शामली न्यूज
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वहीं, गिरोह का सरगना जर्मन भी झिंझाना क्षेत्र के गांव अजीजपुर का रहने वाला है। फरार दूसरा आरोपी करमा भी इसी गांव का रहने वाला है। ये सभी गांव यमुना खादर क्षेत्र के अंतर्गत आते हैं। इनके गांव और घर की स्थिति देखें, तो यही पता चलता है कि दिखावे के लिए मजदूरी करते थे। पुलिस ने चौंकाने वाला खुलासा यह किया है कि आरोपी जर्मन के संबंध खालिस्तान फ्रंट के समर्थकों से हैं, जिनके लिए जर्मन काफी समय से कार्य करता था, लेकिन बेहद गुपचुप ढंग से। यह वही तरीका है, जैसे आतंकी संगठनों के लिए स्लीपर मॉड्यूल करते हैं। दिखाने को कोई पेशा करते हैं, लेकिन मकसद कुछ और होता है।