शव
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तीसरे दिन सोमवार को जहरीली शराब प्रभावित गांव में सुबह से ही अपनों की अस्थियां एकत्र करने के लिए श्मशान में पहुंचने लगे थे। जिन्हें सुबह 10 बजे के बाद हरिद्वार में गंगा में प्रभावित कर दिया गया। अस्थियां एकत्र करने के साथ ही तीन दिन से बुझे चूल्हे भी जले। शिवपुर में धर्मपाल, विनोद, तेजपाल व गूंगा, खेड़ामुगल में सहेंद्र, बुद्ध महात्मा, मंगल व माठा और नाफेपुर में काला व राजू की अस्थियां लेकर उनके परिजन हरिद्वार रवाना हो गए।