बागपत में जनाक्रोश का घटना के जल्द खुलासे का दबाव, सुबूत काफी कुछ कहानी कह रहे थे,आरोपी के घर और दुकान की तलाशी भी ली गई, लेकिन पुलिस आरोपी के गिरेबां तक पहुंचकर भी उसे गिरफ्तार करने से चूक गई। पुलिस को उस सख्श पर शक था लेकिन पुलिस बोरे और बयान के बीच उलझती रही। इसी बीच हत्यारे ने पोल खुलने के डर से आत्महत्या कर ली। जी हां यदि पुलिस से एक चूक नहीं होती तो जिंदा पकड़ा जाता बच्ची का हत्यारा। लेकिन फिर ऐसे सामने आया घटना के पीछे का काला सच
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दुकान में लगे सीसीटीवी ने खोला हत्या का राज
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बच्ची को अपने साथ लेकर जाता आरोपी
- फोटो : अमर उजाला
20 सितंबर की शाम बालिका का शव शाह गार्डन अर्वाचीन पब्लिक स्कूल के पीछे प्लास्टिक के बोरे में बंद मिला था। पोस्टमार्टम में दुष्कर्म के बाद हत्या की पुष्टि हुई थी। एसपी शैलेश कुमार पांडेय ने बताया कि पुलिस ने इस मामले में 25-30 लोगों से पूछताछ की और 10-12 जगह सीसीटीवी फुटेज खंगाली। इसमें नगर पालिका में वार्ड एक से सभासद तारादेवी के पुत्र रजनीश निवासी मोहम्मद रैदासपुरी कस्बा खेकड़ा का नाम प्रकाश में आया। 21 सितंबर की देर रात में पुलिस ने रजनीश के घर, दुकान व गोदाम की तलाशी ली थी। बाद में दुकान में लगे सीसीटीवी फुटेज देखने से पूरा मामला स्पष्ट हो गया। पुलिस ने उसे अगले दिन सुबह पूछताछ के लिए थाने पर आने को कहा, लेकिन रात में ही उसने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।
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हत्या के 60 घंटे बाद फांसी के फंदे पर झूल गया था आरोपी
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मेरठ न्यूज
- फोटो : अमर उजाला
आरोपी नगर पालिका की सभासद का पुत्र था, इसलिए पुलिस जल्दबाजी में कोई कदम नहीं उठाना चाहती थी। अगले दिन पुन: पुलिस ने उसे पूछताछ के लिए थाने आने के लिए कहा, लेकिन रात में ही उसने आत्महत्या कर ली। पुलिस की यह दो चूक भारी पड़ी और अन्यथा जिंदा ही आरोपी को पकड़ा जा सकता था। बालिका के हत्यारोपी को पुलिस आत्महत्या से पहले ही दबोच सकती थी, लेकिन इसमें पुलिस से चूक हो गई और वह ऐसा नहीं कर पाई। एसपी ने बताया कि जिस प्लास्टिक के बोरे में छात्रा का शव मिला था, उस बोरे के इनपुट पर दुकानदार रजनीश का नाम था, उससे पूछताछ की गई थी। पुलिस ने उसकी दुकान की भी तलाशी ली गई, लेकिन उस समय दुकान के बाहर और भीतर लगे सीसीटीवी पर पुलिस की नजर नहीं गई। पुलिस ने बोरे के लिखे नाम के आधार पर आरोपी से पूछताछ की थी, लेकिन उसने पुलिस को कुछ नहीं बताया। पुलिस ने पर्याप्त सबूत न होने के कारण उसे घर भेज दिया गया था और अगले दिन थाने पर आने के लिए कहा गया था। रात में ही उसने आत्महत्या कर ली।
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वारदात के बाद तौलिये से मुहं पौंछता आरोपी
- फोटो : अमर उजाला
मृतक आरोपी रजनीश ने केवल 28 मिनट में छात्रा की रेप के बाद हत्या की वारदात को अंजाम दिया। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपी 3:05 पर छात्रा को दुकान के अंदर लेकर आता है। उसे गोदाम की तरफ ले जाता है। 3:33 पर वह अकेला गोदाम से बाहर आता है और तौलिये से अपना पसीनी पोंछता है और इसके बाद वह दुकान पर इधर-उधर घूमता रहा है और ग्राहकों को सामान भी देता है। अगले दिन शाम 7:14 पर अंधेरा होने के बाद वह प्लास्टिक के बोरे में छात्रा के शव को लेकर दुकान से बाहर निकलता है और सामने खाली पड़े प्लॉट में बोरे को छिपा देता है। इसके बाद दुकान बंद कर घर चला जाता है। रात्रि में 12:24 पर वह बाइक लेकर दुकान की आता है और बोरे को (जिसमें छात्रा का शव है) बाइक पर रखकर ले जाता है।
बच्ची के शव को बोरे में भरकर ले जाता आरोपी
- फोटो : अमर उजाला
- खेकड़ा बाजार से बुधवार 19 सितंबर को कक्षा पांच की छात्रा (10) लापता हो गई।
- बुधवार रात में छात्रा के पिता ने अपहरण की धारा में थाने पर रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
- बृहस्पतिवार शाम करीब छह बजे बालिका की लाश एक बोरे में बंद सड़क किनारे मिली।
-शव की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बालिका की दुष्कर्म के बाद हत्या किए जाने की पुष्टि हुई।
-जिस बोरे में शव मिला उसपर सभासद पुत्र की दुकान के नाम से माल भेजे जाने की बात थी।
- शुक्रवार को पुलिस ने सभासद पुत्र रजनीश से पूछताछ की, दुकान व घर की तलाशी ली।
- रजनीश ने शुक्रवार रात में घर की ऊपरी मंजिल पर बने कमरे में फांसी लगाकर जान दे दी।