब ये लोग हजारों रुपये खर्च कर गंगा में डुबकी लगाने की प्रतिस्पर्धा कर रहे हैं।
गौरतलब है कि खरगे के इस बयान से पहले, अमित शाह ने प्रयागराज में महाकुंभ के दौरान त्रिवेणी संगम में डुबकी लगाई। उनके साथ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी अलग समय पर गंगा में स्नान किया। शाह ने शीर्ष संतों के साथ संगम क्षेत्र में एक विशेष बैठक भी की।
‘गरीबों के नाम पर धर्म का इस्तेमाल करना गलत’
खरगे ने कहा कि उनकी भी आस्था भगवान में है, लेकिन गरीबों के नाम पर धर्म का इस्तेमाल करना गलत है। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि हम धर्म के नाम पर गरीबों का शोषण बर्दाश्त नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि वल्लभभाई पटेल ने आरएसएस को बंद करने का आदेश दिया था, फिर भी उन्होंने जवाहरलाल नेहरू और वल्लभभाई पटेल को एक-दूसरे के खिलाफ खड़ा कर दिया। जवाहरलाल नेहरू ने कहा था कि हमें मिलकर उस भयानक समुदाय को नष्ट करना चाहिए, जिसने हमारे युग के सबसे महान व्यक्ति (महात्मा गांधी) को मार डाला... आरएसएस और भाजपा राष्ट्र विरोधी हैं। खरगे ने ये भी कहा कि आरएसएस-भाजपा देशद्रोही हैं। गरीबी-बेरोजगारी से मुक्ति चाहिए तो संविधान की रक्षा करना होगी। वो (आरएसएस-भाजपा) कहते हैं कि हर मस्जिद के नीचे शिवलिंग मत ढूंढो, लेकिन लोगों को ऐसा करने के लिए उकसाते रहते हैं।