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UP: 'जल चुके थे मेरे शरीर के कपड़े...बह रहा था खून', तीन दिन से तैयार पटाखों का रखा था स्टॉक; घायलों की आपबीती

Wed, 18 Jun 2025 03:02 PM IST
शाहरुख खान हरिओम सिंह, अमर उजाला, अमरोहा

सार

Amroha Pataka Factory Blast: अमरोहा की पटाखा फैक्टरी में विस्फोट मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। हादसे में घायल महिलाओं ने बताया कि फैक्टरी में तीन दिन से तैयार पटाखों का स्टॉक रखा था। घायल महिलाओं ने आपबीती सुनाई।
 
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Amroha Blast - फोटो : अमर उजाला
Amroha Blast News: अमरोहा में पटाखा फैक्टरी विस्फोट में झुलसीं पूजा और मोना के पिता गिरीश कुमार ने बताया कि वह मजदूरी करते हैं। उनकी बड़ी लड़की पूजा और छोटी बेटी मोना दोनों ही अतरासी गांव में पटाखा फैक्टरी में काम करतीं थीं। पूजा फैक्टरी गेट के पीछे पैकिंग कर रही थी, जबकि मोना अंदर थी। वहीं, घायलों के मुताबिक फैक्टरी में करीब तीन दिन के तैयार पटाखों का स्टॉक रखा था, जिसकी वजह से इतना बड़ा विस्फोट हुआ। पूजा ने बताया कि फैक्टरी में शादी या अन्य समारोहों के लिए आतिशबाजी तैयार हो रही थी। हादसे के समय वह फैक्टरी के पीछे वाले गेट की तरफ बैठी थी, जबकि विस्फोट आगे वाले गेट पर हुआ। 
 
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अमरोहा की पटाखा फैक्टरी में हादसा - फोटो : संवाद
अचानक हुआ धमाका
धमाका इतना तेज था कि पूरी बिल्डिंग गिर गई। धमाका कैसे हुआ, यह तो मुझे नहीं पता। वहीं, घायलों में शामिल पूजा देवी ने बताया कि वह करीब 18-19 दिन से मजदूरी करने आ रही थी। हम फुलझड़ी वाले पटाखों में बारूद का मसाला भर रहे थे। इस दौरान अचानक धमाका हुआ। आंखों के सामने अंधेरा छा गया। होश आया तो बिल्डिंग ही गायब थी। मेरे शरीर के कपड़े जल चुके थे। 
 
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अमरोहा पटाखा फैक्टरी में विस्फोट - फोटो : संवाद
शरीर से खून बह रहा था। मैंने सोचा कि इस हालत में कैसे भागूं। जैसे-तैसे मुझे एक दुपट्टा पड़ा मिला। उससे मैंने शरीर को ढका और पास के खेत में छिप गई। इसके बाद मदद के लिए आवाज लगाती रही। काफी देर बाद तीन-चार लोग मेरे पास आए। मैंने कहा कि पति को कॉल करके बुला लो। पति का मोबाइल बंद था। कुछ देर बाद पुलिस आई तब मुझे अस्पताल भिजवाया गया।

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अमरोहा पटाखा फैक्टरी में विस्फोट - फोटो : संवाद
पूजा ने बताया कि इस फैक्टरी में जितने भी पटाखे तैयार होते हैं, रोजाना उनकी सप्लाई हो जाती है। विस्फोट से पहले दो-तीन दिन के पटाखों का स्टॉक रखा हुआ था। शायद बड़ा विस्फोट होने की एक वजह यह भी रही। अगर फैक्टरी में तैयार पटाखों की मात्रा कम होती तो विस्फोट भी इतना तेज नहीं होता और महिलाओं की जान बच जाती।
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अमरोहा पटाखा फैक्टरी में विस्फोट - फोटो : संवाद
मां को खाना देने आई थी सलोनी
विस्फोट में झुलसी सलोनी अपनी मां पिंकी को खाना देने गई थी। उसी दौरान धमाका हुआ और पूरी फैक्टरी धराशायी हो गई। इसमें सलोनी बुरी तरह झुलस गई। सलोनी कक्षा नौ की छात्रा है। उसने बताया कि फैक्टरी में मल्टी स्काई शॉट बनाए जा रहे थे। इसमें तीन तरह का बारूद चम्मच से भरा जाता है, जिसके बाद लकड़ी की एक छोटी डंडी से स्काई शॉट के अंदर बारूद को कूटा जाता है, ताकि बारूद अच्छे से अंदर तक पहुंच जाए। 
 
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अमरोहा पटाखा फैक्टरी में विस्फोट - फोटो : संवाद
एक महिला डंडी थोड़ा तेज मार रही थी। ठेकेदार ने उसको कई बार ऐसा करने से टोका, लेकिन वह बार-बार ऐसा करती रही। बारूद तेज ठोकने के कारण विस्फोट हुआ है। जब धमाका हुआ उस वक्त मेरा मुंह दूसरी तरफ था, इसलिए चेहरे पर मामूली चोटें आईं हैं। हादसे में सलोनी की मां पिंकी देवी भी घायल हैं। उन्होंने कहा कि उनकी बेटी को कुछ नहीं होना चाहिए था।
 
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अमरोहा पटाखा फैक्टरी में विस्फोट - फोटो : संवाद
सांस लेने में दिक्कत हुई और फिर बेहोश हो गया
घायल विशाल ने बताया कि वह पटाखों की पैकिंग कर रहा था। दूसरी साइड में ब्लास्ट हुआ और वह भी झुलस गया। मैंने भागने का प्रयास किया लेकिन बारूद का धुआं होने के कारण निकलने का रास्ता दिखाई नहीं दिया। सांस लेने में भी दिक्कत होने लगी और बेहोश होकर गिर पड़ा। इस पटाखा फैक्टरी में पूजा गेट के पीछे पटाखों की पैकिंग कर रही थी। अचानक पटाखे फटे और उनसे निकली चिंगारी से हाथ जल गया। पूजा ने फैक्टरी के भीतर से भागने की कोशिश की लेकिन कामयाबी नहीं मिली और उसका शरीर बुरी तरह झुलस गया।

 

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अमरोहा की पटाखा फैक्टरी में हादसा - फोटो : संवाद
नाजरीन व सोनिया के बाद मोना-इंद्रवती भी रेफर, चारों की हालत नाजुक
पटाखा फैक्टरी में झुलसे घायलों की हालत में सुधार नहीं है। नाजरीन व सोनिया के बाद मोना और इंद्रावती को भी हायर सेंटर रेफर किया गया है। चारों की हालत गंभीर बनी हुई है। डॉक्टर ने मोना को मेरठ रेफर किया है, जबकि इंद्रावती को उनके परिजनों ने अमरोहा के ही निजी अस्पताल में भर्ती कराया है।
 

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अमरोहा की पटाखा फैक्टरी में हादसा - फोटो : संवाद
अतरासी गांव के बाहरी हिस्से में चल रही पटाखा फैक्टरी में सोमवार को विस्फोट हो गया था। इसमें रजबपुर निवासी रुकसाना व शहनाज और पपसरा गांव निवासी रूमा व सर्वेश की मौत हो गई थी। मोती नगर निवासी मोना, विशाल, पूजा, पूजा पत्नी अमित कुमार, इंद्रवती, अतरासी कलां निवासी सलोनी, पपसरा निवासी सोनिया, पूजा पत्नी राजेश, मंगूपुरा निवासी नाजरीन घायल हो गई थीं। 

 

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अमरोहा की पटाखा फैक्टरी में हादसा - फोटो : संवाद
अधिकांश महिलाओं के चेहरे झुलसे हैं। सभी घायलों को इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां से डॉक्टर ने गंभीर से घायल नाजरीन और सोनिया को मेरठ के लिए रेफर कर दिया था। वहीं, सोमवार देर रात मोना और इंद्रावती की हालत ज्यादा बिगड़ गई, जिस पर डॉक्टरों ने मोना को मेरठ के लिए रेफर कर दिया। 

 
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अमरोहा पटाखा फैक्टरी में विस्फोट - फोटो : संवाद
परिजनों ने इंद्रावती को जोया रोड स्थित एक निजी अस्पताल भर्ती कराया है। डॉक्टरों की मानें तो चारों को आईसीयू में रखा गया है। उनकी हालत नाजुक बनी हुई है, जबकि अन्य घायलों का स्वास्थ्य स्थिर है।

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