सावन माह का कितना महत्व होता है यह तो आप शिव भक्तों से जानिए, पवित्र गंगाजल लाने के लिये वो घर से 10 से 15 दिन पहले निकलते हैं और गंगगजल लेकर वापस घर लौटते हैं। लेकिन अगर कोई उस पवित्र जल को लात मारकर गिरा दे तो क्या होगा। इसका अंदाजा आप खुद लगा सकते हैं। यहां कुछ ऐसा ही हुआ, जब एक बर्के वाली ने गंगाजल को लात मारकर गिरा दिया और इससे तनाव फैल गया।
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लात मारकर गिराया गंगाजल
कांवड़ शिविर के बाहर टंगा हुआ गंगाजल रविवार को बुर्के में आई एक महिला ने लात मारकर गिरा दिया। उस महिला की करतूत के बाद सूचना फैलते ही तनाव होने लगा। हालांकि शिविर में भोलों की सेवा में जुटे एक व्यक्ति ने तत्काल इसकी सूचना पुलिस को दी। सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया। पुलिस ने किसी तरह गंगाजल की व्यवस्था कराकर भोलों को शांत किया। इसके बाद उन्हें आगे के लिए रवाना किया। उधर, पुलिस उस महिला की तलाश के लिए सीसीटीवी फुटेज खंगालने में जुटी है।
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लात मारकर गिराया गंगाजल
हरिद्वार से जल लेकर आगे बढ़ रहे कांवड़ियों के लिए सहारनपुर में जगह-जगह सेवा शिविर लगाया गया है। रविवार को देहरादून चौक पर कांवड़ शिविर में अंबाला के भोले आकर रुके। सुबह करीब 11 बजे अंबाला निवासी लाडी भोला, अभिषेक भोला, बंटी भोला और अजय भोला अपने बाहर टंगे कांवड़ को ठीक कर चलने की तैयारी में ही थे, तभी पीछे से बुर्के में आई महिला ने पैर मारकर उसके जल के बर्तन को नीचे गिरा दिया। इसके बाद क्या हुआ आगे पढ़ें...
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लात मारकर गिराया गंगाजल
इससे उसका पूरा गंगाजल नीचे गिर गया। जब तक कोई कुछ समझ पाता महिला वहां से ओझल हो गई। गंगाजल गिरने और दूसरे समुदाय की महिला की करतूत से वहां लोग एकत्र हो गए और हंगामा शुरू हो गया। इस बीच शिविर में सेवा कर रहे एक व्यक्ति ने चंद कदमों की दूरी पर स्थित थाने में जाकर इसकी खबर दे दी। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और हंगामा कर रहे लोगों को शांत किया। पुलिस ने तत्काल गंगाजल की व्यवस्था कर पूरे माहौल को शांत करा दिया। इसके बाद उन्होंने भोलों को आगे के लिए रवाना भी कर दिया।
इसके बाद पुलिस उस महिला की शिनाख्त के लिए सीसीटीवी फुटेज खंगालने में जुट गई है। हालांकि अब तक उस महिला का कोई सुराग नहीं मिला है। बुर्के में आई दूसरे समुदाय की महिला की करतूत के बाद देहरादून चौक पर लोग एकत्र होने शुरू हो गए थे। माहौल के तनाव और संवेदनशीलता को देखते हुए शिविर में सेवा कर रहे डा.पीएस राजपूत ने तत्काल इसकी सूचना थाने में जाकर दे दी। इसके बाद पुलिस ने समय से मौके पर पहुंची और मामले को बढ़ने से पहले ही शांत कर दिया।
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