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Meerut: बुझ गया घर का इकलौता चिराग, शव से लिपटकर रोती रहीं मां और बहन, दर्दनाक था हादसा, तस्वीरें

Fri, 23 Dec 2022 05:36 PM IST
कपिल kapil अमर उजाला ब्यूरो, मेरठ
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मेरठ हादसा। - फोटो : amar ujala
मेरठ के कंकरखेड़ा में हाईवे पर सड़क हादसे में हुई ब्रह्मपुरी निवासी संजय जैन के इकलौते बेटे ऋषभ जैन की मौत पर परिवार और रिश्तेदारों में मातम छाया हुआ है। इकलौते बेटे के शव से लिपटकर मां मीनू जैन और बहन चुनमुल जैन रोती बिलखती रही। ऋषभ जैन केंद्रीय सह प्रचार प्रमुख आलोक कुमार का भांजा था। 

वहीं इसकी जानकारी पर मंत्री संजीव बालियान, दिनेश खटीक सहित भाजपा नेता व संघ पदाधिकारी पीड़ित परिवार को सांत्वना देने में लगे रहे। गुरुवार शाम को सूरजकुंड पर अंतिम संस्कार किया गया।
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ऋषभ - फोटो : अमर उजाला
सड़क हादसे में ऋषभ की मौत होने के बाद परिजनों ने शव का पोस्टमार्टम कराने से इन्कार कर दिया था। इसके बाद बुधवार रात को ही परिजन शव को घर लेकर आ गए थे। बृहस्पतिवार सुबह जैसे ही लोगों को घटना के बारे में पता चला तो उन्होंने घर पर पहुंचकर सांत्वना दी। बहन चुनमुल की जैसलमेर में पोस्टिंग होने के चलते उन्हें मेरठ में पहुंचने में समय लगा। इसलिए शाम को अंतिम संस्कार किया गया। उत्तर प्रदेश सहकारी उपभोक्ता संघ के चेयरमैन संजीव गोयल सिक्का का भी ऋषभ रिश्ते में भांजा लगता था। वह भी इस घटना के बाद से काफी परेशान हैं। 
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मेरठ हादसा। - फोटो : amar ujala
बुझ गया घर का इकलौता चिराग 
ऋषभ की मौत होने से घर का इकलौता चिराग भी बुझ गया। ऋषभ की एक बहन चुनमुल जैसलमेर में आर्मी में आईईएस पद पर तैनात है। उनकी शादी दो साल पहले बिजनौर में हुई थी। उनको बृहस्पतिवार सुबह फोन पर इस घटना के बारे में जानकारी दी गई तो वह आनन-फानन में मेरठ पहुंची। बहन का रो-रोकर बुरा हाल था।

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ऋषभ - फोटो : Amar ujala
बीआईटी कॉलेज से दो साल पहले किया था बीटेक सिविल 
ऋषभ पढ़ने में काफी होशियार था। उसने परतापुर बाईपास स्थित बीआईटी कालेज से बीटेक सिविल की पढ़ाई दो साल पहले पूरी की है। इसके बाद ऋषभ की गौतमबुद्धनगर विश्वविद्यालय में जेई के पद पर नौकरी लग गई थी। करीब दो महीने पहले नौकरी छोड़कर ऋषभ मेरठ आ गया था। अब बिजनेस शुरू करने का प्लान तैयार कर रहा था। 
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गमजदा परिजन। - फोटो : amar ujala
ऋषभ के जाने से हम तो बर्बाद हो गए
ऋषभ के पिता संजय जैन इंडियन बैंक में हेड कैशियर के पद पर कार्यरत हैं। बेटे की मौत से वह सकते में आ गए। सांत्वना देने पहुंचे लोगों से पिता एक ही बात बोल रहे थे कि उनका सब कुछ बेटा ही था, अब वह बर्बाद हो गए। अब मैं ऋषभ को कहां से लेकर आऊं। 
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मंत्री डॉ. संजीव बालियान - फोटो : अमर उजाला
मंत्री संजीव बालियान और दिनेश खटीक भी पहुंचे 
दोपहर में मंत्री दिनेश खटीक समेत कई भाजपा नेता और संघ पदाधिकारी ब्रह्मपुरी स्थित बिशन चौक पर ऋषभ जैन के घर पहुंचे। उसके बाद अंतिम संस्कार में केंद्रीय मंत्री संजीव बालियान, भाजपा क्षेत्रीय अध्यक्ष मोहित बेनीवाल, विधायक अमित अग्रवाल, जिलाध्यक्ष विमल शर्मा, महानगर अध्यक्ष मुकेश सिंहल, आरएसएस पदाधिकारी दर्शन लाल अरोड़ा, विनोद भारती, सूर्य प्रकाश टांक, फूल सिंह और अजीत सिंह आदि मौजूद रहे। 
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हाईवे - फोटो : अमर उजाला
हाईवे पर हुआ था हादसा 
यह हादसा बुधवार रात कंकरखेड़ा थानाक्षेत्र के एनएच-58 हाईवे स्थित डाबका कट पर हुआ था। कोहरे में अचानक गाड़ी सामने आने पर ऋषभ ने अपनी कार में ब्रेक लगाते हैंड ब्रेक लगा दिए। जिस पर अनियंत्रित कार पलट गई। जिसमें ऋषभ की मौके पर मौत हो गई थी, जबकि कार में सवार ऋषभ के दोस्त चिराग और निशांत भी घायल हो गए थे। निशांत सेना में लेफ्टिनेंट के पद पर दिल्ली में तैनात है। वह वर्तमान में छुट्टी पर घर आए थे। शाम के समय तीनों दोस्त हाईवे पर कार से घूमने के लिए आए थे। घायल दोनों दोस्तों की हालत में सुधार है। 
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मेरठ पुलिस - फोटो : अमर उजाला
ऋषभ को याद कर दोनों दोस्त हुए भावुक 
बुधवार रात सड़क हादसे में हुए घायल दोनों दोस्त को पुलिस ने अस्पताल में भर्ती कराया था। बृहस्पतिवार सुबह दोनों दोस्त ऋषभ को याद कर भावुक हो गए। दोनों दोस्त को याद कर बार-बार रो रहे थे। दोनों ने कहा कि हादसा अचानक हुआ। कार कैसे पलट गई, कुछ याद नहीं है।
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