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यूपी: मेरठ में स्वाइन फ्लू का हमला जारी, इस रोग से बचने के लिए करें ये उपाय

Wed, 02 Jan 2019 11:09 AM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
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स्वाइन फ्लू
मेरठ जिले में स्वाइन फ्लू का हमला जारी है। मंगलवार को दो और लोगों को स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई है। स्वास्थ्य विभाग की तरफ से इन्हें और इनके परिजनों समेत आठ लोगों को टेमी फ्लू की दवाई है। इस सीजन में स्वाइन फ्लू के 26 मरीज मिल चुके हैं। दो महिलाओं की मृत्यु हो चुकी है। नए मरीजों में 38 वर्षीय युवक मूल रूप से अलवर राजस्थान की रहने वाला है। वह मेरठ में निजी कंपनी में नौकरी करते हैं। वह करीब एक सप्ताह पहले राजस्थान गए थे। दो दिन पहले ही वहां से लौटे हैं। तब से ही उन्हें तेज जुकाम और बुखार की शिकायत है। वह एक निजी चिकित्सालय में अपना इलाज करा रहे हैं। इनकी पत्नी और इनके भाई को टेमी फ्लू की दवा दी गई है। स्वाइन फ्लू पीड़ित महिला 30 साल की हैं। उन्हें भी बुखार और कफ की शिकायत है। उन्हें ऑक्सीजन सपोर्ट भी रखा जा चुका है। उन्हें अस्थमा की भी शिकायत है। वह अपने घर पर हैं और उनकी तबियत स्थिर है। आगे जानें कैसे होता है यह रोग और इससे कैसे किया जा सकता है बचाव:-
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swine flu
एच1एन1 वायरस नया नहीं है, चिकित्सका विशेषज्ञों के अनुसार एच1एन1 वायरस का चाल, चलन व चरित्र समय के हिसाब से बदलता रहता है। इसकी वैक्सीन है, लेकिन 60 प्रतिशत मरीजों पर यह कारगर नहीं है। संस्थान में टैमी फ्लू की व अन्य उपचार की सुविधाएं उपलब्ध हैं। इसलिए अब इससे अधिक घबराने की जरूरत नहीं है, यह कॉमन फ्लू हो गया है।
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h1n1 vaccine - फोटो : अमर उजाला
एक्सपर्ट बताते हैं कि इससे होने वाली मृत्यु दर एक प्रतिशत से भी कम है। अधिकांश उन मरीजों की उपचार के दौरान मौत होती है, जिनको स्वाइन फ्लू के साथ अन्य खतरनाक बीमारी भी होती है। बीमारी को फैलने से बचाने के लिए हाथ मिलाने की बजाए नमस्ते करके काम चलाएं। इसके अलावा खांसते समय मुंह पर कपड़ा रखें और अपना हाथ साफ रखें। टिश्यू पेपर का इस्तेमाल करें। इसमें सबसे अहम भीड़ व सेंट्रल एसी से बचें।  

 

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स्वाइन फ्लू
हाथ मिलाने की बजाए करें नमस्ते
चिकित्सक बताते हैं कि हवाई यात्रा इसके फैलने का प्रमुख कारण है। चिकित्सक बताते हैं कि इस वायरस से सीधे बचा नहीं जा सकता, क्योंकि यह हमारे वातावरण में है। इसके लिए जरूरी है कि हम एहतियात रखें और अपनी रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाएं। इसके लिए वैक्सीन है, जिसकी कीमत 700 रुपये व इससे ऊपर है। लेकिन यह शत-प्रतिशत कारगर होगी कहा नहीं जा सकता।
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स्वाइन फ्लू
इनके लिए है अधिक खतरा
डायबिटीज, फेफडे़ में संक्रमण, हार्ट, लीवर, किडनी रोगी, ब्लड डिस्ऑर्डर जैसी बीमारी वाले मरीज की रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होती है। इसके अलावा बुजुर्ग, गर्भवती, पांच साल से कम आयु के बच्चे स्वाइन फ्लू की चपेट में जल्दी आते हैं। पहले यह बीमारी सिर्फ सूअरों में पाई जाती थी, लेकिन इसने इंसानों को भी अपनी चपेट में लेना शुरू कर दिया है। वर्ल्ड हेल्थ आर्गेनाइजेशन की रिपोर्ट के अनुसार, स्वाइन फ्लू एक तरह का संक्रामक रोग है, जो सांस के जरिए फैलता है।
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स्वाइन फ्लू
स्वाइन फ्लू और उसके लक्षण
स्वाइन फ्लू से पीड़ित मरीज जब छींकता है या खांसता है तो वायरस हवा में फैल जाते हैं और आसपास के लोगों को अपनी चपेट में ले लेते हैं। संक्रमित होने के एक सप्ताह बाद इसके लक्षण नजर आते हैं। स्वाइन फ्लू मरीज के श्वसन तंत्र को बुरी तरह से प्रभावित करता है। इस बीमारी से पीड़ित मरीज में तेज बुखार, ठंड लगना, गला खराब होना, मांसपेशियां व सिर में तेज दर्द होने के लक्षण पाए जाते हैं। इसके अलावा शरीर में कमजोरी होना भी इस बीमारी का लक्षण है।
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स्वाइन फ्लू
कैसे करें बचाव
बचाव के लिए बुखार, खांसी, जुकाम पीड़ितों से दूर रहें। इसके अलावा अगर आपके आसपास कोई छींकता है या खांसता है तो नाक व मुंह पर रुमाल रख लें। अपने हाथ-मुंह को दिन में साबुन के साथ जरूर साफ करें। बीमारी के लक्षण नजर आते ही सबसे पहले अस्पताल में टेस्ट करवाने के बाद उपचार लें। ज्यादा से ज्यादा गर्म पानी पीने की कोशिश करें। इसके अलावा आलू, चावल व दही का प्रयोग कम से कम करें।
 
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