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Sambhal violence: मास्टरमाइंड शारिक साठा की गिरफ्तारी को ली जाएगी इंटरपोल की मदद, बवाल से बदला सुरक्षा ढांचा

Sat, 08 Aug 2026 04:02 PM IST
Sharukh Khan अमर उजाला नेटवर्क, संभल

सार

संभल हिंसा के मास्टरमाइंड शारिक साठा की गिरफ्तारी के लिए इंटरपोल की मदद ली जाएगी। शारिक साठा के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस की तैयारी है। एसपी ने कहा कि इंटरपोल की मदद लेंगे। लुकआउट नोटिस  जारी हो चुका है।
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संभल हिंसा का मुख्य आरोपी शरिक साटा - फोटो : संवाद
संभल शहर की जामा मस्जिद के सर्वे के दौरान 24 नवंबर 2024 को शहर में हुई हिंसा के मुख्य साजिशकर्ताओं में शामिल शारिक साठा की गिरफ्तारी के लिए पुलिस रेड कॉर्नर नोटिस की तैयारी में है। एसपी कृष्ण कुमार विश्नोई ने बताया कि इसके लिए इंटरपोल की मदद ली जाएगी। पूर्व के प्रयासों में उसकी गिरफ्तारी न होने पर उसे भगोड़ा घोषित करने के साथ लुकआउट नोटिस जारी किया जा चुका है।

संभल बवाल पर केंद्रित न्यायिक जांच आयोग की रिपोर्ट विधानमंडल में पेश होने के बाद पुलिस ने इस मामले में फिर तेजी पकड़ ली है। बवाल के बाद पुलिस ने धर-पकड़ अभियान चलाते हुए कई गिरफ्तारियां की थीं।  बाद में एसआईटी ने पूरे मामले की जांच की तो शारिक साठा को इस मामले का मुख्य साजिशकर्ता बताया था। धर-पकड़ अभियान में शारिक साठा गिरोह के मुल्ला अफरोज, गुलाम और वारिस गिरफ्तार हुए थे।

एसपी ने बताया कि एसआईटी की पूछताछ में इन्होंने बवाल के दौरान गोली चलाने की बात स्वीकारने के साथ शारिक साठा को मुख्य साजिशकर्ता बताया था। तब से पुलिस उसकी घेराबंदी में लगी है। उसके दुबई में होने की जानकारी के बाद उसे भगोड़ा घोषित करने के साथ उसके विरुद्ध लुकआउट नोटिस जारी किया जा चुका है। एसपी ने कहा कि अब इंटरपोल की मदद से रेड कॉर्नर नोटिस जारी कराया जाएगा। ताकि उसे जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जा सके।
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संभल में पथराव (फाइल) - फोटो : अमर उजाला
साठा की दो करोड़ से अधिक की संपत्ति पर हो चुकी कार्रवाई 
पुलिस ने बताया कि बवाल के मुख्य आरोपी के रूप में चिह्नित होने के बाद शारिक साठा की दो करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति को शासन के पक्ष में कराया जा चुका है। यह संपत्ति संभल के दीपा सराय और हिंदूपुरा खेड़ा में थी।
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दीपा सराय का शारिक साठा - फोटो : अमर उजाला
शारिक साठा पर दर्ज हैं 60 मुकदमे 
पुलिस ने बताया कि शारिक साठा सोना और हथियार की तस्करी और नकली नोट के धंधे से जुड़ा है। वह देश के वाहन चोर के रूप में भी कुख्यात है। उसके खिलाफ वाहन चोरी के मामलों समेत कुल 60 मुकदमे दर्ज हैं। उसके खिलाफ पहले ही लुकआउट नोटिस जारी किया जा चुका है।

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हिंसा के मास्टरमाइंड शारिक सट्टा के घर की कुर्की (फाइल) - फोटो : संवाद
बवाल में गई थी पांच की जान
संभल में 24 नवंबर 2024 को हुए बवाल में पांच लोगों की जान गई थी। हालांकि एक परिवार द्वारा युवक के शव का पोस्टमार्टम न कराए जाने से रिकॉर्ड में बवाल में मरने वालों की संख्या चार दर्ज है।
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एसपी संभल कृष्ण कुमार विश्नोई - फोटो : संवाद
बवाल के मुख्य साजिशकर्ता शारिक साठा के खिलाफ लुकआउट नोटिस पहले ही जारी हो चुका है। अब रेड कॉर्नर नोटिस जारी कराने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा। इसके लिए इंटरपोल से मदद ली जाएगी। उसके दुबई में होने की जानकारी मिली है। - कृष्ण कुमार बिश्नोई, एसपी
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Sambhal Violence Action (फाइल) - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
बवाल के बाद सैकड़ों बीघा सरकारी जमीन से हटाए गए कब्जे
संभल जिले में सरकारी जमीनों से अवैध कब्जे हटाने की कार्रवाई लगातार जारी है। प्रशासन 10 हजार बीघा जमीन को खाली करा चुका है। जबकि संभल शहर और आसपास से भी 100 बीघा बेशकीमती जमीन से कब्जे हटाए गए हैं। जिनकी बाजार की कीमत करोड़ों रुपये में है। 24 नवंबर 2024 से पहले जमीनों से कब्जा हटाने के मामले कम ही सामने आते थे। इस बड़े बवाल के बाद पुलिस-प्रशासन सक्रिय हुआ है। इसके परिणामस्वरूप सैकड़ों बीघा सरकारी जमीनों से अवैध कब्जे हटाए गए हैं। संभल में मुरादाबाद मार्ग पर 38 बीघा 101 करोड़ रुपये की ग्राम समाज की जमीन को कब्जा मुक्त कराया गया है।
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संभल हिंसा (फाइल) - फोटो : संवाद
यह जमीन पालिका के तत्कालीन ईओ राजकुमार गुप्ता की मिलीभगत से कब्जा की गई थी। तत्कालीन ईओ को जेल भेजा जा चुका है। इसके अलावा शहर में कई अन्य सरकारी जमीनों से भी कब्जे हटवाए गए हैं। इन जमीनाें पर वर्षों से कब्जे थे। कई मामले अभी भी तहसीलदार और डीएम कोर्ट में लंबित हैं। इन पर भी कब्जा हटवाने की कार्रवाई होनी तय है। प्रशासन की योजना इन खाली हुई जमीनों पर सरकारी भवन बनाने की है। यह कार्रवाई जिले में अवैध कब्जों के खिलाफ एक बड़ी मुहिम का हिस्सा है। पुलिस और प्रशासन ने मिलकर यह अभियान चलाया है। इस अभियान से सरकारी संपत्ति की सुरक्षा सुनिश्चित हुई है।

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संभल हिंसा (फाइल) - फोटो : संवाद
तालाबों से कब्जे हटाने की तैयारी
प्रशासन अब तालाबों पर हुए कब्जों को हटाने की तैयारी कर रहा है। यह भी एक बड़ी चुनौती मानी जा रही है। तालाबों को अतिक्रमण मुक्त करने से जल संरक्षण में मदद मिलेगी। डीएम का कहना है कि जहां भी सरकारी जमीनों या तालाबों पर कब्जे हैं उनको कब्जा मुक्त कराया जाएगा। इसके लिए विशेष अभियान चलाएंगे।
 

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संभल शिव मंदिर के पास से हटाया गया अतिक्रमण (फाइल) - फोटो : संवाद
तीर्थ और कूपों का पुनरुद्धार शुरू हुआ 
संभल शहर और उसके आसपास 68 तीर्थ और 19 कूप हैं। इन तीर्थ और कूप का धार्मिक महत्व है। पुराणों में भी इनका उल्लेख किया गया है। जब प्रशासन ने इन तीर्थ और कूप के पुनरुद्धार के लिए मुहीम शुरू की तो इसमें ज्यादातर कूप और तीर्थ विलुप्त हो चुके थे। विशेष अभियान चलाकर कूप कब्जा मुक्त कराए गए और तीर्थों पर पर्यटन विभाग और पालिका की वंदन योजना के अंतर्गत पुनरुद्धार शुरू कराया गया है। इसमें कई कूप ऐसे थे जिनको लोगों ने अपने घरों में शामिल कर दिया था।

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संभल में मिली मूर्तियां (फाइल) - फोटो : संवाद
सरकारी जमीनों पर जो कब्जे थे, उनको हटाने की कार्रवाई लगातार जारी है। 10 हजार बीघा से ज्यादा जमीनों से कब्जे हटा दिए गए हैं। जो कब्जे चिह्नित हैं, उनको भी हटवाया जाएगा। तालाबों के लिए भी विशेष अभियान चलवाएंगे। तीर्थ और कूप के पुनरुद्धार का कार्य लगातार जारी है। - अंकित खंडेलवाल, डीएम, संभल

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संभल की कसेरुआ में अवैध अतिक्रमण को तोड़ा गया (फाइल) - फोटो : संवाद
बवाल से बदला सुरक्षा ढांचा, थाने-चौकी बढ़े, चप्पे-चप्पे पर कैमरे
24 नवंबर 2024 को हुए बवाल ने पुलिस और प्रशासन को एक बड़ा सबक सिखाया था। जामा मस्जिद तक सैकड़ों लोगों की भीड़ का जमा होना एक बड़ी खुफिया चूक थी। इस घटना ने शहर की सुरक्षा व्यवस्था में सुधार की जरूरत को उजागर किया था। इसके बाद चेते अधिकारियों ने सीसीटीवी कैमरे लगाने का निर्णय लिया था। साथ ही पुलिस चौकियों और अतिरिक्त पुलिस की तैनाती की गई। अब जामा मस्जिद के नजदीक आरआरएफ और पीएसी के जवान मुस्तैद रहते हैं। सत्यव्रत पुलिस चौकी का भी निर्माण इस बवाल के बाद ही किया गया था।

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संभल में ड्रोन से निगरानी (फाइल) - फोटो : संवाद
नगर पालिका ने दो करोड़ रुपये से ज्यादा लागत से 220 सीसीटीवी कैमरे लगवाए हैं। इसमें ज्यादातर कैमरे शहर के उन हिस्से में लगाए गए हैं जहां से भीड़ जामा मस्जिद तक पहुंची थी। इसमें जामा मस्जिद के आसपास मोहल्ला कोटगर्वी और हिंदूपुरा खेड़ा, नखासा, दीपा सराय और बाजार शामिल है। इन इलाके से होकर ही भीड़ जमा हुई थी और बड़ा बवाल हो गया था।

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सत्यव्रत पुलिस चाैकी - फोटो : संवाद
एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई ने बताया कि बवाल के बाद से शहर में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया गया है। भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए पूरी तैयारी की है। जामा मस्जिद के नजदीक आरएएफ और पीएसी के जवान मुस्तैद रहते हैं। इन जवानों की तैनाती से क्षेत्र में शांति और व्यवस्था बनाए रखने में मदद मिल रही है। हिंदूपुरा खेड़ा और नखासा जैसे संवेदनशील इलाकों में भी विशेष निगरानी रखी जा रही है। इन क्षेत्रों में सीसीटीवी कैमरों से लगातार गतिविधियों पर नजर रखी जाती है। 

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सत्यव्रत पुलिस चाैकी में कंट्रोल रूम शुरू (फाइल) - फोटो : संवाद
साठा की जमीन पर बनेगा सीओ  कार्यालय
हिंदूपुरा खेड़ा इलाके में सीओ असमोली का कार्यालय स्थापित किया जाएगा। यह कार्यालय शारिक साठा की जब्त की गई संपत्ति की जमीन पर बनाया जाएगा। इस कार्यालय के निर्माण की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। यह कदम स्थानीय स्तर पर प्रशासनिक नियंत्रण को मजबूत करेगा। इस इलाके में सुरक्षा बढ़ जाएगी। मालूम हो इस इलाके में पुलिस-प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों पर भी भीड़ ने हमला किया था। इसमें एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई पर भी गोली चली थी। हालांकि वह बाल-बाल बच गए थे। आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया था।

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संभल पुलिस - फोटो : संवाद
रायसत्ती थाना व 5 चौकियां बनाई गईं
बवाल के बाद ही रायसत्ती थाना स्थापित किया गया। इसके अलावा जामा मस्जिद के नजदीक सत्यव्रत पुलिस चौकी, भोलेश्वर पुलिस चौकी, देहपा पुलिस चौकी, दीपा सराय, हिंदूपुरा खेड़ा पुलिस चौकी को स्थापित किया गया है। इन पुलिस चौकियों में अतिरिक्त फोर्स रहती है।
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संभल में हिंसा के बाद शांति (फाइल) - फोटो : संवाद
बवाल के बाद से शहर में लगातार सुरक्षा बढ़ाई गई है। जहां बवाल उपद्रवियों ने किया था, वहां हर गतिविधि की निगरानी की जाती है। पांच कंट्रोल रूम से निगरानी होती है। शहर में मजबूत सुरक्षा व्यवस्था है। - कृष्ण कुमार बिश्नोई, एसपी
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