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गिरफ्तारी की कहानी, पुलिस की जुबानी: खाकी को देखते ही छिपे याकूब कुरैशी, बोले- मैं तो अय्यूब हूं...

Sun, 08 Jan 2023 04:39 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
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पुलिस हिरासत में याकूब कुरैशी और बेटा। - फोटो : amar ujala
50 साल पहले ठेले पर नींबू बेचने वाले याकूब कुरैशी अरबपति बन गए। बसपा हो या सपा की सरकार, कभी उसका रुतबा कम नहीं हुआ। कभी विवादित बयान तो कभी अराजकता करके हमेशा सुर्खियों में रहा। मेरठ जनपद में दंगा हो जाए या फिर बवाल। उसको शांत करने के लिए अधिकारियों को याकूब की याद आती थी। सलाखों में याकूब के पहुंचते ही उसका रुतबा खत्म होने की कगार पर जाता दिख रहा है। पूर्व मंत्री याकूब कुरैशी भले ही 50 हजार के इनामी थे, लेकिन उनका रुतबा कम नहीं था। दिल्ली में आलीशान कोठी में परिवार सहित फरारी काट रहे थे।
बकौल पुलिस, इमरान ने पिता याकूब के कमरे का दरवाजा खटखटाया और कहा कि अब्बू बाहर आ जाओ, अब चलना पड़ेगा। इतना कहते ही याकूब ने दरवाजा खोल दिया और वह सर्दियों वाले कपड़े पहनने लगे। पुलिसवालों से बोले, चलो, वक्त-वक्त की बात है।
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Meerut police - फोटो : Amar ujala
पुलिस को देखते ही बोले याकूब, मैं तो अय्यूब हूं
पुलिस ने बताया कि शुक्रवार रात करीब 1:00 बजे एसओजी के दो सिपाही कोठी में घुसे। उन्हें याकूब कुरैशी दिखाई पड़े। याकूब को सिपाहियों ने रोक लिया। वह बोले, मैं याकूब नहीं...अय्यूब हूं। यह कहकर याकूब अपने कमरे में चलेे गए। कोठी में उनके एशोआराम देखकर पुलिस दंग रह गई।
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Haji yaqub and son Imran - फोटो : Amar ujala
पुलिस ने दरवाजा खटखटाया तो इमरान बोला- वाईफाई ठीक करने आए हो क्या
सिपाहियों ने इमरान का गेट खुलवाया तो वह बोले कि क्या आप वाई-फाई ठीक करने आए हो। सिपाही बोले, नहीं मेरठ से आए हैं और पुलिस वाले हैं। यह कहते ही इमरान ने कहा है कि हम तो सर्दी के बाद खुद सरेंडर होने जा रहे थे। पुलिस वाले बोले, मंत्रीजी को भी साथ ले लें। इमरान ने कहा कि मंत्री जी यहां नहीं हैं, सिपाही बोले कि हमसे झूठ मत बोलो, उनको देख लिया है। दोनों में बातचीत का सिलसिला चल रहा था। याकूब ने अंदर से अपने कमरे की कुंडी लगा ली।

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हाजी याकूब कुरैशी व बेटा इमरान - फोटो : अमर उजाला
गिरफ्तार होते ही चिल्लाने लगे पत्नी और बच्चे
इमरान की पत्नी व बच्चे चिल्लाने लगे। हल्ला मचा तो कोठी में काम करने वाले नौकर भी आ गए। इमरान ने पुलिस से कहा कि अब्बू को रहने दो, मैं चलने को तैयार हूं। पुलिस वाले बोले, नहीं ऐसा नहीं होगा। दोनों को चलना पड़ेगा। पैसे की पेशकश भी हुई, लेकिन पुलिस वाले नहीं माने। बातचीत चलती रही, याकूब के समर्थक और रिश्तेदारों को भीड़ कोठी पर लगती रही। पुलिस वालों ने भी चांदनी महल थाने से पुलिस फोर्स को बुला लिया।
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हाजी याकूब कुरैशी व बेटा इमरान - फोटो : अमर उजाला
याकूब को समझाने में  पुलिस को लगा डेढ़ घंटा
करीब डेढ़ घंटा याकूब और इमरान को समझाने में पुलिसवाले लगे रहे। इसी दौरान इमरान की पत्नी और बच्चों ने काफी हंगामा भी किया। बाद में इमरान ने याकूब के कमरे का दरवाजा खुलवाया और पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया।
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याकूब कुरैशी गिरफ्तार। - फोटो : amar ujala
याकूब से लोगों ने कहा था- 11 जनवरी तक पुलिस से बच जाओ
इमरान ने बताया कि 11 जनवरी को अग्रिम जमानत पर सुनवाई कोर्ट में होनी तय थी, जिसमें उन्हें भरोसा था कि कोर्ट से राहत मिल सकती है। कुछ लोगों ने भरोसा दिलाया हुआ था कि 11 जनवरी तक पुलिस से बच जाओ। हम पिता-पुत्र खुद कोर्ट में सरेंडर होने जा रहे थे, छोटे भाई फिरोज को पहले कोर्ट में सरेंडर कराया गया था।
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