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UP: 'हमें अब इंसाफ की उम्मीद..', गम से उबर नहीं पा रहे हैं संभल बवाल में जान गंवाने वालों के परिजन, पढ़ें दर्द

Mon, 24 Nov 2025 02:54 PM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, संभल

सार

संभल बवाल में जान गंवाने वालों के परिजन गम से उबर नहीं पा रहे हैं। परिजन को अब इंसाफ मिलने का इंतजार है। जामा मस्जिद सर्वे के दौरान हुए बवाल में पांच लोगों की जान गई थी।
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संभल हिंसा में जान गंवाने वाले युवा - फोटो : अमर उजाला
संभल में जामा मस्जिद बवाल के दौरान जिन पांच लोगों की जान गई, उसमें रोमान के परिवार ने तो घटना के समय ही कार्रवाई से इन्कार कर दिया था। अभी भी वह इस मामले में कोई बात करना नहीं चाहते हैं। लेकिन मोहल्ला कोट निवासी नईम, सरायतरीन निवासी बिलाल, तुर्तीपुर इल्हा निवासी कैफ और कोटगर्वी निवासी अयान के परिजन इंसाफ चाहते हैं। 

इन चार मृतकों के परिजनों का कहना है कि अदालत से इंसाफ मिलेगा। इसकी पूरी उम्मीद है। इसके लिए प्रयास भी कर रहे हैं। अब इंसाफ मिलने का इंतजार है।
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संभल हिंसा को एक साल पूरा - फोटो : संवाद
अयान के भाई कामिल का कहना है कि हमने जो देखा और जो हमारे भाई के साथ हुआ। इसका बयान अदालत में दर्ज करा चुके हैं। हमें उम्मीद है कि एक दिन अदालत से जरूर इंसाफ मिलेगा। बताया कि सात भाइयों में अयान सबसे छोटा था और होटल पर वेटर का काम करता था। मां नफीसा बेटे की मौत के बाद से ही बीमार रहती हैं।
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संभल हिंसा को एक साल पूरा - फोटो : संवाद
'मेरा बेटा तो खिलौने बेचने के लिए निकला था'
कैफ के पिता मोहम्मद हुसैन का कहना है कि मेरा बेटा तो खिलौने बेचने के लिए निकला था लेकिन उसकी मौत की खबर मिली। मायूस पिता का कहना है कि हमें अब अदालत से ही इंसाफ मिलने की उम्मीद है।

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संभल हिंसा की निगरानी - फोटो : संवाद
मोहल्ला कोटगर्वी निवासी नईम के छोटे भाई तसलीम का कहना है कि मेरे बड़े भाई तो मिठाई की दुकान चलाते थे। बवाल के दिन रिफाइंड का टीन लेने के लिए निकले थे लेकिन उनकी हत्या कर दी गई। बताया कि उनके चार छोटे बच्चे हैं और पत्नी हैं।
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संभल हिंसा के एक साल पर कड़ी सुरक्षा - फोटो : संवाद
'हमें इंसाफ मिले इसके लिए अदालत पर भरोसा है'
नईम की मौत के बाद से पूरा परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट गया है। बताया कि अब हमें इंसाफ अदालत से मिलेगा। इसकी पूरी उम्मीद है। बिलाल संभल में बच्चों के कपड़े बेचता था। उसके भाई सलमान का कहना है कि भाई तो दुकान पर जाने के लिए निकला था। उसको गोली मार दी। हमें इंसाफ मिले इसके लिए अदालत पर भरोसा है।
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संभल हिंसा - फोटो : संवाद
सूझबूझ दिखाकर बवाल फैलने से रोकने में एसपी को मिला है सीएम मेडल
बवाल करीब चार घंटे तक शहर में हुआ था। यह बवाल सांप्रदायिक रूप न ले इसको लेकर एसपी कृष्ण कुमार विश्नोई ने काफी सूझबूझ दिखाई और दूसरे समुदाय के लोग जिन इलाके में रहते हैं वहां फोर्स तैनात कराया। इसके बाद हालात पर काबू पाया। इसको शासन ने भी सराहा है। एसपी को मुख्यमंत्री द्वारा मेडल देकर सम्मानित किया गया है। 
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संभल शहर का नजारा - फोटो : संवाद
एसपी ने फोर्स का नेतृत्व खुद संभाला था। जामा मस्जिद पर बवाल काबू होने के बाद हिंदूपुरा खेड़ा इलाके में तो उनपर गोली चलाई गई थी। जिसमें वो बाल-बाल बचे थे। इस सब के बाद भी एसपी ने फोर्स की हिम्मत कम नहीं होने दी। इसका असर ये रहा कि हालत पर काबू पा लिए गए और शहर में शांति कायम हो सकी।
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