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Sambhal Riots: एक अफवाह... और फिर भड़क उठा था दंगा, 1978 में संभल में दो माह रहा था कर्फ्यू; जानें पूरा मामला

Tue, 17 Dec 2024 02:48 PM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, संभल

सार

Sambhal Voilence News: संभल में एक अफवाह को हवा मिलने से दंगा भड़क उठा था। 1978 में संभल में दो माह कर्फ्यू रहा था। इस दंगे में शहर जल उठा था। शहर में दोनों समुदायों के बीच तनावपूर्ण स्थिति बनी रही थी। 
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Sambhal Riots - फोटो : अमर उजाला
साल 1976 में संभल में मस्जिद के इमाम की हत्या के बाद बवाल हो गया था। उस वक्त प्रशासन ने हालात काबू कर लिया था। लेकिन शहर में तनाव बरकरार था। वर्ष 1977 में चुनाव हारने वाले मुस्लिम लीग के नेता मंजर शफी 29 मार्च 1978 को तत्कालीन एसडीएम से किसी काम सिलसिले में मिलने गए थे। लेकिन एसडीएम ने उन्हें कोई तवज्जों नहीं दी। उस वक्त एसडीएम पुरानी तहसील में बैठते थे। यहां से निकलने के बाद वह हंगामा करते हुए बाजार की ओर बढ़ने लगे। तभी कोतवाली के पास कोतवाल ने उन्हें रोक दिया। 
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संभल में माैजूद पुलिस बल - फोटो : संवाद
इसके बाद भड़के मंजर शफी ने दुकान बंद करानी शुरू कर दी थी। पुलिस ने सख्ती दिखाई तो हिंदू व्यापारी भी मंजर शफी के विरोध में खड़े हो गए। मारपीट के हालात बनने पर मंजर के साथी उन्हें छोड़कर मौके से भाग निकले। इन्हीं साथियों ने नेता के मारे जाने की अफवाह फैला दी। इसके बाद दंगा भड़क गया। दुकानों में लूटपाट, पथराव, आगजनी शुरू हो गई। देखते ही देखते पूरा शहर जल उठा था।
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संभल में तैनात पुलिस बल - फोटो : संवाद
संभल में दो महीने रहा था कर्फ्यू
संभल में वर्ष 1978 का दंगा 29 मार्च को हुआ था। इस दंगे में शहर जल उठा था। हालात को संभालने के लिए प्रशासन ने कर्फ्यू लगा दिया था। फिर भी शहर में दोनों समुदायों के बीच तनावपूर्ण स्थिति बनी रही। ऐसी स्थिति में कर्फ्यू का अंतराल बढ़ता गया। संभल में दो महीने तक तक कर्फ्यू लगा रहा।

 

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संभल में हिंसा के बाद स्थिति - फोटो : संवाद
दर्ज हुई थीं 169 एफआईआर
 संभल में बंद मंदिर मिलने के बाद 1978 का दंगा फिर से चर्चाओं में आ गया है। जानकार बताते हैं दंगे में कई लोग मारे गए थे। इस दंगे में करीब 169 मुकदमे दर्ज किए गए थे। इसमें तीन एफआईआर पुलिस की ओर से दर्ज करा गए थे।
 
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संभल में बवाल - फोटो : संवाद
46 साल बाद फिर खुलेगी संभल दंगे की फाइल
संभल में 46 साल पहले हुए दंगे की फाइल फिर खुलेगी। मुख्यमंत्री के वक्तव्य के बाद अधिकारी सक्रिय हो गए हैं। कमिश्नर आंजनेय कुमार सिंह ने संभल जिले के अधिकारियों से दंगे से जुड़ी फाइलें मांगी हैं। मामले में अब तक की प्रगति रिपोर्ट भी तलब की गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विधानसभा में संभल दंगे पर वक्तव्य दिया। कहा कि 1947 से लेकर अभी तक संभल में 209 हिंदुओं की जान दंगों के चलते गई है। संभल में 29 मार्च 1978 को दंगे के दौरान आगजनी की घटनाएं हुई थीं। 
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संभल में हिंसा - फोटो : संवाद
इस घटना में कई हिंदू मारे गए। भय के चलते 40 रस्तोगी परिवारों को घर छोड़कर भागना पड़ा। पलायन के गवाह अभी मौजूद हैं। मंदिर में कोई पूजा करने वाला बचा नहीं था। घटना के 46 साल बाद अभी तक किसी को सजा तक नहीं मिली। प्रशासन और स्थानीय लोगों की सक्रियता से 46 साल से बंद मंदिर के पट खुले। मुख्यमंत्री के वक्तव्य के बाद प्रशासनिक अधिकारी सक्रिय हो गए हैं। 

 
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संभल में अतिक्रमण हटाओ अभियान के दाैरान अधिकारी - फोटो : संवाद
कमिश्नर का कहना है कि इस बारे में किस स्तर पर चूक हुई है, यह जानने के लिए दंगे से जुड़ी फाइलें मंगाई गई हैं। दंगे के मामले में गवाहों को कितनी बार पेश किया गया। अदालत के वारंट की स्थिति क्या रही। साक्ष्यों को इकट्ठा करने में किस स्तर पर लापरवाही बरती गई है। फाइलें देखने के बाद इस सभी बिंदुओं की समीक्षा की जाएगी। उसके बाद आगे की कार्रवाई होगी।

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