बीएसए और सहायक अध्यापक दंपती के उत्पीड़न से परेशान होकर कंपोजिट विद्यालय सुल्तानठेर के प्रधानाध्यापक संजीव कुमार (52) ने मंगलवार की सुबह अपने ही स्कूल में फंदे पर लटक कर जान दे दी। उन्होंने सुसाइड नोट में अपनी मौत के लिए बीएसए और सहायक अध्यापक दंपती को ठहराया है।
पुलिस ने बीएसए और शिक्षक दंपती के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है। मृतक संजीव कुमार मूलरूप से बछरायूं थानाक्षेत्र के जमानाबाद गांव के रहने वाले थे। वर्तमान में वह अपनी पत्नी गीता देवी और दो बेटों के साथ गजरौला के सैफीनगर में रहते थे।
2011 से संजीव कुमार सुल्तानठेर के परिषदीय विद्यालय में सहायक अध्यापक के पद पर तैनात थे। 2019 में यह स्कूल कंपोजिट विद्यालय हो गया। इसके बाद वह इसी विद्यालय में प्रधानाध्यापक बने थे।
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मौके जांच करते अफसर
- फोटो : अमर उजाला
विद्यालय में संजीव कुमार के अलावा दो शिक्षामित्र, एक अनुदेशक समेत 12 शिक्षक तैनात हैं। यहीं पर राघवेंद्र सिंह और उनकी पत्नी सरिता सिंह सहायक अध्यापक के पद पर तैनात हैं। एक अक्तूबर से स्कूल आने का समय नौ बजे था, लेकिन संजीव कुमार सुबह सात बजे ही आ गए थे। उन्होंने अपने ही कक्ष में मेज पर खड़े होकर छत में लगे कुंडे में प्लास्टिक की रस्सी के सहारे फंदे पर लटक कर आत्महत्या कर ली।
घटना का पता तब चला जब सुबह 8:30 बजे सहायक अध्यापक प्रदीप सिरोही स्कूल पहुंचे। सूचना पर ग्राम प्रधान और पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंच गए। प्रधानाध्यापक संजीव कुमार के शव के पास दो पेज का सुसाइड नोट और एक रजिस्टर भी मिला है।
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प्रधानाध्यापक संजीव कुमार का फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
अप्रैल 2019 से झेल रहा हूं इनकी दबंगई
मैं संजीव कुमार इंचार्ज अध्यापक कंपोजिट विद्यालय सुल्तानठेर गजरौला अमरोहा। मैं राघवेंद्र सिंह व सरिता सिंह एवं बीएसए मैडम से दुखी होकर आज दिनांक 1 अक्तूबर 2024 को आत्महत्या कर रहा हूं। चोरी वाले ऑफिस में प्रात 8:15 बजे यहां से निकलने, राघवेंद्र सिंह और सरिता के अपमान एवं यातनाएं, गाली-गलौज से तो मरना अच्छा है। मैं इनकी दबंग गिरी 2 अप्रैल 2019 से झेल रहा हूं। मैं इनकी जांच सीबीआई से करना चाहता हूं। मेरी सभी अधिकारियों से हाथ जोड़कर प्रार्थना है कि जांचकर्ता मुरादाबाद मंडल का न हो। क्योंकि इनकी दबंग गिरी पूरे मंडल में चलती है। सारी दास्तां सुसाइड रजिस्टर में लिखी है जो 18 पेज का है। जब तक डीएम साहिबा एवं बीएसए मैडम न आएं तब तक मेरी बॉडी को छूना नहीं। मेरे पास विद्यालय का कोई भी समान नहीं है। दोनों टेबल नई वाली सेफ में रखी हैं। परिमा शर्मा को विद्यालय का इंचार्ज बनाना है। यही सबसे वरिष्ठ अध्यापक हैं। संजीव कुमार इंचार्ज अध्यापक
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मौके पर जमा भीड़
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दूसरे पेज में ये लिखा
मैं संजीव कुमार इंचार्ज अध्यापक कंपोजिट विद्यालय सुल्तानठेर गजरौला अमरोहा एवं समस्त स्टाफ से दुखी होकर मैं आत्महत्या कर रहा हूं। वह भी विद्यालय में ही पुराने ऑफिस में।- संजीव कुमार इंचार्ज अध्यापक
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मौके जांच करते अफसर
- फोटो : अमर उजाला
घटनास्थल पर नहीं पहुंचीं बीएसए, शिक्षक दंपती भी गायब
कंपोजिट विद्यालय में प्रधानाध्यापक संजीव कुमार की मौत की जानकारी मिलने के बाद बीएसए घटनास्थल पर नहीं पहुंचीं। क्योंकि सुसाइड नोट में उनका नाम शामिल है। जबकि सहायक अध्यापक राघवेंद्र सिंह और सरिता सिंह स्कूल तो आए थे, लेकिन जब उन्हें सुसाइड नोट में उनके नाम होने की बात सामने आई तो दोनों ही वहां से भाग निकले। इसके बाद से दोनों लापता हैं। हालांकि बीएसए के निर्देश पर ऑफिस के कर्मचारी मौके पर पहुंचे थे। उन्होंने पूरे मामले की जानकारी ली।
मुख्याध्यापक द्वारा अपने ही स्कूल के कक्ष में आत्महत्या करने का मामला सामने आया है। फिलहाल जांच के लिए एडीएम न्यायिक की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय टीम बनाई गई है। जिसमें सीडीओ, डीआईओएस व एएसपी सदस्य हैं। रजिस्टर व सुसाइड नोट की जांच कराई जा रही है। सुसाइड नोट में उसी स्कूल के दो अध्यापक और बीएसए का जिक्र किया है। क्या कारण रहे, जो मुख्याध्यापक को यह कदम उठाना पड़ा। जांच के बाद स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। -निधि गुप्ता वत्स, डीएम अमरोहा।