फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

रायफल लूट प्रकरण: काम मजदूरी... पर मकसद खतरनाक, स्लीपर मॉड्यूल को लेकर बड़े खुलासे

Tue, 16 Oct 2018 05:11 PM IST
यूपी डेस्क, अमर उजाला, शामली
विज्ञापन
1 of 5
शामली न्यूज - फोटो : अमर उजाला
अभी तक आईएसआई एजेंट और आतंकी संगठनों के स्लीपर मॉड्यूल को लेकर पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले संवेदनशील रहे हैं, लेकिन अब रायफल लूट प्रकरण के खुलासे ने पुलिस और खुफिया विभाग के सामने नई चुनौती खड़ी कर दी है। क्योंकि जिस तरह से गुरुद्वारे के ग्रंथी और गांव में रहने वाले युवकों की खालिस्तान के प्रति सक्रियता सामने आई है, उससे संकेत मिल रहे हैं कि यहां इसके स्लीपर मॉड्यूल हैं। डीजीपी ने भी लखनऊ में खुलासा किया है कि गिरफ्तार आरोपी खालिस्तान समर्थक खालसा ग्रुप से जुड़े हैं।
विज्ञापन

2 of 5
शामली न्यूज - फोटो : अमर उजाला
दरअसल, रायफल लूट प्रकरण में गिरफ्तार किया गया करम सिंह झिंझाना के छोटे से गांव रंगाना फार्म में रहता है और गुरुद्वारे का ग्रंथी है। दूसरा गिरफ्तार आरोपी अमरीत उर्फ अमृत करनाल के सेक्टर 6 मोहल्ला विकास नगर का रहने वाला है, तो तीसरा आरोपी गुरुजेन्ट उर्फ जिन्टा गंगोह थाना क्षेत्र के गांव धलावली का रहने वाला है।
विज्ञापन

3 of 5
शामली न्यूज - फोटो : अमर उजाला
वहीं, गिरोह का सरगना जर्मन भी झिंझाना क्षेत्र के गांव अजीजपुर का रहने वाला है। फरार दूसरा आरोपी करमा भी इसी गांव का रहने वाला है। ये सभी गांव यमुना खादर क्षेत्र के अंतर्गत आते हैं। इनके गांव और घर की स्थिति देखें, तो यही पता चलता है कि दिखावे के लिए मजदूरी करते थे। पुलिस ने चौंकाने वाला खुलासा यह किया है कि आरोपी जर्मन के संबंध खालिस्तान फ्रंट के समर्थकों से हैं, जिनके लिए जर्मन काफी समय से कार्य करता था, लेकिन बेहद गुपचुप ढंग से। यह वही तरीका है, जैसे आतंकी संगठनों के लिए स्लीपर मॉड्यूल करते हैं। दिखाने को कोई पेशा करते हैं, लेकिन मकसद कुछ और होता है।

4 of 5
शामली न्यूज - फोटो : अमर उजाला
पेंदा की गिरफ्तारी से भी उठे थे सवाल 
दो साल पूर्व पंजाब की नाभा जेल से खालिस्तान लिब्रेशन फ्रंट के चीफ और ड्रग्स माफिया सहित छह आरोपियों को भगाने का आरोपी परमिंदर उर्फ पेंदा को कैराना में गिरफ्तार किया गया था। उस समय भी यह बात उठी थी कि खालिस्तान लिब्रेशन फ्रंट ने ड्रग्स माफिया के जरिये शामली जिले के साथ ही आसपास के जनपदों में नेटवर्क खड़ा कर दिया है। 27 नवंबर 2016 को परमिंदर उर्फ पेंदा ने पंजाब की नाभा जेल में फायरिंग करके जेल से खालिस्तान लिब्रेशन फ्रंट के चीफ हरमिंदर उर्फ मिंटू सहित छह खालिस्तान समर्थकों को फरार कराने में अहम भूमिका निभाई थी। इन्हें पानीपत में छोड़ने के बाद फॉर्च्यूनर लेकर पेंदा देहरादून भागने की फिराक में था, लेकिन कैराना में पहुंचने पर चेकिंग के दौरान पुलिस ने उसको गिरफ्तार कर लिया था। कार से इंसास, पंप गन सहित चार रायफल, पिस्टल, भारी मात्रा में कारतूस बरामद हुए थे। कैराना क्षेत्र मादक पदार्थों की तस्करी के लिए बदनाम रहा है तो पेंदा की गिरफ्तारी के बाद खालिस्तान लिब्रेशन फ्रंट के के समर्थकों के कनेक्शन खंगाले गए थे।
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
मेरठ न्यूज - फोटो : अमर उजाला
14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेजा
झिंझाना थाना क्षेत्र में मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार किए गए तीनों बदमाशों को पुलिस ने कैराना स्थित कोर्ट में पेश करके 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। चौसाना- बिड़ौली मार्ग पर पुलिसकर्मियों से रायफल लूटने के आरोपियों की रविवार देर रात झिंझाना थाना क्षेत्र में पुलिस से मुठभेड़ हुई थी। बदमाश गुरुजेन्ट उर्फ जिन्टा तथा अमरीत उर्फ अमृत की टांग में गोली लगी थी, जबकि तीसरे आरोपी करम सिंह को भागने की कोशिश के दौरान पकड़ा गया था। गिरफ्तार तीनों आरोपियों के अलावा फरार दो आरोपियों के खिलाफ झिंझाना थाने में रिपोर्ट दर्ज की गई। इसके बाद सोमवार दोपहर बाद गिरफ्तार तीनों आरोपियों को कैराना स्थित कोर्ट में ले जाकर पेश किया गया। न्यायालय ने तीनों आरोपियों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया।

शहर से लेकर देश तक की ताजा खबरें व वीडियो देखने लिए हमारे इस फेसबुक पेज को लाइक करें

https://www.facebook.com/AuNewsMeerut/
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें