सुबह 9:55 बजे कमिश्नर ऑफिस के लैंडलाइन नंबर से इंस्पेक्टर सिविल लाइन धीरज शुक्ला के सीयूजी नंबर पर कॉल आई कि पुलिस लेकर कमिश्नरी में आओ। कोई हंगामा करने पहुंचा होगा कि यह सोचकर इंस्पेक्टर चार सिपाही लेकर कमिश्नरी पहुंच गए।
विज्ञापन
2 of 11
एमडीए के तीन अफसरों पर गिरी गाज
कमिश्नर बोले कि यह एमडीए के कर्मचारी हैं इनको कस्टडी में ले लो। थाने पहुंचो तहरीर भिजवा रहा हूं। चार सिपाही देखे तो कमिश्नर ने इंस्पेक्टर से कहा कि अगर पुलिस कम हो तो मेरा स्टाफ भी ले जाओ। यह सुनते ही एमडीए अधिकारियों के होश उड़ गए। उन्होंने यह सोचा भी न था कि ऐसा होगा। बुलाए तो मीटिंग के लिए थे पर भेज दिया थाने।
विज्ञापन
3 of 11
एमडीए के तीन अफसरों पर गिरी गाज
कमिश्नर डॉ. प्रभात कुमार ने शुक्रवार सुबह सुबह भ्रष्टाचार में लिप्त एमडीए के एक्सईएन, एई तथा जेई को अपने ऑफिस में बुलाने से पहले पुलिस को फोन किया। इन तीनों को भी फाइल पर बात करने के लिए बुलाया गया था। पत्रावली पर बात करने के बाद कमिश्नर ने पुलिस बुला ली। तीनों को कस्टडी में लेते ही इंस्पेक्टर ने सीओ सिविल लाइन, एसपी सिटी और फिर एसएसपी को फोन कर जानकारी दी।
4 of 11
एमडीए के तीन अफसरों पर गिरी गाज
इसके बाद कमिश्नरी से सिविल लाइन थाने तक पुलिस फोर्स लगाने के अफसरों ने निर्देश दे दिए। थाने में एमडीए के तीनों कर्मचारियों के परिजन पहुंच गए। कमिश्नर ने तीनों कर्मचारियों को कस्टडी में लेने की बात इंस्पेक्टर से कही तो कर्मचारी घबराने लगे। क्योंकि उनको मीटिंग की बात कहकर बुलाया गया था। उन्होंने बार बार कहा कि सॉरी सर। लेकिन कमिश्नर ने कहा कि गलती की है तो सजा भुगतो।
विज्ञापन
5 of 11
एमडीए के तीन अफसरों पर गिरी गाज
पकड़े गए तीनों कर्मचारी के पक्ष में सैकड़ों लोग सिविल लाइन थाने पहुंचे। कर्मचारियों की गिरफ्तारी होने पर थाने में लोगों का तांता लगा रहा। दिनभर थाने पर पुलिस फोर्स लगी रही। थाना पुलिस को निर्देश था कि कोई हंगामा करे तो उसको भी गिरफ्तार करें। इसकी जानकारी एमडीए के कर्मचारियों को भी थी। जिसके चलते कोई हंगामा नहीं हुआ।
विज्ञापन
6 of 11
एमडीए के तीन अफसरों पर गिरी गाज
तीनों कर्मचारियों को पुलिस ने थानाध्यक्ष के ऑफिस में बैठाए रखा। इनकी निगरानी में दरोगा श्रीनिवास थे। कर्मचारियों से मिलते व उनको आश्वासन देकर लौट जाते कि उच्चाधिकारी से बातचीत चल रही है। घबराने की जरूरत नहीं हैं। सब छूट जायेंगे, कोई जेल नहीं जाएगा।
विज्ञापन
7 of 11
एमडीए के तीन अफसरों पर गिरी गाज
भ्रष्टाचार में लिप्त अधिकारियों की रात थाने में कटी। मुकदमा चार बजे तक हो चुका था। उनको पेश किया जा सकता था, लेकिन कमिश्नर ने साफ कहा कि पूरी लिखा-पढ़ी के बाद ही उन्हें कोर्ट में पेश किया जाए। वहीं इंस्पेक्टर सिविल लाइन ने बताया कि एक अधिकारी एके सिंह हार्ट के मरीज हैं। जिनकी तबियत खराब होने का अंदेशा है। इसको देखते उनको ऑफिस में बैठाया था। शनिवार को सभी को कोर्ट में पेश किया जाएगा।
8 of 11
एमडीए के तीन अफसरों पर गिरी गाज
इस घोटाले में एमडीए अधिकारियों ने वायर की कीमतों को लेकर बहाना बनाया कि रेट गाजियाबाद से लिए गए हैं। ऐसे में कमिश्नर ने साइकिल ट्रैक की भी फाइल तलब की है। कहा कि अगर वहां भी इतने ज्यादा रेट हुए तो कार्रवाई की जाएगी।
9 of 11
एमडीए के तीन अफसरों पर गिरी गाज
डिप्लोमा संघ के प्रांतीय पदाधिकारी कुमदेश शर्मा आदि भी इस प्रकरण को लेकर कमिश्नर के पास पहुंचे और सहानुभूति पूर्वक विचार करने को कहा। कमिश्नर ने कहा कि क्या हो सकता है? अब तो पुलिस ही विवेचना करेगी।
10 of 11
एमडीए के तीन अफसरों पर गिरी गाज
कमिश्नर ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि इस मामले में जेई से लेकर वीसी तक शामिल हैं। सभी पर मुकदमा हो। ऐसे में इस फाइल से जुड़े मुख्य दो अधिकारी रह गए। इस काम के बिल पर साइन करने वाले कार्यवाहक एसई दिनेश चंद तोमर तथा एफसी वसी मोहम्मद पर भी कमिश्नर ने मुकदमा दर्ज करने की बात कही थी। उन्होंने बताया कि जिनके नाम छूट गए हैं उनके नाम विवेचना में सामने आ जाएंगे।
वीसी सीताराम यादव ने पहले इस संबंध में बैठक ली और फिर 50 साल से ज्यादा उम्र के अक्षम कर्मचारियों को अनिवार्य रिटायरमेंट देने की स्क्रीनिंग की। कहा कि काम न करने वाले कर्मचारियों को रिटायर किया जाएगा।
शहर से लेकर देश तक की ताजा खबरें व वीडियो देखने लिए हमारे इस फेसबुक पेज को लाइक करें