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टिकैत के गांव में मातम: घर से हंसते हुए गया था सेना का जवान, मौत से मचा कोहराम, सदमे में परिजन, तस्वीरें

Wed, 27 Jul 2022 09:02 AM IST
कपिल kapil अमर उजाला ब्यूरो, मुजफ्फरनगर
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कार्तिक की मौत का मामला। - फोटो : amar ujala
भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत के गांव में बुधवार को उस समय मातम पसर गया जब सूचना आई कि सेना के जवान कार्तिक की हमले में मौत हो गई है। उधर, सूचना मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। जैसे ही यह मनहूस खबर पूरे गांव फैली तो माहौल गमगीन हो गया और कार्तिक के घर पर लोगों का तांता लग गया। परिवार को सांत्वना देने के लिए भाकियू अध्यक्ष नरेश टिकैत भी पहुंचे। इस दौरान परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था और हर कोई उन्हें संभालने की कोशिश कर रहा था।  

हरियाणा के कांवड़ियों के हमले में गई कार्तिक की जान
बताया गया कि उत्तराखंड के रुड़की और मंगलौर के बीच हरियाणा के कांवड़ियों के हमले में कार्तिक की जान गई है। कार्तिक दो दिन पहले ही कांवड़ लाने के लिए छुट्टी लेकर आया था। उसकी तैनाती गुजरात के जामनगर में थी। वह हंसते हुए घर से गंगाजल लाने के लिए रवाना हुआ था लेकिन किसी को क्या पता की बेटा अब कभी भी लौटकर नहीं आएगा।
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कार्तिक का फाइल फोटो। - फोटो : amar ujala
सिसौली कस्बे की पट्टी लेपरान निवासी किसान योगेंद्र सिंह का बेटा कार्तिक करीब चार साल पहले सेना में भर्ती हुआ था। परिवार के युवाओं के साथ कांवड़ लाने के लिए ही उसने छुट्टी ली थी और वह रविवार को ही घर आया था। सोमवार को कस्बे से डाक कांवड़ लाने के लिए कांवड़िए रवाना हुए थे, इनमें कार्तिक भी शामिल था। सभी खुशी खुशी रवाना हुए। वहीं मंगलवार सुबह जैसे ही वारदात की जानकारी परिजनों और ग्रामीणों को मिली तो गांव में मातम पसर गया।
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कार्तिक की अंतिम यात्रा। - फोटो : amar ujala
दुनिया से चला गया परिवार का सहारा
बताया गया कि कार्तिक परिवार का सहारा था। लेकिन अब वह दुनिया में नहीं रहा। कार्तिक का छोटा भाई मुकुल है। जब से कार्तिक की नौकरी लगी, तभी से पिता योगेंद्र सिंह और छोटा भाई मुकुल ही कार्तिक के कंप्यूटर सेंटर को चला रहे हैं। नौकरी लगने से पहले कार्तिक ही कंप्यूटर सेंटर का संचालन करता था। 

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गमगीन माहौल में हुआ अंतिम संस्कार - फोटो : amar ujala
घायल कांवड़िये भी अपने घर पहुंचे
कांवड़ियों के बीच हुए झगड़े में घायल सिसौली के कांवड़िए भी देर शाम तक अपने-अपने घर पहुंच गए। वहीं गांव में गम का माहौल बना हुआ है। इस मामले में रुड़की के सिविल लाइन थाने में वारदात का मुकदमा दर्ज हुआ है। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।
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विलाप करते परिजन। - फोटो : amar ujala
चाचा ने दर्ज कराया हत्या का मुकदमा
कार्तिक के चाचा राजेंद्र सिंह ने रुड़की सिविल लाइन थाने में हत्या का मुकदमा दर्ज कराया है। उन्होंने बताया कि सुबह करीब साढ़े छह बजे हरियाणा के दो कैंटरों में सवार हमलावरों ने कार्तिक पर हमला कर दिया था। उन्होंने बताया कि कार्तिक के सिर में गंभीर चोट आने और खून अधिक बह जाने के कारण भतीजे की मौत हो गई। हमलावर नीली ड्रेस पहने हुए थे।
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सेना के जवान की मौत। - फोटो : amar ujala
सैनिक सम्मान के साथ अंतिम संस्कार
सिसौली के श्मशान घाट में मंगलवार देर शाम सैनिक सम्मान के साथ कार्तिक का अंतिम संस्कार कर दिया गया। सेना के जवानों ने मातमी धुन बजाकर अंतिम विदाई दी। उधर, भाकियू अध्यक्ष चौधरी नरेश टिकैत ने भी श्रद्धांजलि दी।
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थाने में हंगामा करते परिजन। - फोटो : amar ujala
एसएसपी विनीत जायसवाल का कहना है कि यह वारदात उत्तराखंड के रुड़की में हुई है। वहीं के सिविल लाइन थाने में वारदात का मुकदमा दर्ज हुआ है। मुजफ्फरनगर में कोई वारदात नहीं हुई है
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