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आस्था का सागर: रग-रग में उमंग, पग-पग श्रद्धा की तरंग... भगवा रंग में रंगा दिखा शहर, भव्य नजारा; देखें तस्वीरें

Mon, 12 Aug 2024 03:09 PM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, मुरादाबाद
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kanwar yatra - फोटो : अमर उजाला
मुरादाबाद में आसमान में घिरे बादल, रिमझिम बरसती फुहारें, रंग-बिरंगी सजी कांवड़ें, गंगाजल भरे हुए कलश को लेकर चलते कांवड़िए, भोलेनाथ की झांकियों को खींचते श्रद्धालु, डीजे पर बजते भजन, भंडारों में नृत्य करते शिव-पार्वती, राधा-कृष्ण के स्वरूप, वातावरण में घुली पकवानों की महक, कांवड़ियों की सेवा करते भंडारों में सेवादार कुछ ऐसे ही भव्य नजारे रविवार को दिल्ली रोड पर देखने को मिले। सुबह तड़के से शुरू हुआ कांवड़ियों का सैलाब देर रात तक जारी रहा।  सावन के चौथे सोमवार को भोलेनाथ का जलाभिषेक करने के लिए सड़कों पर भगवा रंग का जन सैलाब उमड़ पड़ा। भोले बाबा के जयकारों से शहर गूंज रहा था। चारों तरफ भोले के भक्तों की टोलियां नजर आ रही थीं। 
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kanwar yatra - फोटो : अमर उजाला
दिल्ली रोड पर सुबह से रात भर पैर रखने तक के लिए जगह नहीं मिली। जिधर भी नजर जा रही थी, भोले के भक्तों का सैलाब दिखाई दे रहा था। कदम-कदम पर लगे शिविरों में प्रसाद ग्रहण करने के लिए भक्तों का हुजूम एकत्र हो गया। डीजे पर भोलेनाथ के भजन बजते रहे और झांकियां मन मोह रही थीं। शिव-पार्वती के स्वरूपों ने जमकर नृत्य किया। खड़ेश्वरी कांवड़ के साथ डाक कावड़ और बैकुंठी कांवड़ की धूम रही। भोले बाबा की बारात में युवा ही नहीं, बल्कि बच्चे, बुजुर्ग, महिलाओं और दिव्यांग व्यक्तियों का उत्साह भी देखने लायक था। श्रद्धालुओं के उल्लास की स्थिति यह थी कि राहगीरों को लोकोशेड पुल से गांगन पुल तक पहुंचने में ही दो से तीन घंटे का समय लग गया। 

 
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kanwar yatra - फोटो : अमर उजाला
मुरादाबाद में चौथे सोमवार को हरिद्वार और ब्रजघाट से गंगाजल लाकर भोलेबाबा का जलाभिषेक करने का चलन है। इसके लिए शुक्रवार से शनिवार सुबह तक शहर की प्रत्येक कालोनी से कांवड़ियों का जत्था निकला था। परिवार की महिलाओं ने रोली-तिलक लगाकर उन्हें विदा किया। शनिवार रात से ही उनका लौटना शुरू हो गया था। रविवार दोपहर बाद कांठ रोड़ पर कांवड़ियों की संख्या कुछ कम हो गई, लेकिन दिल्ली रोड़ पर देर रात तक लाइन लगी रही। डीजे पर बजते भजन उनके उत्साह को दोगुना कर रहे थे। इसमें मौसम ने भी उनका पूरा सहयोग किया। 

 

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मुरादाबाद से गुजरते कांवड़िये - फोटो : अमर उजाला
इसकी वजह से उनके कदमों में थकान नहीं थी। हर दस से 15 मीटर की दूरी पर एक भोले का बेड़ा था। प्रत्येक बेड़े में 50 से 60 सदस्यों का जत्था था। कंधे पर कांवड़, पैरों में घुंघरू और तन पर भगवा वस्त्र पहने भक्त भोले की भक्ति में झूमते हुए अपने गंतव्य को गए। कांवड़ियों के नंगे पैरों में कंकड़-पत्थर चुभ रहे हैं, लेकिन शिवशंकर की धुन में वह यह दर्द भी हंसते-हंसते सहकर आगे बढ़ रहे हैं। 

 
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kanwar yatra - फोटो : अमर उजाला
सावन मास के चौथे सोमवार पर मंदिरों में भगवान शंकर का जलाभिषेक किया जाएगा। हरिद्वार और ब्रजघाट से गगरी में जल भरकर लाए कांवड़िया गंगाजल और पंच द्रव्यों से गंगाधर का अभिषेक किया। वहीं रविवार को दिन भर कांवड़ियों के जत्थों के पहुंचने का क्रम जारी रहा। पूरा शहर भगवा रंग में रंगा दिखाई दिया। भोले के जयकारों से वातावरण शिवमय हो गया था। 

 
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kanwar yatra - फोटो : अमर उजाला
खुद खींची भगवान की झांकी 
कावंड़ के अलावा श्रद्धालुओं ने वाहनों पर भी झांकियां सजाई थीं। ठेले और बुग्गी पर रुई के माध्यम से आकर्षक शिवलिंग बनाए गए थे। इसको उन्होंने फूल, झालर, गुब्बारे आदि से सजाया था। भोले के भक्तों ने खुद ही नंदी बनकर झांकी को खींचा। 


 
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kanwar yatra - फोटो : अमर उजाला
तिरंगा से देशभक्ति का संदेश 
भक्तिभाव में डूबे श्रद्धालु कांवड़ यात्रा में देशभक्ति का संदेश भी दे रहे हैं। उनकी कांवड़ से लेकर ट्रैक्टर, बाइक, साइकिल और ट्रक पर सजे बेड़े में तिरंगा लगाकर चल रहे हैं। छोटे से बड़े तिरंगा की वजह से माहौल देशभक्ति का बन रहा है। 

 

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kanwar yatra - फोटो : अमर उजाला
मन मोह रहीं झांकियां 
पाकबड़ा से लेकर रामपुर रोड़ तक शिविरों की धूम रही। यहां पर भोले के भक्तों के लिए नाश्ता, भोजन की पूरी व्यवस्था थी। बीमार होने पर भोले के भक्तों के लिए उपचार का प्रबंध किया गया था। इसके अलावा शिव परिवार और मातारानी की झांकियां मन मोह रही थीं। भजनों पर भोलेनाथ, माता पार्वती, मां काली, राधा-कृष्ण के स्वरूप नृत्य कर रहे थीं। बेड़े में बच्चे भी भगवान के स्वरूप में मन मोह रहे थे। 

 

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kanwar yatra - फोटो : अमर उजाला
जीरो प्वाइंट पर किया स्वागत 
ब्रजघाट से गंगाजल लेकर झूमते और थिरकते हुए कांवड़िये जीरो प्वाइंट पाकबड़ा पर पहुंचे। यहां पर उनके स्वागत के लिए घर की महिलाएं और बच्चे मौजूद थीं। इसके बाद उन्होंने कांवड़ को खुद उठा लिया और बेड़े के साथ भोले के भजनों पर थिरकते हुए मंदिर तक पहुंचीं। 

 

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kanwar yatra - फोटो : अमर उजाला
सेल्फी और वीडियो का रहा क्रेज 
झांकियों को देखने के लिए क्षेत्रवासियों का सुबह से ही आगमन शुरू हो गया था। फिल्मी गानों की धुन पर बज रहे भजनों से वातावरण भक्तिमय हो रहा था। इसके बाद भगवान के स्वरूपों के नृत्य को देखने के लिए श्रद्धालुओं के कदम ठहर गए। वाहनों को रोककर उन्होंने सेल्फी और वीडियो बनाई। 

 
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kanwar yatra - फोटो : अमर उजाला
ठहर गया चौधरी चरण सिंह चौक 
सबसे ज्यादा भीड़ चौधरी चरण सिंह चौक पर थी। यहां पर एक के बाद एक बड़े शिविर लगे हुए थे। नगर निगम के शिविर के अलावा महादेव सेवा समिति की ओर से लगे भंडारे में बर्फ की सिल्ली से बना 12 फीट ऊंचा हिमलिंग आकर्षण का मुख्य केंद्र था। बाबा बर्फानी गुफा के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ रही। मनमोहक झांकियां व अन्य कलाकारों द्वारा शिव भजनों का गुणगान किया। भक्तों के दर्शन के लिए बैरीकेडिंग की व्यवस्था की गई थी। इसके पास ही बारी-बारी से भगवान के स्वरूप नृत्य कर रहे थे। पुलिस प्रशासन की व्यवस्था के बावजूद यहां पर यातायात ठहर गया था।
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