डॉ शशि सिंह, डीजीओ एमएस, इनफर्टिलिटी विशेषज्ञ
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आईवीएफ, टेस्ट ट्यूब बेबी सेंटर के लिए सरकार की गाइडलाइन
- आईवीएफ केंद्र जन्मे या अजन्मे शिशु का लिंग दर्शाता हुआ विज्ञापन जारी, प्रकाशित या प्रसारित नहीं कर सकेगा। इस तरह के विज्ञापन इंटरनेट पर भी जारी नहीं किए जा सकेंगे।
- आईवीएफ केंद्रों पर गर्भाधान के लिए आने वाले महिला-पुरुष (दंपतियों) से प्रसव की जानकारी लेना अनिवार्य होगा कि गर्भाधान के बाद लड़का हुआ या लड़की।
- कृत्रिम गर्भाधान केंद्रों पर महिला व पुरुष के जो फॉर्म (ओ, ई और एफ) भरे जाते हैं, उनकी रिपोर्टिंग पीसी एंड पीएनडीटी के पोर्टल पर भी डालना होगा।
- कृत्रिम गर्भाधान के लिए सेंटर पर आने वाले महिला-पुरुष या दंपती का आधार नंबर लेना भी अनिवार्य होगा। कृत्रिम गर्भाधान की प्रक्रिया के दौरान जो फाइल तैयार की जाएगी, इसमें आधार नंबर भी दर्ज किया जाएगा, ताकि जरूरत पड़ने पर इन्हें खोजा जा सके।