रामपुर में पूर्व मंत्री आजम खां और उनके परिजनों के नियंत्रण वाले जौहर ट्रस्ट द्वारा बनवाए गए जौहर विश्वविद्यालय में बड़े पैमाने पर काले धन को खपाया गया था। जौहर यूनिवर्सिटी, ट्रस्ट के पदाधिकारियों, चार्टर्ड अकाउंटेंट और कंपनियों के ठिकानों पर बुधवार को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के छापों में इसका सुराग मिला है।
यूनिवर्सिटी समेत सभी ठिकानों से मिले दस्तावेजों से सरकारी विभागों के धन, सांसद-विधायक निधि के बड़े पैमाने पर दुरुपयोग के प्रमाण भी मिले हैं जिसके बाद आजम खां, संबंधित विभागों के तत्कालीन अधिकारी, ठेकेदार आदि ईडी के रडार पर आ चुके हैं। सूत्रों की मानें तो जौहर यूनिवर्सिटी में सांसद-विधायक निधि के काम कराने वाले छह ठेकेदार निशाने पर हैं।
इन सभी को पूछताछ के लिए नोटिस देकर तलब किया जाएगा। इनमें जल निगम, पीडब्ल्यूडी, ग्राम्य विकास विभाग, संस्कृति विभाग, पिछड़ा वर्ग विभाग, नगर विकास और सिंचाई विभाग शामिल हैं। यह भी पता चला है कि सरकारी धन का इस्तेमाल जिले के विकास कार्यों के लिए होना था जबकि उसे बैंक से नकद निकाल कर जौहर यूनिवर्सिटी के निर्माण कार्यों में खर्च किया गया।
इसके लिए रामपुर के कई निजी कंस्ट्रक्शन फर्मों को अलग-अलग सरकारी ठेके दिलाए गए, हालांकि वह ट्रस्ट की संपत्तियां बनवाते रहे। जौहर एसोसिएट्स और सीके एसोसिएट्स ने सरकारी अनुबंध से मिली करीब 86 करोड़ रुपये की सरकारी रकम का गलत इस्तेमाल किया। इसका कोई हिसाब-किताब भी नहीं रखा।