पांच साल पूर्व सात सितंबर को यूपी के मुजफ्फरनगर में जो हुआ, उसे याद करके आज भी दंगा पीड़ित सिहर जाते हैं। दंगे ने उनसे सबकुछ छीन लिया। घर छूट गया, परिवारों को झोपड़ी में रहना पड़ रहा है, जहां लोग सुविधाओं से मोहताज हैं। कई लोग अपने परिवार सहित गांवों से पलायन कर गए। आज भी यहां कई घरों पर ताला लगा हुआ है वहीं कई मस्जिदें वीरान हैं। यहीं पर सूनी पड़ी एक मस्जिद को कई साल से रोशन करता आ रहा है एक हिंदू परिवार :-