मदरसा जामिया एहसान-उल-बनात गर्ल्स इंटर कॉलेज पर कौमार्य सर्टिफिकेट मांगने का आरोप लगाने वाली छात्रा और उसके पिता ने सोमवार को मजिस्ट्रेट के समक्ष कलमबंद बयान दर्ज कराए हैं। इस मामले में पाकबड़ा पुलिस ने भी घटना के संबंध में धारा 180 के तहत पिता और बेटी के बयान लिए हैंं।
चंडीगढ़ में टेलर का काम करने वाले मूल रूप से झारखंड निवासी व्यक्ति ने बीते शुक्रवार को पाकबड़ा थाने में केस दर्ज कराया था। जिसमें दिल्ली रोड लोधीपुर सीएनजी पंप के पास मिलक पल्लूपुरा स्थित एआईए एजुकेशनल सोसाइटी की ओर से संचालित मदरसा जामिया एहसान-उल-बनात गर्ल्स इंटर कॉलेज की प्रधानाचार्या रहनुमा, एडमिशन सेल इंचार्ज मोहम्मद शाहजहां और अन्य स्टाफ को आरोपी बनाया था।
शिकायतकर्ता ने बताया है कि उसने अपनी 13 वर्षीय बेटी का 2024 में मदरसा जामिया एहसान-उल-बनात गर्ल्स इंटर कॉलेज में कक्षा सात में दाखिला कराया था। बेटी के सातवीं कक्षा पास करने पर पिता 16 जुलाई 2025 को उसको लेकर चंडीगढ़ गया था।
बाद में 21 अगस्त 2025 को जब उसकी पत्नी बेटी को लेकर मदरसे में दाखिला कराने पहुंची तो प्रधानाचार्या रहनुमा और एडमिशन सेल प्रभारी मोहम्मद शाहजहां ने पहले कौमार्य सर्टिफिकेट की मांग की। बोला कि पहले सर्टिफिकेट लाओ तभी कॉलेज में प्रवेश मिलेगा।