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कोर्ट के फैसले पर टिप्प्णी करना उचित नहीं है, लेकिन हमारे देश और किसी भी धर्म के लिहाज से यह फैसला बिल्कुल गलत है। धर्म भी इसकी इजाजत नहीं देता है। कोर्ट के फैसले से भारतीय संस्कृति और पति-पत्नी के पवित्र रिश्ते खराब हो जाएंगे। -- मौलवी फरीद, प्रबंधक जामा मस्जिद