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मिर्जापुर के सक्तेशगढ़ आश्रम में गोलीबारी : परमहंस आश्रम में एक बाबा ने दूसरे को गोली मारकर दी जान

Fri, 29 Jul 2022 12:23 AM IST
उत्पल कांत अमर उजाला नेटवर्क, मिर्जापुर
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सक्तेशगढ़ आश्रम में गोलीबारी - फोटो : अमर उजाला
सक्तेशगढ़ स्थित स्वामी अड़गड़ानंद के परमहंस आश्रम में बृहस्पतिवार सुबह जीवन बाबा उर्फ जीत (45) ने आशीष बाबा (30) को गोली मारकर घायल कर दिया और खुद को गोली मारकर जान दे दी। घायल आशीष बाबा का चंदौली के निजी अस्पताल में इलाज चल रहा है। मुकदमा दर्ज कर पुलिस मामले की जांच कर रही है।

पुलिस के मुताबिक, चुनार क्षेत्र के आश्रम में सुबह साढ़े छह बजे से स्वामी अड़गड़ानंद महाराज का प्रवचन चल रहा था। इसी दौरान विश्राम कक्ष के पास साढ़े सात बजे गोलियां चलने से अफरातफरी मच गई। सूचना पर चुनार व अन्य थानों की पुलिस मौके पर पहुंची। सीओ चुनार रामानंद राय पुलिस बल व श्वान दस्ते के साथ पहुंचे। मौके पर जीवन बाबा निवासी छतरी, सीहोर, शिवपुरी, मध्य प्रदेश का शव मिला। उनके सिर में गोली लगी थी।

जांच में पता चला कि जीवन बाबा ने गोली मारकर आत्महत्या की है। मौके से दो तमंचे बरामद हुए। जांच के दौरान पता चला कि एक और व्यक्ति को गोली लगी है। इसी बीच, पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार मिश्रा ने एएसपी नक्सल को मामले की जांच के लिए भेजा। एएसपी नक्सल महेश सिंह अत्रि ने सीसीटीवी फुटेज की जांच की तो पता चला कि आशीष बाबा (30) को भी गोली लगी है।

यह जानकारी तब तक आश्रम के लोगों की ओर से नहीं दी गई थी। इस बीच, उन्हें इलाज के लिए अस्पताल भिजवा दिया गया था। दोपहर बाद पुलिस अधीक्षक ने भी आश्रम पहुंच कर जांच की। दोनों हाथों में तमंचा लहराते आए थे जीवन बाबा आश्रम की ओर से जयंत बाबा ने चुनार कोतवाली में तहरीर देकर बताया कि जीवन
बाबा मानसिक रूप से अस्वस्थ थे। बृहस्पतिवार सुबह वह दोनों हाथों में तमंचा लहराते हुए प्रवेश द्वार से अंदर गए। आशीष बाबा को गोली मारकर घायल कर
दिया। उसके बाद वह खुद को गोली मार ली। इससे उनकी मौत हो गई।

प्रवचन कक्ष के बाहर आशीष बाबा को गोली मारी
आश्रम के लोगों और स्वामी अड़गड़ानंद से बात की गई है। छानबीन में पता चला कि जीवन बाबा और आशीष मेें पहले से विवाद था। सुबह आश्रम में जीवन दो तमंचे
लेकर आया। प्रवचन कक्ष के बाहर उसने आशीष बाबा को गोली मारी। इसके बाद अंदर जाते समय चढ़ावा दिया और खुद को गोली मार ली। गोली मारने की घटना सीसीटीवी में कैद है। 
संतोष कुमार मिश्रा, पुलिस अधीक्षक
 
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सक्तेशगढ़ स्थित परमहंस आश्रम - फोटो : अमर उजाला
स्वामी जी के सामने आत्महत्या तो नहीं करना चाहता था जीवन बाबा
सक्तेशगढ़ आश्रम में बृहस्पतिवार की गोली चलने की घटना के दौरान स्वामी अड़गड़ानंद महाराज प्रवचन कर रहे थे। प्रत्यक्षदर्शियों की मानें तो जीवन बाबा तमंचे के साथ स्वामी अड़गड़ानंद से मिलना चाहता था। सेवादारों की ओर से रोके जाने पर उन्हें चढ़ावा देकर लौट गया और कुछ दूर जाकर खुद को गोली मार ली। आश्रम से जुड़े लोगों का यह भी मानना है कि  कहीं वह स्वामी जी के सामने ही आत्महत्या तो नहीं करना चाहता था। फिलहाल पुलिस जांच कर रही है। सीसी कैमरे की फुटेज को कब्जे में ले लिया गया है। पुलिस को घटनास्थल से दो तमंचे मिले हैं।

जानकारी मिली है कि कुछ महीने पहले तक जीवन बाबा आश्रम की रसोई का कार्य देखा करता था। उस दौरान जीवन बाबा ने आशीष बाबा के अलावा कुछ और लोगों पर खौलता तेल फेंक दिया था। इस पर स्वामी अड़गड़ानंद महाराज ने जीवन को आश्रम से निकाल दिया था। हालांकि वह आश्रम आता-जाता रहता था। जीवन बाबा पहले साधु की वेशभूषा में रहता था। बुधवार शाम को वह पैंट-शर्ट पहनकर आश्रम में आया। उसने बाल और दाढ़ी कटवा ली थी। टोपी और मास्क लगा लिया था। इस कारण उसे कोई पहचान न सका।

बाद में पहचान होने पर उसने लोगों से बातचीत की। रात में खाना खाया और वहीं सो गया। स्वामी अड़गड़ानंद महाराज रोजाना सुबह पांच बजे टहलने निकलते हैं। बृहस्पतिवार की सुबह भी वह टहलने निकले थे। इसके बाद वापस  कक्ष में पहुंचे और फिर सत्संग भवन में चले गए। जीवन बाबा स्वामी जी से मिलने पहुंचा। लेकिन बाहर खड़े आशीष महाराज ने उसे रोकने की कोशिश की। इसके बाद दोनों में गुत्थमगुत्थी हुई। आरोप है कि जीवन बाबा ने दो राउंड फायरिंग की। उसके बाद खुद के सिर में गोली मार ली। आशीष बाबा की कमर में गोली लगी।

स्थानीय सूत्रों का कहना है कि स्वामी अड़गड़ानंद महाराज में जीवन बाबा की अटूट आस्था थी। ऐसे में कहीं वह स्वामी जी के समीप आत्महत्या तो नहीं करना
चाहता था। रोके जाने पर एक सेवादार को चढ़ावा देकर लौट गया और खुद को गोली मार ली।
  
आशीष को गोली लगने की बात क्यों छिपाई गई
सवाल यह भी उठ रहा है कि आशीष बाबा को गोली लगने की बात क्यों छिपाई गई। पुलिस के अलावा अन्य किसी बाहरी के आश्रम के अंदर जाने पर रोक लगा दी गई। काफी देर तक पुलिस भी यह बताने में असमर्थ रही कि गोली कितने लोगों को लगी है और घटना की वजह क्या है। आश्रम का मुख्य गेट बंद कर दिया
गया। वीडियो बनाने वाले लोगों के मोबाइल छीनकर डिलीट कराया गया।

आश्रम में चल रही है वर्चस्व की जंग
स्वामी अड़गड़ानंद महाराज के कई राज्यों में आश्रम हैं। वह समय-समय पर दूसरे आश्रमों में प्रवचन के लिए जाते रहते हैं। अड़गड़ानंद महाराज वयोवृद्ध हो चुके हैं। उनके हर आश्रम में कोई न कोई  प्रमुख है। इसी के चलते कुछ आश्रमों में वर्चस्व की जंग चल रही है। बृहस्पतिवार की सुबह की घटना भी इसी ओर इशारा कर रही है। आश्रम में आने जाने वाले लोगों की मानें तो स्वामी अड़गड़ानंद के कई करीबी आश्रम का प्रमुख बनने की होड़ में है। आशीष महराज भी स्वामी अड़गड़ानंद के करीबी है।

आश्रम के कमरों की पुलिस ने क्यों नहीं की तलाशी
स्वामी अड़गड़ानंद आश्रम में कई राउंड गोलियां चलीं। शुरुआत में आश्रम के लोगों ने घटना वाले स्थान पर आश्रम में तैनात सिपाही को जाने नहीं दिया। सिपाही की सूचना पर थाने की पुलिस और सीओ गए तो मीडियाकर्मियों और अन्य को घुसने नहीं दिया गया। बाद में एएसपी और पुलिस अधीक्षक मौके पर गए। सभी ने मौका मुआयना किया। पुलिस ने घटनास्थल का मुआयना किया पर आश्रम में तलाशी अभियान नहीं चलाया। सवाल यह भी है कि आश्रम में पुलिस की तैनाती के
बाद भी कोई तमंचा लेकर अंदर कैसे चला गया।
 
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चंदौली अस्पताल में मौजूद पुलिस - फोटो : अमर उजाला
जीवन ने गोली मारने से पहले चढ़ावा भी चढ़ाया था
खुद को गोली मारने से पहले जीवन बाबा ने अड़गड़ानंद महाराज के नाम पर चढ़ावा भी चढ़ाया था। यह बात पुलिस अधीक्षक संतोष कुुमार मिश्रा के
निरीक्षण और पड़ताल करने के बाद सामने आई। पुलिस अधीक्षक दोपहर बाद आश्रम में पहुंचे। उन्होंने मौजूद पुलिस अधिकारियों से घटना की जानकारी लेनेे के बाद आश्रम के लोगों से पूछताछ की।

सीसीटीवी फुटेज देखे। इसके बाद स्वामी अड़गड़ानंद महाराज से बात की। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि सुबह अड़गड़ानंद महाराज टहलकर आने के बाद कक्ष में प्रवचन दे रहे थे तभी जीवन वहां पहुंचा। उसने प्रवचन कक्ष के बाहर आशीष को गोली मारी, इसके बाद अंदर गया। वहां उसने स्वामी अड़गड़ानंद महाराज के नाम चढ़ावा चढ़ाने के लिए आश्रम के एक व्यक्ति को कुछ पैसा दिया। इसके बाद खुद को गोली मार ली। वहां एक बैग मिला, जिसमें जीवन बाबा का पैन कार्ड, आधार कार्ड मिला है। बैग में 8 से 10 कारतूस मिले हैं। उसे फॉरेंसिक टीम को जांच के लिए दिया गया है। एसपी ने बताया कि जीवन के भाई को सूचना दी गई है। उसके आने के बाद पूछताछ में अन्य बातें सामने आएंगी। उसके बाद कार्रवाई की जाएगी।

आश्रम के सेवादार प्रशांत सिंह डब्बू ने बताया कि सुबह पता चला कि जीवन बाबा दो असलहे लेकर आश्रम में घुसा है। वह कोई घटना कर सकता है। आश्रम  के लोग और आशीष महराज उसे पकड़ने के लिए दौड़े। इस पर उसने आशीष महाराज को गोली मार दी।

सात माह पहले चिकित्सक को तलवार लेकर दौड़ा लिया था
सक्तेशगढ़ स्थित परमहंस आश्रम में सात माह पहले जीवन बाबा ने स्वामी अड़गड़ानंद के निजी चिकित्सक विपिन सिंह पर पर खौलता तेल फेंक दिया था। उन्हें तलवार लेकर दौड़ा लिया था। इस मामले में चुनार थाने में मुकदमा दर्ज हुआ था। चुनार पुलिस ने उस समय अगर जीवन बाबा पर कार्रवाई की होती तो आज यह घटना नहीं होती। एएसपी नक्सल ने भी बताया कि सात माह पहले जीवन बाबा पर मुकदमा दर्ज हुआ था। संवाद

अड़गड़ानंद महाराज की सुरक्षा पर उठे सवाल
आश्रम के बाहर पुलिस की सुरक्षा के अलावा सेवादार तैनात रहते हैं। इसके बाद भी दोनों हाथों में तमंचा लेकर एक बाबा आश्रम में घुस गया और किसी को पता तक नहीं चल सका। जीवन बाबा तमंचा लेकर बाबा की ओर बढ़ गया था। ऐेसे में स्वामी अड़गड़ानंद महाराज की सुरक्षा पर भी सवाल उठ रहे हैं।

स्वामी अड़गड़ानंद ने 40 मिनट दिया प्रवचन
सुबह गोली कांड के बाद आश्रम में अफरा-तफरी मची रही। दोपहर बाद पुलिस के जाने पर आश्रम में कुछ चहल-पहल हुई। शाम को स्वामी अड़गड़ानंद महाराज ने प्रवचन किया। स्वामी जी शाम को चार बजकर 45 मिनट पर सत्संग हाल में पहुंचे। इस दौरान सैकड़ों अनुयायी सत्संग हाल मेें पहुंचे। वह काफी देर तक शांत बैठे रहे। इसके बाद उनके सेवादारों ने जयकारा लगाया। फिर स्वामी जी ने प्रवचन शुरू  किया। वह घटना पर कुछ नहीं बोले। 40 मिनट में प्रवचन समाप्त किया।

जांच के लिए दो टीमों का गठन
पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार मिश्रा ने बताया कि घटना के बाद स्वामी अड़गड़ानंद से बात की गई। उनकी सुरक्षा के लिए गनर तैनात करने के लिए कहा गया तो उन्होंने मना कर दिया। उन्होंने कुछ बिंदु बताए। आश्रम की घटना की जांच के लिए एएसपी सिटी और एएसपी आपरेशन के नेतृत्व में दो टीमों का गठन किया है। दोनों लोग प्रबंधन से बात कर सुरक्षा का प्रबंध करेगी। आश्रम में सुरक्षा के लिए पुलिस की तैनाती की गई है।

मंगाई गई है रिपोर्ट
सात माह पूर्व जीवन बाबा द्वारा गर्म तेल फेंकने के मामले में दर्ज मुकदमे में कार्रवाई के संबंध में एसपी ने बताया कि चौकी प्रभारी से रिपोर्ट मंगाई गई है। मामले में विवेचना अप्रैल में पूरी हुई थी। मध्य प्रदेश के शिवपुरी से रिपोर्ट मंगाकर जांच की जाएगी।

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सक्तेशगढ़ स्थित परमहंस आश्रम की घटना - फोटो : अमर उजाला
गोली निकालने के लिए वाराणसी से बुलाए गए थे विशेषज्ञ डॉक्टर
मिर्जापुर के सक्तेशगढ़ स्थित स्वामी अड़गड़ानंद के परमहंस आश्रम में गोली लगने से घायल आशीष बाबा को जिले के एक निजी चिकित्सालय में भर्ती कराया गया है। स्वामी जी के शिष्य डॉ. धनंजय सिंह के हॉस्पिटल में सुबह के करीब नौ बजे आशीष बाबा को लाया गया। इससे पहले वाराणसी से विशेषज्ञ डॉक्टर को बुला लिया गया था। आते ही उनका ऑपरेेशन किया गया और आंत में फंसी गोली निकाली गई। डॉ.धनंजय सिंह ने बताया कि बाबा खतरे से बाहर हैं।

हॉस्पिटल में ही पत्रकारों से बातचीत के दौरान आश्रम के प्रमुख सेवादार प्रशांत सिंह ने बताया कि सुबह पता चला कि आश्रम में एक अपराधी घुस गया है, जिसने अपने दोनों हाथ में असलहा ले रखा था। सूचना पर आशीष महाराज उसको पकड़ने गए तो उसने गोली मार दी। सेवादार ने जीवन बाबा को अपराधी बताते हुए
कहा कि इससे पहले भी वह एक सेवादार पर हमला कर चुका है। इसका मुकदमा आश्रम की तरफ से दर्ज कराया गया था।
 
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स्वामी अड़गड़ानंद महाराज। - फोटो : फाइल
पीडीडीयू नगर से गाड़ी बुक करके आश्रम गया था साधु
मिर्जापुर के सक्तेशगढ़ स्थित स्वामी अड़गड़ानंद के परमहंस आश्रम में बृहस्पतिवार को खुद को गोली मारने वाले साधु जीवन बाबा ने बुधवार को पीडीडीयू नगर रेलवे स्टेशन से गाड़ी बुक की थी।  सूत्रों के अनुसार, साधु सफेद कपड़ों में बुधवार को रेलवे स्टेशन स्थित टैक्सी स्टैंड पर पहुंचा था। इनके बाद उसने चालक से किलोमीटर के हिसाब से गाड़ी बुक करने को कहा। चर्चा है कि साधु ने बताया कि उसे सक्तेशगढ़ आश्रम जाना है। वहां काम नहीं होने पर घोरावल आश्रम जाएगा। घटना के बाद से पुलिस चालक को हिरासत में लेकर पूछताछ करने में जुटी है। 
 
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सक्तेशगढ़ स्थित श्री परमहंस आश्रम में अपने भक्तों को प्रवचन देते स्वामी अड़गड़ानंद महाराज। - फोटो : फाइल
एक किमी के दायरे में फैला है परमहंस आश्रम
सक्तेशगढ़ स्थित परमहंस आश्रम एक किमी के दायरे में फैला है। राजा विजयपुर ने आश्रम को जमीन दान में दी थी। आश्रम की स्थापना 1991 में की गई थी। यह स्वामी अड़गड़ानंद का प्रमुख आश्रम है। इसके अलावा देशभर में 64 स्थानों पर उनके आश्रम हैं। इनमें मुंबई के पालघर, मध्य प्रदेश के बरचर, दिल्ली के फरीदाबाद, उत्तराखंड के चकोरी, पिथौरागढ़, देहरादून के आश्रम प्रमुख हैं। मिर्जापुर में सक्तेशगढ़ के अलावा कछवां के बरैनी स्थित जगतानंद आश्रम है। अमेरिका में भी दो आश्रम हैं। नेपाल में भी आश्रम है। सक्तेशगढ़ आश्रम में सौ के करीब साधु हैं। इसके अलावा अन्य सेवादार और आश्रम संचालन करने के लिए लोग हैं।
 
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मिर्जापुर एसपी संतोष कुमार मिश्रा - फोटो : अमर उजाला
बरचर आश्रम जाने वाले थे स्वामी अड़गड़ानंद महाराज
स्वामी अड़गड़ानंद का सक्तेशगढ़ स्थित परमहंस आश्रम 1991 में बना है। आश्रम में गुरु पूर्णिमा के दिन बड़ी संख्या में भक्त आते हैं। इस बार गुरु पूर्णिमा पर स्वामी अड़गड़ानंद महाराज आश्रम में ही थे। वह गुरु पूर्णिमा से पहले ही यहां आए थे। गुरु पूर्णिमा से पहले वह महाराष्ट्र के पालघर आश्रम में थे। 30 जुलाई को वह बरचर आश्रम, सीधी मध्य प्रदेश जाने वाले थे। उनका हेलीकाप्टर भी बुक था।
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परमहंस आश्रम - फोटो : सोशल मीडिया।
पीडीडीयू नगर से गाड़ी बुक कर आश्रम गया था साधु
स्वामी अड़गड़ानंद के परमहंस आश्रम में खुद को गोली मारने वाले साधु जीवन बाबा ने बुधवार को पीडीडीयू नगर रेलवे स्टेशन से गाड़ी बुक की थी।  सूत्रों के अनुसार, साधु सफेद कपड़ों में बुधवार को रेलवे स्टेशन स्थित टैक्सी स्टैंड पर पहुंचा था। चर्चा है कि साधु ने बताया कि उसे सक्तेशगढ़ आश्रम जाना है। वहां काम नहीं होने पर घोरावल आश्रम जाएगा। घटना के बाद से पुलिस चालक को हिरासत में लेकर पूछताछ करने में जुटी है।
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