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तस्वीरें: खेतों में खुलेआम जलाई जा रही पराली, उठ रहा घना धुआं, आंखें मूंदे बैठे जिम्मेदार 

Wed, 06 Nov 2019 03:23 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
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पराली - फोटो : अमर उजाला
खेतों में नियम जल रहे हैं और जिम्मेदारों को कोई परवाह ही नहीं है। सुप्रीम कोर्ट की फटकार के बाद भी प्रदूषण पर नियंत्रण नहीं हो पा रहा है। बिजली बंबा बाईपास पर रोजाना खेतों में पराली जलाई जा रही है, लेकिन प्रदूषण नियंत्रण कार्यालय की तरफ से कोई मॉनिटरिंग नहीं की जा रही है। एक महीने पहले पर्यावरण प्रदूषण नियंत्रण प्राधिकरण के अध्यक्ष भूरे लाल ने मेरठ दौरा कर अलर्ट रहने के निर्देश दिए थे। लेकिन अधिकारी लापरवाही बरत रहे हैं।

 
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पराली जलाता किसान - फोटो : अमर उजाला
किसानों को खेतों में आग न लगाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। इसके बाद भी सुबह- शाम खेतों में आग लगाई जा रही है। जिससे धुआं वायुमंडल में घुलकर खतरनाक गैसों के रूप में प्रदूषण फैला रहा है।
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पराली जलाता किसान - फोटो : अमर उजाला
मंगलवार को सुबह और शाम के समय बिजली बंबा बाईपास पर धुएं का गुबार उठता देखा गया। बिजली बंबा बाईपास के अधिकतर स्थानों पर किनारे खड़ी कंटीली झाड़ियों में आग लगा दी गई। जिससे वहां से गुजरने वाले वाहन भी बमुश्किल तरीके से वहां से निकल रहे थे।

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पराली का धुंआ - फोटो : अमर उजाला
झाड़ियों की आड़ में जलता कूड़ा
बाईपास के कुछ स्थानों पर झाड़ियों में कूड़ा डाल दिया जाता है। इसके बाद यहां आग लगा दी जाती है। यही हाल सोमवार को भी देखने को मिला। आग की लपटों से छोटे-छोटे कण भी उड़ते हुए दिखाई दे रहे थे। जिससे साफ हैं कि हम भी इसके लिए खुद जिम्मेदार हैं। सुबह के समय भड़ाना फार्म हाउस के सामने खेत में पराली भी जलाई जा रही थी। इस रूट पर प्रशासन और प्रदूषण की टीम नजर नहीं आती।
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किसानों ने पराली में लगाई आग - फोटो : अमर उजाला
प्रदूषण को लेकर सभी विभागों को पत्र जारी किए गए हैँ। सिर्फ पराली ही नहीं अन्य कारणों से भी जो प्रदूषण हो रहा है, उसकी जांच कराकर आख्या मांगी गई है और कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। -अनिल ढींगरा, डीएम
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