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ग्राउंड रिपोर्ट: सांसद के गोद लिए गांव ने खोल दी 'उज्ज्वला योजना' की पोल, देखें तस्वीरें

Thu, 05 Jul 2018 07:42 PM IST
राजकुमार सैनी, अमर उजाला, मेरठ
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चूल्हे पर खाना बनाती महिला - फोटो : अमर उजाला
भाजपा सांसद ने चार साल पहले एक गांव को गोद लिया था। सांसद ने दावा किया था कि गांव को धुआं रहित बनाया जाएगा। लेकिन जब अमर उजाला की टीम गांव में जायजा लेने पहुंची तो सच्चाई हैरान करने वाली थी। आगे तस्वीरों में जानिए यूपी के इस गांव का हाल...
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चूल्हे पर खाना बनाती महिला - फोटो : अमर उजाला
मेरठ में चार साल पहले सांसद राजेंद्र अग्रवाल द्वारा गोद लिए गांव भगवानपुर चट्टावन का हाल बेहाल है। सरकारी रिकॉर्ड में लोगों को सरकारी योजनाओं का भरपूर लाभ दिया गया है, लेकिन हकीकत कुछ और ही है। उज्ज्वला योजना के तहत गांव में 85 प्रतिशत लोगों को गैस कनेक्शन दिए गए हैं। अधिकारियों का दावा है कि यहां पर अब खाना चूल्हे पर नहीं बनता। लेकिन वर्तमान में 70 प्रतिशत लोगों के घरों में चूल्हे जल रहे हैं।
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चूल्हे पर खाना बनाने को मजबूर बुजुर्ग महिला - फोटो : अमर उजाला
मंगलवार को अमर उजाला टीम ने गांव में उज्ज्वला योजना की ग्राउंड रिपोर्ट तैयार की। जिसमें व्यवस्थाओं की पोल खुलती नजर आयी। सरकार के इस आदर्श गांव में सभी परिवारों के पास राशन कार्ड नहीं है, और न ही गैस कनेक्शन हैं। गांव के कई परिवार तो कच्चे मकान में पॉलिथीन डालकर ही रात गुजारते हैं।

ये गैस कनेक्शन 
साधारण गैस कनेक्शन - 365
उज्ज्वला गैस कनेक्शन - 86
उज्ज्वला प्लस गैस कनेक्शन - 6

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गैस सिलेंडर - फोटो : अमर उजाला
ये है उज्ज्वला प्लस योजना 
उज्ज्वला प्लस योजना एक अप्रैल से संचालित है। इस योजना में अनुसूचित जाति और जनजाति के परिवारों को ही निशुल्क गैस कनेक्शन दिए जा सकते हैं। इसके लिए परिवार की महिला मुखिया का जाति प्रमाण पत्र, राशन कार्ड की फोटो कॉपी, बैंक खाता संख्या, पति पत्नी दोनों के आधार कार्ड और महिला मुखिया के दो फोटो लगते हैं। इस योजना में पिछड़ी जाति, विकलांग परिवार को नहीं लिया गया है। जिस कारण ये परिवार चूल्हे पर ही खाना बनाने को मजबूर हैं।
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चूल्हे पर रोटी बनाती महिला - फोटो : अमर उजाला
नहीं हैं राशन कार्ड, कैसे मिले योजना का लाभ 
सरकार भले ही प्रत्येक परिवार को उज्ज्वला योजना का लाभ देने की बात करती हो, लेकिन धरातल पर सच्चाई कुछ और ही है। राशन कार्ड से इस योजना का लाभ पात्र को दिया जाता है, लेकिन इस गांव के अधिकांश परिवारों के पास राशन कार्ड नहीं हैं। गांव की शबाना, राजू, मोसीना, गुलफशा आदि ने बताया कि 30-40 परिवार ऐसे हैं जिनके आज तक राशन कार्ड नहीं बनवाए गए हैं। कई बार प्रधान से इसकी शिकायत की गई, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई है।
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महिला - फोटो : अमर उजाला
मजबूरी में चूल्हे पर बनाते हैं खाना 
चरण सिंह प्रजापति की पत्नी निर्मला देवी दोपहरी में चूल्हे पर खाना बना रही थीं। धुएं से उनका हाल बेहाल था। उन्होंने बताया कि कई बार गैस एजेंसी पर कनेक्शन के लिए गए थे। लेकिन उज्ज्वला योजना में कनेक्शन देने से इनकार कर दिया। पैसे में कनेक्शन देने को तैयार थे। लेकिन इतना पैसा न होने के कारण कनेक्शन नहीं ले पाए।
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फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
कनेक्शन है, सिलिंडर नहीं ले पाते 
गांव में नेत्रहीन विनोद अपनी चारपाई पर बैठे थे। बगल में चूल्हे पर खाना बन रहा था। इन्होंने बताया कि उज्ज्वला योजना का कनेक्शन मिला है, लेकिन आर्थिक तंगी के कारण वह सिलिंडर भरवा नहीं पाते। जिस कारण चूल्हे पर ही खाना बनाना मजबूरी है।

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चूल्हे पर रोटी बनाती महिला - फोटो : अमर उजाला
मिला था कनेक्शन, बाद में ले गए 
सोमनाथ अपनी पत्नी करतारी के साथ अपने बेटों से अलग रहते हैं। इन्होंने पत्नी के नाम से उज्ज्वला योजना में गैस कनेक्शन लिया था। जिसकी एवज में एजेंसी पर 1650 रुपये जमा किए थे। एजेंसी से पाइप, रेग्युलेटर, चूल्हा, सिलिंडर मिला था। लेकिन दो माह बाद ही एजेंसी के कर्मचारी सभी सामान उठाकर ले गए। चूल्हा और पाइप ही छोड़ गए। आज तक न तो कारण बताया गया और न ही कनेक्शन दिया गया।

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चूल्हे पर खाना बनाती महिला
समय से नहीं भरवा पाते सिलिंडर
विजयपाल शर्मा के घर में उज्ज्वला योजना के तहत लिया गया गैस कनेक्शन है। इनके यहां कभी खाना गैस तो कभी चूल्हे पर बनता है। विजयपाल की बेटी आंचल शर्मा ने बताया कि समय से सिलिंडर न भरने के कारण चूल्हे का सहारा लेना पड़ता है।

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चूल्हे पर खाना बनाती महिला - फोटो : अमर उजाला
सांसद के सामने रखेंगे समस्याएं 
सरकार ने प्रत्येक परिवार को योजना का लाभ देने का प्रयास किया है। यह बात सही है कि गांव के कुछ ओबीसी परिवारों को अभी तक उज्ज्वला योजना का लाभ नहीं मिला है। काफी परिवारों के पास राशन कार्ड नहीं हैं। चूल्हे पर लोग मजबूरी में ही खाना बनाते हैं। कुछ लोग गैस की रोटी खाना ही पसंद नहीं करते हैं। हम सांसद विजयपाल तोमर के सामने ग्रामीणों की समस्या रखेंगे। - लोकेश तोमर, भाजपा नेता

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चूल्हे पर खाना बनाती महिला - फोटो : अमर उजाला
सभी के पास राशन कार्ड होने जरूरी 
कंपनी के अधिकारी और एजेंसी के कर्मचारियों ने गांव का सर्वे किया था। गैस कनेक्शन उसी को दिया जा सकता है जिसके पास राशन कार्ड और अन्य दस्तावेज होंगे। हम चाहते हैं कि अधिक से अधिक गैस कनेक्शन बांटे जाएं। उज्ज्वला प्लस योजना में ओबीसी, विकलांग के लिए निशुल्क गैस कनेक्शन नहीं हैं। - गणेश चौहान, मैनेजर इंडेन गैस एजेंसी भगवानपुर

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चूल्हे पर खाना बनाती महिला - फोटो : अमर उजाला
बनवाए जा रहे हैं राशन कार्ड 
काफी परिवारों के पास राशन कार्ड नहीं हैं। हम अपने स्तर से कई बार जिलापूर्ति विभाग में फार्म जमा कर चुके हैं। लेकिन बनाए नहीं जा रहे हैं। तीन दिन पहले भी जिलापूर्ति विभाग के इंस्पेक्टर से बात हुई तो उन्होंने ऑनलाइन आवेदन की बात कही है। गांव के ओबीसी, सामान्य जाति के कुछ परिवार ऐसे हैं जिनके पास गैस कनेक्शन नहीं हैं। हमने राज्यसभा सदस्य विजयपाल तोमर के सामने समस्या रखी थी। - अनिल तोमर, ग्राम प्रधान
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चूल्हे पर खाना बनाती महिला - फोटो : अमर उजाला
धुआं सेहत के लिए खतरनाक 
लंबे समय तक धुएं के करीब रहने से आंखों में एलर्जी होने की आशंका बढ़ जाती है। आंखों का पानी सूख जाता है। जिससे चुभन रहने लगती है। सांस के साथ धुआं जाने से भी शरीर को हानि पहुंचती है। धुएं से बचना चाहिए। - डॉ. लोकेश नेत्र रोग विशेषज्ञ

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