Gulfam Singh Yadav Murder: जो सिरिंज मौके पर पुलिस ने बरामद की है। उसको सीबीआई की लैब जांच के लिए भेजा जाएगा। उससे यह स्पष्ट हो जाएगा कि सिरिंज में जहर था तो कौनसा था।
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भाजपा नेता की हत्या के बाद विलाप करते परिजन
- फोटो : ANI/अमर उजाला
Sambhal Murder Case: उत्तर प्रदेश के संभल के जुनावई थाना क्षेत्र के गांव दबथरा हिमंचल निवासी भाजपा नेता गुलफाम सिंह यादव की इंजेक्शन लगाकर हत्या करने की थ्योरी उलझ गई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण स्पष्ट नहीं हुआ। शरीर पर सिरिंज का निशान जरूर मिला है। इसलिए पोस्टमार्टम के बाद विसरा सुरक्षित किया गया है। वहीं, दूसरी ओर मौके पर मिली सिरिंज को पुलिस जांच के लिए दिल्ली स्थित सीबीआई लैब भेजेगी। इसमें यह देखा जाएगा कि जहर था या किसी अन्य पदार्थ का इस्तेमाल किया गया। सीबीआई लैब की रिपोर्ट में यह स्पष्ट हो जाएगा कि सिरिंज में किस पदार्थ का इस्तेमाल किया गया।
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भाजपा नेता की हत्या के बाद जांच करती टीम
- फोटो : अमर उजाला
गुलफाम सिंह को सोमवार की दोपहर इंजेक्शन घोंपा गया था। हालत बिगड़ने पर अलीगढ़ ले गए थे जहां मौत हो गई थी। हत्या की रिपोर्ट दर्ज हो गई है। एसपी का कहना है कि सिरिंज का निशान शरीर पर मिला है लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण स्पष्ट नहीं हुआ है। इसलिए विसरा सुरक्षित किया गया है। लैब से जांच होने के बाद मौत का कारण स्पष्ट हो जाएगा।
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पुलिस फोर्स के साथ संभल एसपी
- फोटो : अमर उजाला
वहीं दूसरी ओर जो सिरिंज मौके पर पुलिस ने बरामद की है। उसको सीबीआई की लैब जांच के लिए भेजा जाएगा। उससे यह स्पष्ट हो जाएगा कि सिरिंज में जहर था तो कौनसा था। यदि जहर नहीं था तो फिर किस पदार्थ का इस्तेमाल किया गया। उससे काफी कुछ स्पष्ट होगा और उसके आधार पर कार्रवाई आगे बढ़ेगी।
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BJP Leader Murder
- फोटो : अमर उजाला
सिरिंज को सीबीआई की लैब दिल्ली में भेजा जाएगा। उसकी जांच कराई जाएगी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण स्पष्ट नहीं हुआ है। विसरा रिपोर्ट के आधार पर मौत का कारण स्पष्ट हो सकेगा। -कृष्ण कुमार बिश्नोई, एसपी, संभल
मुलायम सिंह यादव और गुलफाम सिंह यादव की फाइल फोटो
- फोटो : ANI
मुलायम सिंह के खिलाफ लड़ा था चुनाव
भाजपा नेता गुलफाम सिंह 1976 में आरएसएस के जिला कार्यवाहक और बदायूं जनपद में जिला मंत्री के पद पर भी रह चुके थे। वर्ष 2004 में जनता की मांग पर पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव ने गुन्नौर विधानसभा से चुनाव लड़ा था। चुनाव के दौरान भारतीय जनता पार्टी ने गुलफाम सिंह यादव को पूर्व मुख्यमंत्री के मुकाबले चुनाव मैदान में उतारा था। चुनाव के दौरान सपा से उनके लिए पार्टी में शामिल होकर एक बड़ा पद देने का ऑफर दिया गया लेकिन उन्होंने भाजपा के साथ पूरी वफादारी निभाई।