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यूपी मिल बंद होने पर गन्ना किसान ने की आत्महत्या, केंद्रीय मंत्री संजीव बालियान ने दी सांत्वना, प्रियंका गांधी ने राज्य सरकार को घेरा

Fri, 05 Jun 2020 10:56 AM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुजफ्फरनगर

सार

- सिसौली में बीच बाजार शव रखकर धरना देकर बैठे परिजन और ग्रामीण
- मिल प्रबंधक पर मुकदमा दर्ज करने की मांग पर अड़े
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ग्रामीणों के साथ धरने पर बैठे मंत्री संजीव बालियान - फोटो : amar ujala
उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में कस्बा सिसौली के किसान ओमपाल द्वारा आत्महत्या करने के मामले में खतौली शुगर मिल प्रबंधन के खिलाफ मुकदमा दर्ज न होने पर परिजनों और ग्रामीणों ने शव का दाह संस्कार करने से इनकार कर दिया। रात में ही शव का पोस्टमार्टम कराकर पुलिस ने शव परिजनों को सौंप दिया था। 

ग्रामीणों ने मामले में मिल प्रबंधन के खिलाफ कार्रवाई नहीं होने की बात कहते हुए शुक्रवार सुबह शव को सड़क पर रखकर धरना प्रदर्शन किया और शव का अंतिम संस्कार कराने से साफ इनकार कर दिया।


 
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farmer suicide in muzaffarnagar - फोटो : amar ujala
सुबह परिजनों और ग्रामीणों ने मिल प्रबंधन के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की तहरीर की चिक मांगी तो पुलिस ने अभी मुकदमा दर्ज न होने की बात कही। जिससे गुस्साए ग्रामीण किसान ओमपाल के शव को सिसौली के मेन बाजार के बीच रखकर धरना देकर बैठ गए।

परिजनों ने शव का दाह संस्कार करने से इंकार कर दिया। परिजनों और ग्रामीणों का कहना था कि जब तक मिल प्रबंधन के खिलाफ मुकदमा दर्ज नहीं होगा तब तक दाह संस्कार नहीं किया जाएगा।
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मौके पर मौजूद पुलिस - फोटो : amar ujala
सिसौली के किसान ओमपाल (55) पुत्र फूला ने गुरुवार शाम को कस्बे के बाहर पेड़ पर लटक कर आत्महत्या कर ली थी।परिजनों का आरोप है कि किसान के खेत में अभी ढाई बीघा गन्ना खड़ा है और शुगर मिल बंद होने की घोषणा हो गई। इसी तनाव में किसान ने आत्महत्या की है।

देर रात्रि अधिकारियों के आश्वासन पर ग्रामीणों ने शव उठने दिया था। मृतक किसान के भाई जयवीर की ओर से खतौली शुगर मिल प्रबंधन के खिलाफ भोराकलां थाने पर तहरीर दी गई थी।

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भाकियू अध्यक्ष चौधरी नरेश टिकैत - फोटो : amar ujala
परिजनों द्वारा शव का दाह संस्कार करने से इनकार करने पर एडीएम प्रशासन अमित सिंह, एसडीएम बुढ़ाना कुमार भूपेंद्र सिंह सीओ फुगाना सोमेंद्र नेगी मौके पर पहुंच गए हैं। भाकियू अध्यक्ष चौधरी नरेश टिकैत भी पहुंचे। केंद्रीय राज्य मंत्री डॉक्टर संजीव बालियान,  क्षेत्रीय विधायक उमेश मलिक भी मौके पर पहुंच गए। आर्थिक मदद के आश्वासन के बाद सिसौली में परिजन और ग्रामीण धरना समाप्त कर किसान ओमपाल के शव का दाह संस्कार करने को सहमत हो गए।

केंद्रीय राज्यमंत्री डॉ संजीव बालियान ने 5 लाख अपनी ओर से और 5 लाख मुख्यमंत्री राहत कोष से दिलवाने का आश्वासन दिया। रालोद ने भी किसान के परिजनों को एक लाख, सपा ने भी एक लाख और भारतीय किसान यूनियन ने 50 हज़ार रुपये परिजनों को देने की घोषणा की। इसके बाद 5 घंटे से जारी धरना समाप्त हो गया।इस दौरान डीएम और एसएसपी भी मौजूद रहे।
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डीएम सेल्वा कुमारी जे - फोटो : amar ujala
पारिवारिक विवाद में की आत्महत्या: डीएम
डीएम सेल्वा कुमारी जे ने बताया कि किसान ओमपाल द्वारा गन्ने को लेकर आत्महत्या करने की बात परिजनों ने कही है, जो जांच में सही नहीं पाई गई। ओमपाल को 20 क्विंटल गन्ने की पर्ची जारी हुई है और आज से मिल की ओर से फ्री पर्ची भी जारी की जा रही है। डीएम का कहना है कि प्रारंभिक जांच पड़ताल में मामला भाइयों के बीच जमीन और लेनदेन और पारिवारिक विवाद का सामने आया है। पुलिस जांच पड़ताल कर रही है।
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कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा। - फोटो : amar ujala
उधर इस मामले पर प्रियंका गांधी ने ट्वीट के जरिए दुख जताया और राज्य सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने लिखा कि अपनी गन्ने की फसल को खेत में सूखता देख एक किसान ने आत्महत्या कर ली। भाजपा का दावा था कि 14 दिन में पूरा भुगतान किया जाएगा लेकिन हजारों करोड़ों रुपया दबाकर चीनी मिलें बंद हो चुकी हैं। 

एक दूसरे ट्वीट में उन्होंने लिखा कि मैंने दो दिन पहले ही सरकार को इसके लिए आगाह किया था। सोचिए  इस आर्थिक तंगी के दौर में भुगतान न पाने वाले किसान परिवारों पर क्या बीत रही होगी लेकिन भाजपा सरकार अब 14 दिन में भुगतान का नाम तक नहीं लेती।
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