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दहकते अंगारों पर चलकर सोगवारों ने बर्छियों से किया मातम, हैरान कर देंगी मुहर्रम की ये 11 तस्वीरें

Sat, 22 Sep 2018 04:48 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
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मुहर्रम का मातम - फोटो : अमर उजाला
यूपी के विभिन्न जिलों में मुहर्रम की दस तारीख शुक्रवार को हजरत मोहम्मद के नवासे इमाम हुसैन और करबला के शहीदों को बड़े ही गमगीन माहौल में अलविदा कहा गया। हजरत इमाम हुसैन और उनके 71 साथियों की शहादत को याद करते हुए शहर क्षेत्र के विभिन्न इलाकों से मातमी जुलूस निकाले गए। आगे तस्वीरों में देखें शिया सोगवारों ने कैसे मनाया मातम:-
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सोगवारों ने जंजीरों से की मातमपुर्सी

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मुहर्रम का मातम - फोटो : अमर उजाला
मेरठ सोगवारों ने जंजीरों से मातमपुर्सी कर या हुसैन की सदाओं के बीच छोटी करबला चौड़ा कुआं घंटाघर से जुलूस ए अलम, जुलजुनाह और जुलूस ए ताजिये हसन मुर्तजा के संयोजन में बरामद किए। शाम के समय ताजिये करबला मनसबिया रेलवे रोड पर दफन किए गए। हजारों की संख्या में अमाल अदा किए। मो. हैदर जावेद इमामबारगाह इनायत हुसैन से, सरदार हुसैन मरहूम के अजाखाने कोटला से ताजिये बरामद होकर चौड़ा कुआं से प्रारंभ बड़े जुलूस में शामिल हुए। जुलूस में अंजुमन इमामिया के वाजिद अली गप्पू ने अपने नौहों में इमाम हुसैन के हिंदुस्तान ना आने की कसक को यूं बयां किया - करबला जाते ना मौला काश आ जाते यहीं-मुंतजिर सदियों से अब तलक हिंदुस्तान है। इसके अतिरिक्त जुलूस में दस्ताए हुसैनी के हुमायूं अब्बास ताबिश, इरफान हुसैन, तंजीम ए अब्बास के सफदर अली हिंदुस्तान, अतीक उल हसनैन ने दर्द भरे नौहे पढ़े।
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बवाल कराने की साजिश 

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मुहर्रम का मातम - फोटो : अमर उजाला
घंटाघर पर मुहर्रम के जुलूस में शरारती तत्वों की बवाल कराने की साजिश पुलिस की सूझबूझ से नाकाम हो गई। देहलीगेट थानाक्षेत्र के खैरनगर में मुहर्रम का जुलूस निकल रहा था। घंटाघर के पास करीब आधा दर्जन लोग जुलूस में शामिल हो गए। जिनमें दो युवक शराब के नशे में धुत थे और जुलूस निकाल रहे लोगों से अभद्रता करने लगे। जबकि अन्य लोग वीडियो बनाने लगे। वे महिलाओं की वीडियो भी बना रहे थे, तभी जुलूस निकालने वाले लोगों ने उन पर हमला बोल दिया। इस पर वीडियो बनाने वाले लोग भागकर एक समुदाय के मोहल्ले में घुस गए। धर्मशाला के पास दोनों पक्षों के लोग आमने-सामने आ गए। इससे पहले मामला तूल पकड़ता कि एसओ देहलीगेट विजय गुप्ता व एसएसआई दिलशाद अहमद ने फोर्स के साथ पहुंचकर लाठीचार्ज कर दिया। वहीं पुलिस ने जुलूस निकाल रहे लोगों को समझाबुझाकर शांत किया।
 

मछेरान से पटेबाजी का जुलूस निकाला 

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मुहर्रम का मातम - फोटो : अमर उजाला
मछेरान से पटेबाजी अखाड़े का जुलूस निकाला गया। इसमें बच्चे और युवक पटेबाजी के हैरतअंगेज करतब दिखाते चल रहे थे। जुलूस यहां से केसरगंज होता हुआ रेलवे रोड चौपला से ईदगाह चौराहे तक पहुंचा। लालकुर्ती छोटा बाजार, बड़ा बाजार से छोटी-बड़ी दर्जनभर चौकियों का जुलूस अकीदतमंदों द्वारा निकाला गया। जुलूस ढोल ताशों के साथ लालकुर्ती से बेगमपुल, सोतीगंज से होता हुआ जलीकोठी चौराहा, केसरगंज, रेलवे रोड से होकर ईदगाह चौराहा पहुंचा। सभी चौकियों को संयोजक देर रात वापस लालकुर्ती लाए। 
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संगीनों के साए में निकला मोहर्रम का जुलूस

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मुहर्रम का मातम - फोटो : अमर उजाला
सिखेड़ा क्षेत्र में मोहर्रम का मातमी जुलूस संगीनों के साए में निकाले गए। जुलूस को शांतिपूर्वक संपन्न कराने के लिए सीओ मंडी व प्रभारी निरीक्षक भारी पुलिस व पीएसी बल के साथ मौके पर मौजूद रहे। भिक्की सादात में शिया सोगवारों ने मातमी जुलूस निकाला। इससे पूर्व इमाम बारगाह से मजलिस हुई। शिया सोगवारों ने अपनी नम आंखों से इमाम हुसैन को याद किया। मजलिस को मौलाना आली जनाब इंतेजाम हैदर ने खिताब फरमाया। मजलिस के बाद जलूस की शक्ल में शिया सोगवारों ने मातम करते हुए जुलूस निकाला। जुलूस करबला में जाकर संपन्न हुआ, जहां पर ताजिये दफन किए गए। 
 
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दहकते अंगारों पर चले सोगवार

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मुहर्रम का मातम - फोटो : अमर उजाला
खतौली में मोहर्रम की दसवीं तारीख को शिया सोगवारों ने नगर में मातमी जुलूस निकाला। जिसमें अलम, जुलजुनाह व ताजिया बरामद हुआ। शिया सोगवारों ने इमाम हुसैन की याद में दहकते अंगारों पर चलकर खूनी मातम किया। करबला पहुंच कर ताजियों को दफनाया गया। गांव शेखपुरा स्थित इमाम बारगाह हवा महल से अब्बास जैदी, समद जैदी के नेतृत्व में ताजिये के साथ मातमी जुलूस निकाला गया। जुलूस को खिताब फरमाते हुए मौलाना गौहर हैदर जैदी ने कहा कि इमाम हुसैन ने इंसानियत को जिंदा रखने के लिए करबला में अपने कुनबे के साथ कुरबानी दी। इसके बाद शिया सोगवारों ने इमाम हुसैन की याद में दहकते अंगारों पर चलकर बर्छियों से खूनी मातम किया। 
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शिया सोगवारों ने मातम किया, कर्बला में ताजिये दफनाए

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मुहर्रम का मातम - फोटो : अमर उजाला
बिजनौर में शिया सोगवारों ने जंजीरों, छुरियों से सीनाजनीं की। शिया सोगवारों ने मातमी जुलूस निकालकर इमाम हुसैन की शहादत को याद किया। इमाम हुसैन के पैगाम को दुनिया में फैलाने की बात कही गई। नई बस्ती स्थित कर्बला में ताजिये दफनाए गए। इस्लाम को आतंकवाद का विरोधी बताया गया। इमामबाड़ा में मजलिस को खिबात करते हुए मौलाना अजहर अब्बास ने कहा कि फातेमा के लाल हुसैन इब्रे अली ने कर्बला में तीन दिन तक भूख-प्यास में अपनी शहादत पेश करके दुनिया को ये पैगाम दिया कि बातिल कितना भी ताकतवर क्यों न हो, उसे हक के सामने झुकना ही पड़ता है। आज हुसैन के गम में बहने वाले आंसू गवाही दे रहे हैं कि इमाम हुसैन जीत गए और यजीद हार गया। मजलिस के बाद दुलदुल घोड़ा बरामद किया गया। सोगवारों ने अंगारों पर चलकर हुसैन से मोहब्बत का इजहार किया। 

हुसैन की याद में दिखाए विभिन्न करतब

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मुहर्रम का मातम - फोटो : अमर उजाला
बागपत में इमाम हुसैन की याद में शहर सहित जिले के विभिन्न हिस्सों में मोहर्रम का जुलूस निकाला गया। सौगवारों ने मातम मनाया। तलवार और पटाबाजी की गई। विभिन्न तरह के करतब दिखाए। शाम के समय करबला में ताजिए दफन किए गए। शुक्रवार को शहर स्थित पांडव मार्ग हवेली के पास से मोहर्रम का जुलूस का शुभारंभ हुआ। यहां पर सौगवारों ने हजरत इमाम हुसैन की याद में विभिन्न करतब दिखाए।यहां शिया सोगवारों ने तलवार और पट्टाबाजी की। इसमें बच्चे, युवा और बुजुर्गों ने हिस्सा लिया। भीड़ के बीच लोगों ने एक से बढ़कर एक करतब दिखाया।  

 

तलवार और पट्टाबाजी कर दिखाए करतब

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मुहर्रम का मातम - फोटो : अमर उजाला
इसके बाद ताजिए का जुलूस शौकत मार्केट, कोर्ट रोड, यमुना रोड से होते हुए ईदगाह स्थित करबला में पहुंचा। यहां पर सोगवारों ने ताजिए दफन किया।  इस दिन हजरत इमाम हुसैन के साथ 72 लोग शहीद हुए थे। अमीनगर सराय क्षेत्र के सिंघावली अहीर गांव में मोहर्रम के अवसर पर ताजिये निकाले गए। जगह-जगह तलवारबाजी और पटाबाजी के करतब दिखाए। जुलूस महल चौक से शुरू होकर गांव में घूमता हुआ शाम को करबला पहुंचा, जहां लोगों ने ताजिये को दफन किया। मुस्लिम समाज के लोगों ने बढ़कर हिस्सा लिया। 

हजरत हुसैन की याद में जार जार रोये सोगवार, देशभक्ति की बयार  

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मुहर्रम का मातम - फोटो : अमर उजाला
शामली के कैराना में शुक्रवार को जुमे की नमाज के बाद यौम-ए-आशूरा के मौके पर इमाम बारगाह कलां एवं खुर्द में मजलिस का आयोजन किया। जिसमें शिया धर्मगुरू मौलाना जफर अब्बास व मौलाना ईसार हुसैन नकवी ने खिताब किया।  मोहल्ला अंसारियान में छोटे इमाम बारगाह से ताजियों अलम व जुलजनाह का जुलूस आरंभ होकर सिदरयार स्थित बड़े इमाम बारगाह पहुंचा। वहां पर सोगवारों ने ब्लेड, जंजीर, छुरियों आदि से सीनाजनीं की तथा या हुसैन...या हुसैन की सदा बुलंद करते हुए खुद को लहूलुहान कर लिया गया। शुक्रवार को शिया सोगवारों के ताजिया जुलूस के दौरान देशभक्ति की बयार छाई रही। जुलूस में मासूम बच्चे व बड़े अपने हाथों में तिरंगा झंडा लिए हुए करबला की ओर कदम बढ़ा रहे थे। वहीं, जुलूस के दौरान कैराना कोतवाली पुलिस अलर्ट रही। 
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करबला में ताजियों को किया दफन

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मुहर्रम का मातम - फोटो : अमर उजाला
देवबंद में शिया समुदाय के लोगों ने यौम-ए-आशुरा के अवसर पर हजरत इमाम हुसैन की शहादत को याद करते हुए सीनाजनी करते हुए मातमी जुलूस निकाला। साथ ही उन्होंने करबला में ताजियों को दफन किया। थीतकी गांव में शिया समुदाय के लोगों ने रातभर जारी मजलिसों में शिरकत की। जिसमें शिया धर्मगुरुओं ने हजरत इमाम हुसैन की शहादत और करबला के वाकये बयान किए। सुबह के समय लोग नमाज-ए-आशुरा अदा करने के लिए बारगाह गए और इसके उपरांत सोगवारों ने करबला में शहीद हुए हरजत इमाम हुसैन और परिवार की याद में जुलूस निकाला। जिसमें सोगवारों ने जंजीरों, छुरियां कमाह और ब्लेडों से सीनाजनी करते हुए खुद को लहूलुहान कर मातम किया। शिया सोगवारों के मातम को देखने को लिए बड़े इमाम बारगाह पर लोगों की भारी भीड़ बेकाबू देखी गई। हाल यह था कि मकानों एवं दुकानों के ऊपर लोग, युवा चढ़े हुए थे। 


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