फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

RSS प्रमुख मोहन भागवत ने अपने 35 मिनट के संबोधन में इस संदेश पर दिया जोर, तस्वीरें

Mon, 26 Feb 2018 05:23 PM IST
यूपी डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
विज्ञापन
1 of 11
आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत - फोटो : अमर उजाला
संघ के हिंदुत्व का एजेंडा अब विस्तार ले चुका है। लेकिन इस हिंदुत्व के एजेंडे में सबसे पहले जातीय विद्वेष की बढ़ती खाई के साथ भाषा, क्षेत्र और पूजा पद्धति को लेकर हो रहे संघर्ष को दूर कर उसे पाटना है। सरसंघ चालक अपने 35 मिनट के संबोधन में यही संदेश देते नजर आए।
विज्ञापन

2 of 11
आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत - फोटो : अमर उजाला
डॉ. मोहनराव भागवत का संबोधन पूरी तरह आपसी भेदभाव मिटाने पर केंद्रित रहा। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बढ़ते जातीय संघर्ष को देखते हुए बनायी गयी रणनीति के मद्देनजर जिस सोच के साथ राष्ट्रोदय का आयोजन मेरठ प्रांत में किया गया था। सर संघ चालक के संबोधन में वह एजेंडा साफ नजर आया।
विज्ञापन

3 of 11
आरएसएस कार्यकर्ता - फोटो : अमर उजाला
उन्होंने बिना किसी का नाम लिए विपक्षियों से भी सतर्क रहने को कहा। डॉ. भागवत ने कहा कि विघटनकारी ताकते हमें एक होते नहीं देखना चाहती हैं, क्योंकि हम एक हुए तो उनका हित सिद्ध नहीं होगा।

4 of 11
आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत - फोटो : अमर उजाला
उन्होंने देश की विविधता में पैदा हो रही दूरियों को पाटने का संदेश देते हुए कहा कि विविधता हमारी ताकत है। क्योंकि जिन देशों ने अपनी एक भाषा और एक पूजा पद्धति को अपनाया, वह आगे नहीं बढ़ सके। जबकि हमारा देश आज भी आठ हजार साल पुराने राम जैसे राजा और उनके परिवार की संस्कृति को अपनाए हुए है।
विज्ञापन

5 of 11
आरएसएस कार्यकर्ता - फोटो : अमर उजाला
डॉ. भागवत ने हिंदुत्व का एजेंडा भी प्रमुखता से रखा। लेकिन इस हिंदुत्व में उन्होंने धार्मिक भावनाओं को बिल्कुल दरकिनार कर उसे राष्ट्रीयता और संस्कृति जोड़ने की कोशिश की। साफ कहा कि हम हिंदू है और यह गर्व की बात है। ऐसे में साफ हो गया कि संघ अपने हिंदुत्व के एजेंडे पर कायम है। लेकिन अब उसे दलित, अति पिछड़ा, बौद्ध, जैन आदि धर्मां तक ले जाना चाहता है।
विज्ञापन

6 of 11
आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत - फोटो : अमर उजाला
इसके साथ ही उन्होंने निडर और बलशाली होने का भी अप्रत्यक्ष रुप से संदेश दिया। इसके लिए कई किस्से कहानी सुनाते हुए स्पष्ट कहा कि कमजोर को देवताओं ने भी सम्मान नहीं दिया। उन्होंने स्वयंसेवकों से आह्वान किया कि वह अपनी शक्ति पहचानें और राष्ट्र निर्माण की तरफ निडर होकर आगे बढ़ें।
विज्ञापन

राम कथा से कर गए मोदी की तारीफ 

7 of 11
आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत - फोटो : अमर उजाला
डॉ. मोहन राव भागवत ने अपने संबोधन में किसी राजनैतिक पार्टी, नेता, धर्म या समुदाय का नाम नहीं लिया। लेकिन रामायण के कुछ कथानकों के माध्यम से वह अप्रत्यक्ष रुप से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ भी कर गए।

8 of 11
राष्ट्रोदय मंच - फोटो : अमर उजाला
उन्होंने कहा कि हमारे यहां उन राजाओं की कहानी सुनायी जाती है जो अपने माता-पिता के कहने पर राजपाट छोड़कर वनवास को चले जाते हैं। राजा वह अच्छा होता है जो प्रजा की सेवा के लिए अपनी पत्नी और भाई आदि का भी त्याग कर दे। क्योंकि राजा बनने के बाद उसका पहला कर्तव्य अपनी प्रजा के लिए बन जाता है।

9 of 11
मुस्लिमों ने किया स्वागत - फोटो : अमर उजाला
जागृति विहार एक्सटेंशन में राष्ट्रोदय समागम में हिस्सा लेने जा रहे स्वयंसेवकों का मुस्लिमों ने फूल बरसाकर स्वागत किया। मुस्लिम राष्ट्रीय मंच मेरठ प्रांत की तरफ से चाणक्यपुरी रोड पर कैंप लगाया गया।

10 of 11
आरएसएस कार्यकर्ता - फोटो : अमर उजाला
बता दें कि सुबह से ही स्वयंसेवकों के स्वागत के साथ जल की व्यवस्था भी की गई। मुस्लिमों की इस पहल को स्वयंसेवकों ने खूब सराहा। मंच के सहसंयोजक मौलाना हमीदुल्लाह खान ने बताया कि आरएसएस के इस बड़े समागम में सभी मुस्लिमों को भी हिस्सा लेना चाहिए था।
विज्ञापन

11 of 11
आरएसएस कार्यकर्ता का फोटो लेती महिला - फोटो : अमर उजाला
इस समागम में पुण्य का कार्य समझकर मंच ने स्वयंसेवकों का स्वागत किया। प्रांत संयोजक एडवोकेट कदीम आलम, मेरठ प्रांत संगठन संयोजक तुषार कांत, प्रांत संयोजक युवा प्रकोष्ठ नदीमुर्रहमान, अहमदुल्ला खान, मो. शुऐब खान, मो. समीर खान, जियाउल्ला खान, आरिफ खान आदि मौजूद रहे। 

शहर से लेकर देश तक की ताजा खबरें व वीडियो देखने लिए हमारे इस फेसबुक पेज को लाइक करें

https://www.facebook.com/AuNewsMeerut/
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें