भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत के गांव में बुधवार को उस समय मातम पसर गया जब सूचना आई कि सेना के जवान कार्तिक की हमले में मौत हो गई है। उधर, सूचना मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। जैसे ही यह मनहूस खबर पूरे गांव फैली तो माहौल गमगीन हो गया और कार्तिक के घर पर लोगों का तांता लग गया। परिवार को सांत्वना देने के लिए भाकियू अध्यक्ष नरेश टिकैत भी पहुंचे। इस दौरान परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था और हर कोई उन्हें संभालने की कोशिश कर रहा था।
हरियाणा के कांवड़ियों के हमले में गई कार्तिक की जान
बताया गया कि उत्तराखंड के रुड़की और मंगलौर के बीच हरियाणा के कांवड़ियों के हमले में कार्तिक की जान गई है। कार्तिक दो दिन पहले ही कांवड़ लाने के लिए छुट्टी लेकर आया था। उसकी तैनाती गुजरात के जामनगर में थी। वह हंसते हुए घर से गंगाजल लाने के लिए रवाना हुआ था लेकिन किसी को क्या पता की बेटा अब कभी भी लौटकर नहीं आएगा।