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Meerut: सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर फूटा गुस्सा, महिलाओं का प्रदर्शन, भाजपा सरकार के खिलाफ नारेबाजी

Tue, 14 Jul 2026 04:37 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ

सार

मेरठ के सेंट्रल मार्केट मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद महिलाओं और व्यापारियों ने विरोध प्रदर्शन किया। भाजपा सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए फैसले पर नाराजगी जताई और रोजी-रोटी पर संकट की बात कही।
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सेंट्रल मार्केट में महिलाएं - फोटो : अमर उजाला

मेरठ के शास्त्री नगर स्थित सेंट्रल मार्केट प्रकरण में सर्वोच्च न्यायालय से राहत नहीं मिलने के बाद मंगलवार को स्थानीय महिलाओं और व्यापारियों का आक्रोश खुलकर सामने आया। फैसले के बाद बड़ी संख्या में महिलाओं ने प्रदर्शन करते हुए भाजपा सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि लगातार आश्वासन दिए गए, लेकिन उन्हें कोई राहत नहीं मिली और अब उनके सामने आजीविका का संकट खड़ा हो गया है।

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सेंट्रल मार्केट विवाद - फोटो : अमर उजाला

महिलाओं ने सरकार के खिलाफ जताई नाराजगी
प्रदर्शन कर रही महिलाओं ने कहा कि उन्हें जानकारी दी गई है कि 25 मीटर से बड़े किसी भी भवन को राहत नहीं मिलेगी। जिन भवनों का स्वीकृत मानचित्र नहीं है, उनके विरुद्ध भी ड्रोन सर्वे के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। उनका कहना था कि इस फैसले से हजारों परिवारों की रोजी-रोटी प्रभावित होगी। महिलाओं ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कहा कि केवल आश्वासन मिले, लेकिन समाधान नहीं मिला।

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सेंट्रल मार्केट विवाद - फोटो : अमर उजाला

44 सील भवनों को ध्वस्त करने का आदेश
सुनवाई के दौरान सर्वोच्च न्यायालय ने पहले से सील किए गए 44 भवनों को ध्वस्त करने के आदेश बरकरार रखे। अदालत ने स्पष्ट किया कि जिन आवासीय भवनों में नियमों के विपरीत पूरी तरह व्यावसायिक गतिविधियां संचालित हो रही थीं, उनके विरुद्ध ध्वस्तीकरण की कार्रवाई होगी। अदालत ने अवैध निर्माण को नियमित करने की मांग भी अस्वीकार कर दी।

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सेंट्रल मार्केट विवाद - फोटो : अमर उजाला

अवैध निर्माण पर अदालत की सख्त टिप्पणी
सर्वोच्च न्यायालय ने कहा कि अवैध निर्माण के मामलों में किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जा सकता। न्यायालय की टिप्पणी थी कि नियमों के विपरीत किए गए निर्माण को वैध घोषित करने या नियमित करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। अदालत ने स्पष्ट संदेश दिया कि सभी अवैध निर्माणों पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

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सेंट्रल मार्केट विवाद - फोटो : अमर उजाला

व्यापारियों और परिवारों में मायूसी
फैसले के बाद सेंट्रल मार्केट क्षेत्र में निराशा का माहौल दिखाई दिया। व्यापारियों और स्थानीय निवासियों का कहना है कि अब उन्हें ध्वस्तीकरण और निर्माण सीमा के अनुरूप बदलाव कराने की कठिन चुनौती का सामना करना पड़ेगा। कई लोगों ने इसे रोजगार और परिवार के भविष्य से जुड़ा मुद्दा बताया।

 

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सेंट्रल मार्केट विवाद - फोटो : अमर उजाला
25 मीटर श्रेणी के आवासों को भी राहत नहीं
अदालत ने 25 मीटर श्रेणी के आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के आवासों को भी कोई विशेष राहत नहीं दी। ऐसे भवनों को भी निर्धारित निर्माण सीमा का पालन करना होगा। फैसले के बाद माना जा रहा है कि आवास एवं विकास परिषद आगे की कार्रवाई तेज करेगी।
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