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हत्या की रात सुनील राठी ने मुन्ना बजरंगी को लगाया था गले, आखिर क्या है तीसरे स्टूल का राज ?

Thu, 12 Jul 2018 02:04 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला,मेरठ
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सुनील राठी - फोटो : अमर उजाला
पूर्वांचल के सबसे बड़े डॉन मुन्ना बजरंगी की हत्या को लेकर जहां जेल प्रशासन पर नए सवाल खड़े हो रहे हैं। वहीं मुन्ना के साथ आखिरी रात गुजारने वाले विक्की सुन्हैड़ा ने उस रात के कई राज खोले हैं जिस रात के बाद सुनील राठी ने डॉन की हत्या की। विक्की सुन्हैड़ा वही शख्स है जिसकी बैरक में मुन्ना रुका था। विक्की सुन्हैड़ा को काठा गांव के नीटू हत्याकांड में बुधवार को बागपत जिला जेल से कोर्ट में पेशी पर ले जाया गया। जहां पेशी पर जाते वक्त जेल से बार विक्की ने कई बड़े खुलासे किए है।
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सुनील राठी ने गर्मजोशी से गले लगाकर किया था मुन्ना का स्वागत 

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सुनील राठी कोर्ट में पेश करने जाते हुए. - फोटो : amarujala
मुन्ना बजरंगी की हत्या के बाद विक्की की जबान से जेल में हत्या की रात के कई बड़े राज सामने आए हैं। क्योंकि आखिरी रात में मुन्ना बजरंगी जेल में विक्की सुन्हैडा की बैरक में ही रुका था। मुन्ना विक्की को छोटे भाई की तरह मानता था। पुलिस की मानें तो मुन्ना ने खुद ही विक्की सुन्हैड़ा की बैरक में जाने की इच्छा जताई थी। विक्की के मुताबिक जब मुन्ना बैरक में पहुंचा तो सुनील राठी ने उसका गर्मजोशी से गले लगाकर मुन्ना बजरंगी का स्वागत किया था। 
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रात भर बैचेन क्यों था सबसे बड़ा डॉन

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munna bajrangi, sunil rathi
कोर्ट में पेशी पर जाते हुए विक्की सुन्हैड़ा ने बताया कि आखिरी रात विक्की ने डॉन को अपने हाथ से खाना खिलाया था। हत्या की रात बजरंगी बागपत जेल में अधिकतर समय जागता रहा। रातभर मुन्ना बहुत परेशान था। मुन्न की परेशानी की आखिर क्या वजह थी विक्की यह तो नहीं जान पाया लेकिन इस बात से यह जरूर साबित होता है कि कोई बड़ी वजह जरूर थी, जिसने हत्या की रात सबसे बड़े डॉन को बैचेन कर दिया था।

हत्या के वक्त बैरक में होता तो खुल जाते सारे राज 

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अनिल त्यागी मुन्ना बजरंगी - फोटो : अमर उजाला
जेल में मुन्ना बजरंगी हत्याकांड को लेकर जहां गहन जांच अभी जारी है वहीं विक्की का कहना है कि यदि वह डॉन की हत्या के वक्त बैरक में होता तो सारा राज खुल जाता। विक्की सुन्हैड़ा के मुताबिक जिस वक्त गोली चली उस वक्त वह अपनी बैरक के शौचालय में था, इसलिए हत्या किसने की, उसे किसी तरह की जानकारी नहीं है। विक्की के अनुसार मुन्ना बजरंगी सोमवार को सुबह करीब पांच बजे उठ गया और करीब पौने छह बजे बैरक से बाहर निकला। बजरंगी बाहर निकलकर शौचालय में चला गया। शौचालय से आने के बाद बजरंगी बैरक से बाहर निकल गया।
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मुन्ना बजरंगी - फोटो : अमर उजाला
मुन्ना के बाहर निकल जाने के बाद विक्की शौचालय में गया। जहां उसे गोली चलने की आवाजें सुनाई दीं। जब वह बैरक से बाहर आया तो बजरंगी मृत पड़ा हुआ था। वह नहीं कि किसी ने बजरंगी को गोली मारी। सुनील राठी के साथ बजरंगी का क्या झगड़ा हुआ, इसके बारे में भी उसे कोई जानकारी नहीं है। वहीं विक्की सुन्हैड़ा का कहना है कि इस पूरे मामला से उसका कोई लेना-देना नहीं है। बजरंगी हत्याकांड से उसका नाम जोड़ा जाना गलत है। उसने अपनी जान को भी खतरा बताया। विक्की के अधिवक्ता नरेश त्यागी ने बताया कि विक्की को जान का खतरा है। उसे सुरक्षा मिलनी चाहिए। हालांकि कोर्ट में पेशी के बाद विक्की को वापस जिला जेल भेज दिया गया। 
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तीसरे स्टूल पर कौन बैठा था 

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माफिया डॉन मुन्ना बजरंगी - फोटो : file photo
जेल के भीतर हुए इस हाई प्रोफाईल हत्याकांड ने जहां पुलिस के पसीने छुड़ा दिए वहीं यह कहानी एक अन्य किरदार के इर्द गिर्द भी घूमती है। हाई सिक्योरिटी बैरक के बाहर प्लास्टिक की एक छोटी मेज और तीन स्टूल रखे हुए थे। एक स्टूल पर कपड़ा रखा था। मुन्ना बजरंगी के बैरक में पंहुचने पर इसी स्टूल पर बजरंगी को बैठाया गया। दूसरे स्टूल पर सुनील राठी बैठा था। लेकिन वहां एक तीसरे स्टूल पर कौन बैठा था पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि आखिर तीसरा स्टूल किसके लिए रखा गया था। देखा जाए तो हत्याकांड की पूरी कहानी इन्हीं किरदारों के बीच है। पुलिस के अनुसार बैरक के बाहर कुछ बंदी एक्सरसाइज कर रहे थे जिनसे इस संबंध में जानकारी जुटाई जा रही है।
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क्या है तीसरे स्टूल का राज

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विक्की सुन्हैड़ा - फोटो : अमर उजाला
सुन्हैड़ा गांव का रहने वाला विक्की प्रापर्टी पर कब्जे से अपराध की दुनिया में आया। वर्ष 2014 में दिल्ली-सहारनपुर हाइवे पर काठा के नीटू की हत्या कर बागपत में सुर्खियों में आया। इससे पहले अधिकतर वारदात विक्की ने दिल्ली में की। आगरा जेल से फरार हो गया था।

सुनील राठी की बागपत जेल में हुकूमत जरूर चलती है, लेकिन विक्की सुन्हैडा का नाम भी साथ-साथ लिया जाता है। दिलचस्प बात यह है कि बागपत जेल में अस्थायी रूप से जिन बड़े बंदियों को लाया जाता है वे रात के समय विक्की के साथ ही रुकना पसंद करते हैं। यूपी के सबसे बड़े डॉन ने भी विक्की के साथ रहने की इच्छा जताई थी। वजह यह थी कि वह झांसी जेल से ही विक्की से बेहद प्रभावित हो गया था। 

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