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UP: रेलवे स्टेशन-बस अड्डों से तलाशे जाते थे मजदूर, कारखाने में रोज सिसकती रही बंधुआ जिंदगी, ये है पूरा मामला

Wed, 24 Jun 2026 11:31 AM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुजफ्फरनगर

सार

Muzaffarnagar Factory 12 Workers Rescued: मुजफ्फरनगर के मांडी गांव स्थित एक दोना फैक्टरी से 12 मजदूरों को बंधनमुक्त कराया गया। आरोप है कि नौकरी का झांसा देकर मजदूरों को बंधक बनाकर काम कराया जाता था। पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर जांच शुरू कर दी है।
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मुजफरनगर बंधुआ मजदूरी मामला - फोटो : अमर उजाला

मुजफ्फरनगर जनपद के मांडी गांव स्थित एक दोना निर्माण फैक्टरी में कथित तौर पर बंधुआ मजदूरी और मानव तस्करी का सनसनीखेज मामला सामने आया है। पुलिस ने छापेमारी कर 12 मजदूरों को बंधनमुक्त कराया है।



आरोप है कि विभिन्न राज्यों से रोजगार का लालच देकर लाए गए मजदूरों को महीनों तक बंधक बनाकर रखा गया, उनसे अत्यधिक काम कराया गया और विरोध करने पर प्रताड़ित किया जाता था।

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मुजफ्फरनगर बंधुआ मजदूरी मामला - फोटो : अमर उजाला

रेलवे स्टेशन और बस अड्डों से फंसाए जाते थे मजदूर
पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी रेलवे स्टेशन, बस अड्डों और अन्य सार्वजनिक स्थानों से बेरोजगार लोगों की तलाश करते थे। उन्हें बेहतर वेतन, रहने और खाने की सुविधाओं का लालच देकर फैक्टरी तक लाया जाता था। 

बंधनमुक्त कराए गए मजदूर उत्तर प्रदेश, बिहार, उत्तराखंड, राजस्थान, हरियाणा और छत्तीसगढ़ के रहने वाले बताए गए हैं। आरोप है कि पिछले डेढ़ वर्ष से उनसे जबरन काम कराया जा रहा था।

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मुजफ्फरनगर बंधुआ मजदूरी मामला - फोटो : अमर उजाला

सुबह चार बजे से आधी रात तक कराया जाता था काम
बंधनमुक्त मजदूरों ने बताया कि उनसे तड़के चार बजे से लेकर रात करीब बारह बजे तक काम कराया जाता था। आराम और नींद के लिए बहुत कम समय मिलता था। बीमार होने पर भी छुट्टी नहीं दी जाती थी। कुछ मजदूरों ने आरोप लगाया कि उन्हें डराने-धमकाने के लिए हथियार दिखाए जाते थे और मारपीट भी की जाती थी।

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मुजफ्फरनगर बंधुआ मजदूरी मामला - फोटो : अमर उजाला

रोटी तक के लिए मोहताज थे मजदूर
मजदूरों ने बताया कि उन्हें पर्याप्त भोजन भी नहीं दिया जाता था। कई बार पशुओं के चारे में इस्तेमाल होने वाले चोकर की रोटियां खाने के लिए मजबूर किया गया। लगातार प्रताड़ना और बंधन की स्थिति में उनकी जिंदगी सिसकती रही। बंधनमुक्त होने के बाद पुलिस लाइन में पहुंचकर कई मजदूर भावुक हो गए और अपनी आपबीती सुनाई।

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मुजफ्फरनगर बंधुआ मजदूरी मामला - फोटो : अमर उजाला

एक मजदूर की सूचना से खुला राज
राजस्थान के जोधपुर निवासी विक्रम किसी तरह वहां से निकलने में सफल रहे। उन्होंने तितावी थाना पुलिस को पूरे मामले की जानकारी दी। सूचना मिलने के बाद वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय वर्मा के निर्देश पर विशेष टीम गठित की गई। सोमवार को पुलिस ने मांडी गांव स्थित फैक्टरी पर छापा मारकर 12 मजदूरों को मुक्त कराया।

बंधन मुक्त कराए मजदूर
रामू – निवासी नैनीताल
सोनू चौहान – निवासी आगरा
संतोष हेमाराम – निवासी बिहार
शिवम् कुमार – निवासी औरैया
नारायण मेताव – निवासी छत्तीसगढ़
राज हंस – निवासी बिहार
रंजीत– निवासी मुजफ्फरपुर बिहार
उज्ज्वल – निवासी बिहार
दिलशाद– निवासी अमरोहा
जगदीश– निवासी सीतापुर
साहिल- निवासी सोनीपत हरियाणा
संतोष हैनवरण- निवासी बिहार
विक्रम (लापता) – निवासी जोधपुर, राजस्थान
विशाल (लापता) – निवासी आजमगढ़
राजू (लापता) – निवासी हरि गांव सीतापुर

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मुजफ्फरनगर बंधुआ मजदूरी मामला - फोटो : अमर उजाला

दो गिरफ्तार, मुख्य आरोपी फरार
पुलिस ने फैक्टरी संचालक अंकित बालियान के पिता प्रदीप बालियान और सुपरवाइजर शिवा त्यागी को गिरफ्तार कर लिया है। मुख्य आरोपी अंकित बालियान और एक अन्य आरोपी की तलाश जारी है। पुलिस उनकी पहचान और गिरफ्तारी के प्रयास में जुटी है।

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संजय कुमार वर्मा, एसएसपी मुजफ्फरनगर - फोटो : अमर उजाला

मानव तस्करी समेत कई धाराओं में जांच
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय वर्मा ने बताया कि मामले की जांच मानव तस्करी, बंधुआ मजदूरी, अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम, हत्या समेत अन्य गंभीर धाराओं में की जा रही है।

उन्होंने बताया कि कार्रवाई करने वाली पुलिस टीम को 25 हजार रुपये का पुरस्कार दिया जाएगा। वहीं श्रम विभाग ने फैक्टरी को सील कर दिया है और मजदूरों के परिजनों को सूचना भेजी जा रही है।

 

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मुजफ्फरनगर बंधुआ मजदूरी मामला - फोटो : अमर उजाला
गांव में भी नहीं थी किसी को भनक
ग्रामीणों का कहना है कि फैक्टरी गांव के बाहर संचालित की जा रही थी। वहां रखे गए पिटबुल कुत्तों के कारण आम लोगों का आना-जाना बेहद कम था। ऐसे में किसी को यह अंदाजा नहीं था कि भीतर मजदूरों को कथित तौर पर बंधक बनाकर रखा गया है।
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