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PHOTOS: जुबां पर आया टॉपर्स का दर्द, कहा- 'मुन्ना भाइयों' ने किया बदनाम

Sat, 24 Mar 2018 11:31 AM IST
यूपी डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
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सना जैदी - फोटो : अमर उजाला
चौधरी चरण सिंह यूनिवर्सिटी में कॉपियों की अदला-बदली का खेल सामने आने के बाद से हर कोई अवाक है। सबसे ज्यादा दुखी वे छात्र-छात्राएं हैं, जो 14-15 घंटे पढ़ाई करने के बाद टॉप करते हैं।
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आरोपी गिरफ्तार - फोटो : अमर उजाला
व्हाट्स एप और फेसबुक में चिपके रहने की बजाय किताबों में खोए रहते हैं। इसके बाद जाकर सफलता मिलती है। मेडिकल कॉलेज, मेरठ कॉलेज, डीएन कॉलेज से लेकर एनएएस के छात्र और गर्ल्स कॉलेजों की तमाम छात्राएं इस स्कैंडल के सामने आने के बाद से आहत हैं। कॉलेजों के टॉपर्स से इसको लेकर बात की गई तो सभी ने एक ही जवाब दिया कि चुनिंदा मुन्ना भाइयों की वजह से हमको भी यही सुनना पड़ेगा कि अरे... आप तो सीसीएसयू से पासआउट हो, जहां पर कॉपियां तक बदल जाती हैं। ऐसे में इस सबको रोकने के लिए सरकार को कड़े कदम उठाने चाहिए। ताकि फिर कोई शिक्षा से ऐसा खिलवाड़ न कर सके।
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सबकी छवि खराब कर दी 

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मनीष राज सिंह - फोटो : अमर उजाला
सालाना लाखों छात्र-छात्राएं यूनिवर्सिटी के कॉलेजों से पासआउट होते हैं। इस प्रकरण ने सबकी छवि खराब कर दी। जबकि चुनिंदा ही ऐसी हेराफेरी करके पास होते हैं। इसमें यूनिवर्सिटी का दोष है। जिसके चलते लोग डिग्री पर सवाल उठाते हैं। -मनीष राज सिंह, गोल्ड मेडलिस्ट एमए डिफेंस स्टडीज, मेरठ कॉलेज

इससे बड़ा भ्रष्टाचार नहीं

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सना जैदी - फोटो : अमर उजाला
यहां कभी बच्चों को कॉपियां जांचते हुए पकड़ा गया था। लेकिन इससे बड़ा भ्रष्टाचार तो हो ही नहीं सकता। कुछ छात्रों और कर्मचारियों की वजह से यूनिवर्सिटी के लाखों छात्रों को नुकसान हुआ है। ऐसे मामलों में सख्ती हो। -सना जैदी, गोल्ड मेडलिस्ट एलएलएम, मेरठ कॉलेज
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...ऐसे ही डिग्री बांट दें

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अंजू रानी - फोटो : अमर उजाला
गलती यूनिवर्सिटी के कर्मचारी कर रहे हैं और खामियाजा छात्र-छात्राओं को भुगतना पड़ रहा है। अगर ऐसा ही होता है तो सारे कॉलेज बंद कर ऐसे ही डिग्री बांट दें। इतनी मेहनत करके छात्र कामयाबी हासिल करते हैं। ऐसा कुछ ही ने किया है लेकिन पूरी यूनिवर्सिटी का नाम बदनाम हो रहा। -अंजू रानी, गोल्ड मेडलिस्ट एमएससी सांख्यिकी, मेरठ कॉलेज
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ये सही नहीं है 

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हर्ष कुमार - फोटो : अमर उजाला
14-15 घंटे पढ़ाई की, तब जाकर सफलता मिली। कल कहीं नौकरी मांगने जाएंगे तो लोग बोलेंगे कि वहां तो कॉपियां बदल जाती हैं। इससे पढ़ाई करने वाले छात्रों पर बहुत फर्क पड़ता है। कुछ छात्रों और ऐसे भ्रष्ट कर्मचारियों की वजह से सारी यूनिवर्सिटी बदनाम हो रही है। ये सही नहीं है। -हर्ष कुमार, गोल्ड मेडलिस्ट एमएससी फिजिक्स, डीएन डिग्री कॉलेज
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यह सिस्टम की खामी

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इजहार अजीम - फोटो : अमर उजाला
चंद छात्रों की वजह से सभी बदनाम होते हैं। दिन-रात मेहनत के बाद जाकर पास होते हैं। ये सब सिस्टम की खामी है। सरकार को चाहिए कि कड़े कदम उठाकर पारदर्शी सिस्टम बनाएं। इन लोगों की वजह से एमबीबीएस के सभी छात्र-छात्राएं मायूस हैं। -इजहार अजीम, एमबीबीएस टू प्रॉक्स स्टूडेंट, मेडिकल कालेज

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