मुजफ्फरनगर के खतौली निवासी कुलदीप शुक्रवार की शाम को अपने घर के आंगन में बैठकर खाना खा रहा था। एक फोन कॉल पर व खाना छोड़कर घर से निकल गया। परिजन चिल्लाते रहे कि कहां जा रहा है खाना छोड़कर लेकिन दीपक ने बस इतना कहा कि थोड़ी देर में आता हूं। परिजन रात भर इंतजार करते रहे लेकिन वह नहीं लौटा, परिवार के लोगों ने रिश्तेदारों को फोन लगाए लेकिन उसका कुछ पता न चल सका। शनिवार को परिजनों ने अनहोनी की आशंका जताते हुए पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने भी तलाश की लेकिन कोई सुराग नहीं लग सका।
पुलिस छानबीन में जुटी थी कि रविवार सुबह गांव के ही एक बिटौड़े में आग लगने की सूचना मिली। पुलिस मौके पर पहुंची तो बिटौड़े में एक शव जलता मिला। यह शव किसी और का नहीं बल्कि कुलदीप उर्फ दीपक का ही था। पुलिस ने परिजनों को बुलाकर अधजले शव की पहचान कराई। बेटे की हत्या की जानकारी लगते ही परिजनों में कोहराम मच गया। उनका रो रोकर बुरा हाल था। आगे पढ़ें आखिर कैसे इस खौफनाक वारदात के निशां देखकर ग्रामीणों की रूह कांप गई।