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हिंसा से वीरान हुआ संभल: अफवाह की आग में जले कारोबारियों के सपने, बाजारों से रौनक गायब... गलियों में पसरा मातम

Fri, 29 Nov 2024 06:13 PM IST
विमल शर्मा अमर उजाला नेटवर्क/ एजेंसी, मुरादाबाद/ संभल

सार

सांप्रदायिक हिंसा के बाद संभल के लोग शांति और सामान्य स्थिति की वापसी की उम्मीद कर रहे हैं। मस्जिद के सर्वे को लेकर हुए विवाद में पांच लोगों की मौत और व्यापार को भारी नुकसान हुआ। स्थानीय निवासी अब मिलकर संभल को फिर से प्रगति की राह पर लाने की कोशिश कर रहे हैं।
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Sambhal Violence - फोटो : अमर उजाला

सांप्रदायिक तनाव और हिंसा से जूझने के बाद संभल के लोग अब शांति और सामान्य स्थिति की वापसी की उम्मीद कर रहे हैं। अदालत के आदेश पर शाही जामा मस्जिद का सर्वे कराए जाने के बाद भड़की हिंसा के कारण यह छोटा सा शहर राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का केंद्र बन गया।

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संभल में बवाल - फोटो : अमर उजाला
19 नवंबर को संभल की एक अदालत ने मस्जिद का सर्वे कराने का आदेश दिया था। याचिका में दावा किया गया कि मस्जिद के स्थान पर पहले एक हरिहर मंदिर था। जिसे 1526 में मुगल शासक बाबर ने ध्वस्त कर मस्जिद बनवाई थी। इसके बाद 24 नवंबर को मस्जिद के पास प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच झड़पें हुईं।
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Sambhal Violence - फोटो : अमर उजाला
पत्थरबाजी और आगजनी में पांच लोगों की मौत हो गई और बीस लोग लोग घायल हुए, जिनमें पुलिसकर्मी भी शामिल हैं। जामा मस्जिद के प्रमुख जफर अली ने कहा कि हमने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की थी। शुक्रवार की नमाज शांति से पूरी हुई। यह हमारा प्रयास रहेगा कि आगे भी शांति कायम रहे।

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Sambhal Violence - फोटो : अमर उजाला
नमाज के दौरान मस्जिद के आसपास सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। मस्जिद और उसके आसपास अतिरिक्त सीसीटीवी कैमरे लगाए गए और ड्रोन के जरिए निगरानी की गई। पुलिस बल को संवेदनशील इलाकों और मुख्य मार्गों पर तैनात किया गया, ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके। हिंसा के बाद संभल का व्यापार बुरी तरह प्रभावित हुआ है।
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sambhal jama masjid controversy - फोटो : अमर उजाला

स्पेयर पार्ट्स व्यापारी मशहाद हुसैन ने बताया कि पिछले कई दिनों से व्यापार पूरी तरह से बंद है। लोग दुकान पर आते हैं लेकिन कुछ खरीदते नहीं। अल्लाह का शुक्र है कि आज की नमाज शांति से हुई। अब उम्मीद है कि हालात सुधरेंगे और काम फिर से शुरू होगा। सर्राफा बाजार मस्जिद से महज आधा किलोमीटर की दूरी पर है। हिंसा के बाद यह इलाका सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ है।

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जामा मस्जिद में नमाज के बाद बाहर आते लोग - फोटो : संवाद

सर्राफा व्यापारी अजय कुमार गुप्ता ने कहा कि शादी के सीजन के बावजूद चार दिनों में सिर्फ तीन ग्राहक आए। करोड़ों रुपये का नुकसान हो चुका है। इसी तरह इलेक्ट्रॉनिक्स दुकानदार कुशानवाज ने बताया कि पूरे दिन खाली बैठे रहते हैं। ग्राहक बिल्कुल नहीं आ रहे। इस हिंसा ने हमारी आजीविका पर बुरा असर डाला है।

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चंदाैसी में कोर्ट परिसर में बढ़ाई गई सुूरक्षा - फोटो : संवाद
शाही जामा मस्जिद समिति ने सर्वे के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। सुप्रीम कोर्ट ने निचली अदालत की कार्यवाही पर अस्थायी रोक लगा दी है। उत्तर प्रदेश सरकार को आदेश दिया है कि संभल में शांति और सद्भाव बनाए रखा जाए। साथ ही, मस्जिद समिति की याचिका को तीन दिनों के भीतर इलाहाबाद हाई कोर्ट में सूचीबद्ध करने का आदेश दिया गया है।
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संभल हिंसा के आरोपी - फोटो : संवाद
स्थानीय निवासी विकास वर्मा शिक्षक है उन्होंने बताया कि संभल के लोग इन घटनाओं से बेहद दुखी हैं। अब हम सब मिलकर शांति और प्रगति की ओर बढ़ने की कोशिश करेंगे। हमें उम्मीद है कि संभल जल्द ही अपने पुराने रूप में लौटेगा। जिला प्रशासन और पुलिस हालात पर कड़ी नजर बनाए हुए हैं। संभल के लोग इस मुश्किल समय के बाद फिर से शांति और सामंजस्य के माहौल में लौटने की आशा कर रहे हैं।
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