Saharanpur mother daughter death case: सहारनपुर में एक महिला ने बेटी और बेटे को जहर देने के बाद खुद भी जान दे दी। शौचालय के विवाद में महिला ने जानलेवा कदम उठाया। गांव के बाहर तीनों बेसुध मिले। मौके से सल्फास की खाली शीशी मिली। ससुराल वालों पर आत्महत्या के लिए उकसाने की एफआईआर दर्ज की गई है।
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saharanpur suicide case
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
Saharanpur News: सहारनपुर के गागलहेड़ी इलाके के बलियाखेड़ी गांव में मनीता (30), उसकी छह साल की बेटी नित्या और तीन साल के बेटे कार्तिक जाहरवीर महाड़ी स्थल के पास बेसुध हालत में मिले। उनके पास सल्फास की खाली शीशी पड़ी थी।
अस्पताल ले जाने पर तीनों को मृत घोषित कर दिया गया। पुलिस का कहना है कि महिला ने बच्चों को जहर खिलाने के बाद खुद भी निगल लिया। ससुराल वालों पर आत्महत्या के लिए उकसाने की एफआईआर दर्ज की गई है।
थाना जनकपुरी के गांव मोहद्दौनपुर निवासी मनीता की शादी साल 2018 में बलियाखेड़ी निवासी नीटू के साथ हुई थी। नीटू मजदूरी करता है। मनीता के परिजनों ने पुलिस को बताया कि शादी के बाद से ही पति-पत्नी के बीच विवाद चल रहा था।
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मनीता और उसके दोनों बच्चों की फाइल फोटो।
- फोटो : अमर उजाला
पड़ोसियों ने पुलिस को बताया कि शादी के बाद से ही मनीता की पति के अलावा ससुराल वालों से भी अनबन रहती थी। बृहस्पतिवार सुबह छत पर बने शौचालय के इस्तेमाल को लेकर मनीता का ससुराल पक्ष से विवाद हुआ, जिसके बाद वह अपने बच्चों को लेकर मायके जाने के लिए घर से निकल गई।
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पोस्टमार्टम हाउस में पहुंचे मनीता के पिता व अन्य परिजन
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
देर शाम ग्रामीणों ने मनीता और उसके दोनों बच्चों को गांव के बाहर जाहरवीर म्हाड़ी स्थल के पास बेसुध हालत में देखा और परिजनों को सूचना दी। मनीता के भाई जसबीर की तहरीर पर पुलिस ने पति, ससुर, जेठ और जेठानी के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज कर लिया है।
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बलियाखेड़ी गांव में तीन मौत के बाद पोस्टमार्टम हाउस पर बैठी गमगीन महिलाएं
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
'...हमें बचा लो, मरना नहीं चाहते'
पुलिस के अनुसार, जब मनीता, उसकी बेटी नित्या और बेटे कार्तिक को अस्पताल ले जाया गया तो वह बेसुध हालत में थे। मनीता और बेटी नित्या बार-बार एक ही बात बोल रही थी कि हमें बचा लो। बहुत दर्द हो रहा है, हम जीना चाहते हैं। डॉक्टरों ने भरसक प्रयास भी किया, लेकिन उस वक्त काफी देर हो चुकी थी।
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पोस्टमार्टम हाउस पर जमा परिजन व ग्रामीण
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
परिजन बोले-ससुराल पक्ष के लोग मनीता के साथ करते थे मारपीट
नीटू और अन्य ग्रामीण पुलिस की मदद से तीनों को सहारनपुर के एक निजी अस्पताल ले गए। वहां उपचार के दौरान सबसे पहले मनीता फिर नित्या और कुछ देर बाद कार्तिक ने भी दम तोड़ दिया। मनीता के भाई जसबीर ने आरोप लगाया है कि ससुराल पक्ष के लोग मनीता के साथ अक्सर मारपीट करते थे। बृहस्पतिवार को भी उसके साथ मारपीट की गई थी।
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मनीता की फाइल फोटो
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
'मेरी बहन और बच्चों को जहर देकर मारा'
इसके बाद उसे जहरीला पदार्थ खिला दिया। हालांकि पुलिस ने जसबीर की तहरीर पर पति नीटू, ससुर अतर सिंह, जेठ अरविंद और जेठानी कविता के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने की धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की है। इस पूरे मामले में मनीता के भाई गांव मोहद्दीनपुर निवासी जसबीर ने ससुरालियों पर बहन को जहर देकर मारने का आरोप लगाया है। जसबीर का कहना है कि बहन मनीता के साथ ससुराल पक्ष के लोग मारपीट करते थे। बृहस्पतिवार को भी उनके परिवार में झगड़ा हुआ था।
मारपीट करने के बाद उसे घर से निकाल दिया था। कहा था कि तुम्हारा यहां कुछ नहीं है। इसके बाद बहन मनीता घर आ गई थी। शाम को ससुराल पहुंचने पर ससुर, जेठ और जेठानी ने मनीता और उसके बच्चों को जहर दिया गया। शाम के समय उनके पास नीटू का फोन आया, जिसने कहा कि 20 हजार रुपये लेकर अस्पताल आ जाओ। पूछने पर बताया कि अस्पताल आने पर ही पता लग जाएगा। इसके बाद जसबीर अपने भाई के साथ मनीता की मौत हो गई है। बाइक से अस्पताल पहुंचा। वहां देखा कि मनीता की मौत हो गई।
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कार्तिक की फाइल फोटो
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
बेहद गरीब है नीटू का परिवार
मनीता का पति नीटू आसपास के क्षेत्र में ही मेहनत मजदूरी करके परिवार का भरण पोषण करता है। नीटू जिस मकान में रहता है वह भी परिवार की संपत्ति है। उसमें उसके साथ ही उसका बड़ा भाई, भाभी, एक छोटा अविवाहित भाई और पिता अतर सिंह रहते हैं। मनीता और उसके दोनों बच्चों की मौत के मामले में पति सहित चार ससुरालियों के नामजद होने के बाद वह मकान खाली पड़ा है।
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बलियाखेड़ी गांव में तीन मौत के बाद पोस्टमार्टम हाउस पर बैठी गमगीन महिलाएं
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
गांव में छाया मातम घरों में नहीं जले चूल्हे
मां और उसके दो बच्चों की मौत से बलियाखेड़ी गांव में माता छा गया। घरों में चूल्हे नहीं जले। बताया जाता है कि मनीता और उसके पति नीटू में आए दिन कहासुनी होती रहती थी। गृह क्लेश के चलते ही वह बच्चों को लेकर मायके चली गई थी। ग्रामीणों का कहना है कि यदि वह मायके में ही रुक जाती तो शायद यह खौफनाक कदम न उठाती और उसकी जान बच जाती।
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बलियाखेड़ी गांव की मनीता, उसकी बेटी नित्या और बेटा कार्तिक की फाइल फोटो
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
तीनों का एक साथ अंतिम संस्कार, आंखों से छलके आंसू
बलियाखेड़ी गांव में मनीता और उसके दोनों बच्चों के शव पोस्टमार्टम से पहुंचते ही परिजनों में कोहराम मच गया। पुलिस हिरासत में पहुंचे नीटू ने पत्नी मनीता की चिता को मुखाग्नि दी। जबकि दोनों बच्चों के शवों को पास ही गड्ढा खोद कर दफनाया गया। वहां पर मौजूद परिजनों के अलावा ग्रामीणों की आंखों से भी आंसू छलक पड़े। गांव में मनीता और उसके दोनों बच्चों की मौत के बाद चूल्हे भी नहीं जले। सभी की जुबान पर हादसे का जिक्र था। लोग उस घड़ी को कोस रहे थे जब मनीता ने आत्मघाती कदम उठाया था।
पति और जेठ को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। यह मामला घरेलू विवाद के कारण आत्महत्या का प्रतीत होता है। जांच के बाद आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। व्योम बिंदल, एसपी सिटी