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PHOTOS: क्या है भीम आर्मी और कौन है इसका अध्यक्ष ? जानें उससे जुड़ी ये बड़ी बातें

Fri, 14 Sep 2018 09:20 PM IST
यूपी डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
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भीम आर्मी
उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले में पिछले साल राजपूतों और दलितों के बीच हुई जातीय हिंसा का आरोपी चंद्रशेखर उर्फ रावण जेल से रिहा हो गया है। सहारनपुर हिंसा में कई लोगों की जान गई थी। जबकि कई दर्जन लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे। इसी दंगे की वजह से सुर्खियों में आये भीम आर्मी संगठन को अब पूरा देश जान गया है कि भीम आर्मी क्या है। इतना ही नहीं बल्कि दिल्ली के जंतर-मंतर पर धरना प्रदर्शन करने के बाद देश का हर व्यक्ति जान गया कि भीम आर्मी क्या है।
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भीम आर्मी
बता दें कि सहारनपुर बवाल से पहले कोई नहीं जानता था कि भीम आर्मी कोई संगठन है, लेकिन दलितों के सहारे हवा लेकर दिल्ली पहुंचे भीम आर्मी के अध्यक्ष चंद्रशेखर उर्फ रावण को आज हर कोई जान गया है कि ये दलितों का युवा नेता बनकर सामने आ रहा है। लेकिन मायावती ने सहारनपुर में सभा के दौरान साफ कह दिया था कि किसी संगठन के बजाय बसपा के बैन तले कार्यक्रम करो किसी की हिम्मत नहीं होगी रोकने की। उनके इस बयान से साफ दिखता है कि किसी और राजनीतिक पार्टी से पहले मायावती को ही भीम आर्मी संगठन से खतरा नजर आ रहा हैं। कहीं दलित इसी संगठन से जुड़कर बसपा पार्टी का नाम तक न भूल जाए। पिछले दिनों दिल्ली के जंतर मंतर पर विरोध प्रदर्शन के दौरान चंद्रशेखर को भारी समर्थन मिलता दिखा। इस रैली में यूपी के अलावा बिहार, हरियाणा, झारखंड और पंजाब जैसे राज्यों से भी बड़ी संख्या में दलित यहां पहुंचे थे।
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फाइल फोटो
आपको बता दें कि भीम आर्मी संगठन ही वो नाम है जिसे दलित पूर्ण समर्थन कर रहे हैं। इसके अलावा दलित इस संगठन से तेजी के साथ जुड़ भी रहे हैं। जैसा कि पहले से ऐलान किया गया था कि भीम आर्मी सेना 21 मई को दिल्ली के जंतर-मंतर पर धरना प्रदर्शन करेगी। खास बात यह थी कि दिल्ली के जंतर-मंतर पर कई हजारों की संख्या में युवा पहुंचे थे और भीम आर्मी का पूर्ण समर्थन किया। जंतर-मंतर पर भीम आर्मी की भीड़ को देख राजनीतिक पार्टियां भी हैरान रह गई थी। पहली बार में ही इतनी भीड़ को साथ लाना कोई आसान काम नहीं था इससे साफ अंदाजा लगाया जा सकता है कि दलित अधिक संख्या में इस संगठन से जुड़ेंगे। भीम आर्मी का संस्थापक कौन है ये आगे पढ़िए...

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भीम आर्मी अध्यक्ष को हाईकोर्ट से मिली जमानत
अब आप यह जानकर भी चौंक जाएंगे कि भीम आर्मी संगठन का संस्थापक कौन है। इस संगठन का अध्यक्ष कोई नेता नहीं बल्कि पेशे से वकील चंद्रशेखर उर्फ रावण है। चंद्रशेखर ने सोशल मीडिया के जरिए काफी सुर्खियां बटोरी है और दलितों को एकत्रित करने का सबसे अच्छा तरीका अपनाया। चंद्रशेखर ने फेसबुक और व्हाट्सअप के जरिए लोगों को भीम आर्मी से जोड़ने का काम किया। इसका असर देखने को भी मिला क्योंकि जब दिल्ली के जंतर-मंतर पर भीम आर्मी सेना ने धरना प्रदर्शन किया तो युवा काफी संख्या में पहुंचे। यह संगठन करीब छह साल पहले बनाया गया था। इस संगठन का मकसद क्या है ये आप आगे पढ़कर जान सकते हैं...
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भीम आर्मी के संस्थापक चंद्रशेखर
- सहारनपुर में राजपूतों और दलितों के बीच हिंसक घटनाओं के बाद भीम आर्मी चर्चा में आया।
- भीम आर्मी के संस्थापक चंद्रशेखर आजाद का कहना है कि सहारनपुर में दलितों पर अत्याचार किया गया और उनके घर जलाए गए।
- दिल्ली के जंतर-मंतर से चंद्रशेखर बोले, लूटपाट के दौरान पुलिस मूक दर्शक बनी रही। पुलिस जल्द ही कार्रवाई करें।
- चंद्रशेखर ने पहले से ही जंतर-मंतर पर धरना प्रदर्शन की तैयारी कर ली थी।
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सहारनपुर जातीय हिंसा
- भीम आर्मी से जुड़े युवाओं का कहना है कि सहारनपुर में दलितों के घर जलाए गए। उसके बावजूद भी पुलिस आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई न करके दलितों को उठाकर जेल में डाल रही है।
- चंद्रशेखर का कहना है जिन दलितों को पुलिस ने हिरासत में लिया है उन्हें जल्द ही छोड़ दे नहीं तो बड़ा आंदोलन होगा।
- भीम आर्मी सेना का कहना है कि जिन दलितों के घर जलाए गए है सरकार उन्हें आर्थिक मदद करें।
- जंतर-मंतर पर यूपी से करीब दो हजार युवा पहुंचे और भीम आर्मी को पूर्ण समर्थन दिया था।
- जंतर-मंतर से भीम आर्मी सेना ने यूपी राज्य सरकार और केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की थी। इस दौरान उन्होंने चंद्रशेखर के खिलाफ दर्ज की गई एफआईआर को वापस लेने को कहा था।
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सहारनपुर हिंसा - फोटो : amar ujala
- ये सोचे जाने की जरूरत है कि किन वजहों से दलित ऐसे उग्र संगठनों का गठन कर रहे हैं। इसकी दो-तीन वजहें दिखाई देती हैं।
- दलितों के हितों के लिए काम करने का दावा करने वाली बड़ी पार्टियां अपनी प्रासंगिकता खो रही हैं। वो सिर्फ सत्ता की राजनीति में उलझ कर रह गई हैं।
- जिसकी वजह से दलित आबादी के साथ हो रही बदसलूकी और जिसे वो दोयम दर्जे का बर्ताव मानते हैं, उसे कोई जुबान नहीं मिल पा रही है।
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सहारनपुर में फल की रेहड़ी को लेकर हिंसा
भीम आर्मी सेना ने कैसे रफ्तार पकड़ी ये आगे जानिए...
दिल्ली के जंतर-मंतर पर अधिक संख्या में भीड़ इकट्ठा करने के लिए भीम आर्मी ने सोशल मीडिया का सहारा लिया। लगातार फेसबुक व व्हाट्सअप पर ग्रुप बनाकर लोगों से जंतर-मंतर पर जुटने की अपील की गयी थी। वायरल किए गए वीडियो में देश भर में दलितों पर हो रहे अत्याचार का दावा करते हुये जंतर-मंतर पर जुटकर इंसाफ की मांग करने को कहा गया था। खास बात यह है कि इस अपील का रविवार को जंतर-मंतर पर असर भी देखने को मिला। क्योंकि कई हजारों की संख्या में युवा आज दिल्ली पहुंचे और भीम आर्मी को पूर्ण समर्थन दिया।

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