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तस्वीरें: हर आंख में आंसू... परिवार के साथ रो रहा पूरा शहर, आतंकी हमले में शहीद हुए 'लाल'

Fri, 15 Feb 2019 10:03 PM IST
Prabudhh Jain न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शामली
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विलाप करते परिजन - फोटो : अमर उजाला
पुलवामा हमले में सीआरपीएफ के जवान प्रदीप कुमार और अमित के शहीद होने पर बनत कस्बा और रेलपार कॉलोनी गम में डूबा रही। गलियां सुनसान रही और घरों में चूल्हे तक नहीं जले। दिनभर लोग शहीद के पार्थिव शरीर के आने का इंतजार करते रहे।

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विलाप करते परिजन - फोटो : अमर उजाला
वहीं डीएम और एसपी ने शहीद के घर पहुंचकर परिजनों को दुख की इस घड़ी में ढांढस बंधाया।
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विलाप करते परिजन - फोटो : अमर उजाला
वहीं गुरुवार रात को बनत निवासी सीआरपीएफ की 21 बटालियन के जवान प्रदीप कुमार के शहीद होने की खबर मिली तो पूरा कस्बा गम में डूब गया। दूसरे दिन शुक्रवार को भी हर तरफ कस्बे में गम का माहौल बना रहा। हर किसी के चेहरे पर जवान के शहीद होने का गम साफ झलक रहा था। अन्य दिनों में चहल-पहल वाली गलियां सूनी पड़ी रही। गलियों में लोगों की आवाजाही बहुत कम रही। कस्बे के बाजार में भी रौनक गायब रही।

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विलाप करते परिजन - फोटो : अमर उजाला
गम के माहौल में लोगों के घरों में चूल्हे तक नहीं जले। शहीद परिवार के गम में शरीक होने के लिए लोग उनके आवास पर पहुंचते रहे। नगर पंचायत अध्यक्ष राजीव कुमार और वार्ड सभासद और गणमान्य लोगों ने उनके आवास पर पहुंचकर दुख व्यक्त किया। सुबह डीएम अखिलेश सिंह और एसपी अजय कुमार भी शहीद के आवास पर पहुंचे और परिजनों से बातचीत कर उन्हें दुख की इस घड़ी में हर तरह से उनके साथ होने का भरोसा दिलाया। साथ ही शोक संवेदना व्यक्त की। लोग दिनभर शहीद के पार्थिव शरीर के पहुंचने की इंतजार में बैठे रहे।
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विलाप करते परिजन - फोटो : अमर उजाला
कस्बा निवासी सतबीर और श्रीनिवास आदि ने बताया कि जवान के शहीद होने का गम कस्बे के सभी लोगों को है। कस्बा वासियों में गम के साथ आतंकवादियों के हमले को लेकर गुस्सा भी रहा। कस्बे के इकराम अली, रणबीर सिंह, मनीत कुमार आदि ने एक सुर में आतंकी हमले का बदला लेने की सरकार से जोरदार मांग की।
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विलाप करते परिजन - फोटो : अमर उजाला
शामली शहर की रेलपार कॉलोनी निवासी अमित की शहादत के बाद कालोनी वासियों में गम और गुस्सा है। लोगों का कहना है कि बहुत सहन हो गया अब समय आ गया है। सरकार को आतंकवादी और उनके आकाओं से आरपार कर देनी चाहिए। रेलपार कालोनी की भौराकला रोड निवासी अमित की शहादत की खबर सुबह जैसे ही लोगों तक पहुंची कालोनी का माहौल शांत होने लगा। कालोनी के जो लोग अमित के परिवार को नहीं जानते थे वह भी परिजनों को सांत्वना देने पहुंच रहे थे। शहर भर से लोग यहां पहुंच रहे थे। हर कोई परिवार के दुख में शामिल होना चाहता था। अमर उजाला ने कुछ लोगों से इस मुद्दे पर बात की तो उनका गुस्सा साफ झलका।
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विलाप करते परिजन - फोटो : अमर उजाला
फौज में जाएं नेताओं के बच्चे 
नेता मंत्री के बच्चे भी फौज में जाना चाहिए। इसके बाद ही उन्हें टिकट मिलना चाहिए। आतंकवादियों को उन्हीं की भाषा में सबक सिखाने का समय आ गया है। - देवेंद्र सिंह

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विलाप करते परिजन - फोटो : अमर उजाला
इंतजाम कर देना चाहिए  
ये बहुत दुखद घटना है।  रोज देश के लाल खप रहे हैं। ये देेश को बहुत नुकसान हो रहा है। सबको पता है कि आतंकवाद को कौन बढ़ावा दे रहा है। हमारे देश के प्रधानमंत्री ,सरकार को विचार करके आतंकवाद को बढ़ावा देने वाले का एक बार में ही इंतजाम कर देना चाहिए।  - योगेंद्र निर्वाल

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बदला लेना चाहिए  
आतंकवादियों की हरकतें बढ़ती जा रही है। देश की सरकार को अब कड़ा फैसला लेना चाहिए। अब बहुत हो चुका है सरकार को अब कुछ नहीं सोचना चाहिए उसे आरपार कर देनी चाहिए। बदला लेेना चाहिए।  - श्रवण कुमार
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विलाप करते परिजन - फोटो : अमर उजाला
बदला लेने का वक्त  
इस आतंकी हमले में मारे गए जवानों की शहादत बेकार नहीं जानी चाहिए। सरकार इसका ऐसा बदला लेना चाहिए। अब समय आ गया है कि आतंकवाद के आकाओं को उनकी ही भाषा में जवाब दिया जाए।  - रजनीश कोरी 

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