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अमर उजाला पड़ताल: कागजों में सौभाग्यशाली हुए गांव, बल्लियों पर तारों का जाल, पोल खोलती ये तस्वीरें 

Sun, 06 Jan 2019 03:10 PM IST
Dimple Sirohi राजदीप जाखड़, अमर उजाला, मेरठ
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सौभाग्य योजना - फोटो : ANI
प्रधानमंत्री सहज हर घर बिजली योजना (सौभाग्य) के तहत केंद्र सरकार ने घरों को रोशन करने के लिए अरबों रुपये खर्च किए हैं। पीवीवीएनएल ने इस योजना के लक्ष्य को प्रदेश में सबसे पहले पूरा किया। कंपनी का दावा है कि 14 जनपदों में 8.92 लाख कनेक्शन दिए जा चुके हैं।

अमर उजाला ने इस योजना की मेरठ में पड़ताल की तो कंपनी मुख्यालय से मात्र पांच किलोमीटर दूर गढ़ रोड स्थित गांव कमालपुर में पीवीवीएनएल की पोल खुल गई। योजना मेें ठेका पाई कार्यदायी संस्था ने गांव में खंभे तो लगा दिए, लेकिन एबीसी केबल नहीं बिछाई। जहां केबल डाल दिया, वहां उसे चालू नहीं किया। बीपीएल उपभोक्ता को मिलने वाली किट तो लगा दी गई, लेकिन बिजली नहीं दी। 
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आए दिन होता है फॉल्ट

गांव में घुसते ही मंदिर वाली गली का जायजा लिया गया तो यहां बसे दस परिवार 80 से 100 मीटर लंबे केबल के जरिये बिजली का इस्तेमाल करते मिले। ये केबल दीवारों और बांस के जरिये घरों तक पहुंच रहे हैं। विभाग ने यहां पर दो खंभे तो लगा दिए, लेकिन इन पर एबीसी केबल नहीं डाला। स्थानीय निवासी अजय ने बताया कि लंबे केबल में आए दिन फॉल्ट होता रहता है। बारिश में घरों में करंट उतरने का खतरा रहता है। खंभे लगाकर विभाग तार डालना भूल गया है। इससे परेशानी हो रही है। 
 
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किट लगा दी, बिजली नहीं मिली
गांव के दिनेश कुमार को बीपीएल कनेक्शन के साथ मिलने वाला होल्डर, सॉकिट और स्विच किट लगाकर एक एलईडी बल्ब तो दे दिया, लेकिन अभी तक कनेक्शन नहीं जोड़ा गया है। दिनेश ने बताया कि उनके यहां पहले की तरह कटिया से बिजली चल रही है। पिछले दो महीने से मीटर में कनेक्शन नहीं हुआ है। 
 

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डिस्ट्रीब्यूशन बोर्ड भी नहीं लगाए 
गांव में अभी तक लोग मुख्य सड़क से बांस बल्लियों के सहारे केबल ले जाकर बिजली का उपभोग कर रहे हैं। कई जगह खंभों पर डिस्ट्रीब्यूशन बोर्ड भी नहीं लगाए हैं। एबीसी केबल लाइन में लोगों को डिस्ट्रीब्यूशन बोर्ड से ही कनेक्शन दिए जाते हैं। सलाउद्दीन ने बताया कि विभाग ने पुराने तार हटाकर एबीसी केबल ही नहीं डाला। ओवरलोड होने के चलते तार लगातार टूटते रहते हैं। 
 
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कनेक्शनों की बंदरबांट 
लक्ष्य को पूरा करने में विभाग ने ऐसे लोगों को कनेक्शन दे दिए जिनके पास पहले से थे। कई लोगों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि उनके यहां पहले से ही कनेक्शन था जिसका बिल भी वो देते हैं।

विभाग ने पुराने कनेक्शन को बगैर काटे ही बीपीएल का कनेक्शन देकर मीटर लगा दिया। लेकिन इसे चालू नहीं किया। कई बार पुराने कनेक्शन को काटने के लिए अफसरों से कहा, लेकिन हर बार टरका दिया गया। 

योजना में बीपीएल उपभोक्ताओं को फ्री कनेक्शन देने के साथ उन सभी स्थानों पर लाइन डाली गई है जहां घर तो बने थे, लेकिन लाइन नहीं थी। अगर कहीं गड़बड़ी है तो इसकी जांच कराई जाएगी।
-आशुतोष निरंजन, एमडी 
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