पालकी कांवड़
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सावन माह की शुरुआत होते ही हरिद्वार से शिवभक्त कांवड़ियों का आवागमन शुरू हो गया है। वहीं शुक्रवार को बड़ौत-बुढ़ाना कांवड़ मार्ग पर अद्भुत नजारे देखने को मिल रहे हैं। कोई कांवड़िया अपने अलग अंदाज में हरिद्वार से कांवड़ ला रहे हैं। वहीं हरियाणा झज्जर जिले के बहादुरगढ़ के रहने वाले कलयुग के श्रवण कुमार बने दो पोते विशाल और जतिन अपनी 70 वर्षीय दादी राजबाला को कंधों पर पालकी में बैठाकर लाए हैं, जिसमें एक तरफ पलड़े में उनकी दादी राजबाला हैं। दूसरी तरफ उनके बराबर गंगाजल है।