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Shamli Encounter: तीन गोली लगने के बाद भी सुनील कुमार साथियों से लगातार करते रहे बातचीत, कहते रहे एक ही बात

Fri, 24 Jan 2025 08:25 AM IST
आकाश दुबे माई सिटी रिपोर्टर, मेरठ

सार

फेद रंग की ब्रेजा कार में बदमाश हरियाणा की तरफ से शामली में आ रहे थे। एसटीएफ के सदस्यों ने टार्च दिखाकर कार रुकने का इशारा किया, लेकिन वो नहीं रुके थे और चौसाना गांव की तरफ भागने लगे थे।
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STF Encounter - फोटो : अमर उजाला
UP STF Encounter News: 'मेरे सीने में लगी गोली चाकू से निकाल दो, मेरी जान बच जाएगी'। यह बात तीन गोली लगने के बाद भी इंस्पेक्टर सुनील कुमार अपने साथियों से लगातार बातचीत के दौरान कहते रहे। उन्होंने घायल होने के बावजूद बदमाशों का डटकर मुकाबला किया और अपने साथियों से लगातार बातचीत करते रहे। साथी बार-बार सुनील को समझाते रहे कि अस्पताल पहुंच गए और डॉक्टर जल्दी ही गोली निकाल देंगे। यह बात याद करके मुठभेड़ में शामिल एसटीएफ के सदस्य रोते रहे।
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इंस्पेक्टर सुनील का फाइल फोटो - फोटो : संवाद
एफआईआर के मुताबिक, सोमवार रात्रि 11 से 11:30 बजे तक मुठभेड़ चली। सफेद रंग की ब्रेजा कार में बदमाश हरियाणा की तरफ से शामली में आ रहे थे। एसटीएफ के सदस्यों ने टार्च दिखाकर कार रुकने का इशारा किया, लेकिन वो नहीं रुके थे और चौसाना गांव की तरफ भागने लगे। उदपुर गांव स्थित ईंट भट्ठे के पास बदमाशों की घेराबंदी कर ली। ललकारा और गिरफ्तार होने की बात कही। तभी बदमाशों ने एसटीएफ टीम पर गोलियां चला दीं। जिसमें तीन गोली इंस्पेक्टर सुनील को लगी। जवाबी कार्रवाई में गोली एसटीएफ ने भी चलाई। कार चालक बदमाश सतीश गोलियां चलाते हुए भागने लगा। जिसका पीछा हेड कांस्टेबल आकाश दीप और अंकित ने किया।
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बदमाशों से बरामद असलहा। - फोटो : अमर उजाला
बदमाशों की तरफ से गोलियां चलना बंद हो गई, तभी एसटीएफ के सदस्य उनकी कार के पास पहुंचे। जहां पर 3 बदमाश कार में और एक बदमाश सड़क पर घायल अवस्था पड़ा था। घायल इंस्पेक्टर को दरोगा जयवीर सिंह और हेड कांस्टेबल विकास करनाल स्थित एक अस्पताल लेकर पहुंचे। तीन गोली लगने के बाद भी सुनील के चेहरे पर खौफ नहीं था। वह कहते रहे कि बदमाश बचने नहीं चाहिए। उनके सीने में लगी गोली चाकू से निकाल दो, मेरी जान बच जाएगी। करनाल से उनको मेदांता में रेफर किया। ऑपरेशन थियेटर में भी सुनील बोलते रहे, जिससे एसटीएफ के सदस्यों को अंदेशा था कि सुनील की जान बच जाएगी।

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मवाना रोड मसूरी गांव निवासी एसटीएफ इंस्पेक्टर सुनील कुमार का घर - फोटो : संवाद
सुनील को .32 बोर की लगीं गोलियां
कार में बैठे बदमाशों ने ताबड़तोड़ गोलियां चलाईं। तीन गोली सुनील को लगीं। बताया गया कि .32 बोर की गोलियां सुनील के शरीर से निकली हैं। कारबाइन, पिस्टल और तमंचे से बदमाशों ने एसटीएफ पर गोली चलाई।
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एसटीएफ इंस्पेक्टर के घर पर लगी परिचितों की भीड़ - फोटो : संवाद
एसटीएफ के सदस्यों ने जवाबी कार्रवाई में चलाई गोली
एफआईआर के मुताबिक इंस्पेक्टर सुनील ने एके-47 से गोलियां चलाईं। दरोगा प्रमोद कुमार ने पिस्टल से 3 फायर, दरोगा जयवीर ने एक गोली, हेड कांस्टेबल प्रीतम ने दो फायर, विवेक ने एक, जोशी राणा ने एक, विकास धामा ने एक, रोमिश ने एक, आकाशदीप ने एक और अंकित ने एक गोली चलाई।
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घायल इंस्पेक्टर को लेकर जाते अस्पतालकर्मी - फोटो : अमर उजाला
सुनील के लीवर में घुस गई थी तीसरी गोली
बदमाशों की दो गोलियां फिर से जांबाज इंस्पेक्टर को लगीं। तीसरी गोली सुनील के लीवर में घुस गई थी। जवाबी फायरिंग में चारों बदमाश मारे गए। एसटीएफ एसपी बृजेश सिंह ने बताया कि बदमाशों को पकड़ने के लिए दो टीम बनाई थीं। एक टीम को इंस्पेक्टर सुनील कुमार लीड कर रहे थे। गोली लगने के बाद भी उन्होंने हौसला नहीं खोया और बदमाशों पर जवाबी कार्रवाई में गोलियां चलाते रहे।
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जांच करती फोरेंसिक टीम - फोटो : संवाद
सिपाही पद से भर्ती, कमांडो का लिया प्रशिक्षण
मसूरी गांव निवासी एसटीएफ के इंस्पेक्टर सुनील कुमार (52) के दम तोड़ने की सूचना पर गांव में शोक व्याप्त हो गया। उनके घर सांत्वना देने वालों की भीड़ लग गई। सुनील कुमार जून 1990 में यूपी पुलिस में कांस्टेबल पद पर भर्ती हुए थे। वर्ष 1997 में हरियाणा के मानेसर स्थित अकादमी से उन्होंने कमांडो का प्रशिक्षण लिया था। 2009 में एसटीएफ में उनकी तैनाती हुई। उनकी तैनाती लखनऊ, नोएडा, मेरठ सहित अन्य एसटीएफ केंद्रों पर रही। लगातार बेहतर कार्य के बल पर पदोन्नति पाते रहे। 
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मुठभेड़ के बाद जांच करती फोरेंसिक टीम - फोटो : संवाद
आईएसआई एजेंट कलीम को गिरफ्तार कराने में निभाई थी अहम भूमिका
सुनील ने शामली में आईएसआई एजेंट कलीम को गिरफ्तार कराने में अहम भूमिका निभाई थी। वर्ष 2023 में अनिल दुजाना को मार गिराया था। 30 मई 2024 को लोनी बॉर्डर पर पचास हजार के इनामी लोनी के राहुल को गिरफ्तार किया था। 8 अक्तूबर 2021 को रंगदारी, अपहरण, हत्या को अंजाम देने वाले पचास हजार के इनामी गोहाना के नवीन को गौतमबुद्धनगर से गिरफ्तार किया था। इनके अलावा भी कई इनामियों को सलाखों के पीछे पहुंचाने में भी अहम भूमिका निभाई थी। एसटीएफ के एसपी के अनुसार सुनील साहसी थे और घटनाओं का चंद दिनों में ही खुलासा करने में भी अहम भूमिका निभाते थे।

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