रामकेश हत्याकांड
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लगातार बंद आ रहा था अमृता का मोबाइल फोन
शक के आधार पर पुलिस ने अमृता के मोबाइल की सीडीआर निकलवाई। उसका मोबाइल लगातार बंद आ रहा था। इंस्पेक्टर पंकज तोमर की टीम ने अमृता की तलाश शुरू की। पीतलनगरी, मुरादाबाद में उसके घर, रिश्तेदारों के यहां छापे मारे गए। जांच में पता चला कि अमृता दिल्ली के छतरपुर में छिपी है। टीम वहां पहुंची तो वह निकल गई। बाद में 18 अक्तूबर को अमृता को मुरादाबाद से दबोच लिया गया। उससे पूछताछ के बाद हत्याकांड से पर्दा उठ गया। बाद में 21 को मुरादाबाद से ही सुमित कश्यप और 23 अक्तूबर को संदीप कुमार को दबोच लिया गया। तीनों को दो-दो दिन की पुलिस रिमांड पर लिया गया। बाद में अदालत में पेश कर इनको जेल भेज दिया गया।