खौफ के वो 20 मिनट दोनों परिवार कभी भूल नहीं पाएंगे। बदमाश दोनों परिवार की जिंदगी भर की कमाई लूटकर ले गए। घटना के घंटों बाद भी इन बदमाशों की दहशत दोनों परिवार के चेहरों पर साफ दिखाई दे रही थी। दोपहर को स्कूल से लौटे मासूम अपने माता-पिता को हिम्मत बंधा रहे थे। बच्चे बार-बार कह रहे थे कि जान तो बच गईं। इसके बावजूद दोनों परिवार खौफ से बाहर नहीं निकल पा रहे थे। बोले कि बदमाश धमकी दे रहे थे कि गोली मार देंगे।
विज्ञापन
घर के मुखिया के पीछे-पीछे आए बदमाश
2 of 8
पुलिस को वारदात की जानकारी देती महिला
- फोटो : अमर उजाला
बुधवार पूर्वाह्न 11:20 बजे थे। रोजाना की तरह कॉलोनी में चहलपहल थी। डीएम कार्यालय में क्लर्क करीब 11 बजे तक ड्यूटी पर जा चुके थे। उनकी पत्नी सुमन गुप्ता घर का कामकाज निपटाकर टीवी देख रही थीं। वहीं, रिटायर्ड इंजीनियर श्रीप्रकाश टहलने निकले थे। उनके बेटे अनुज का रद्दी और गत्ते का काम है। वह रोजाना की तरह दुकान पर चले गए थे। घर में श्रीप्रकाश की पत्नी वीना रानी और पुत्रवधू मीनल थीं। दोनों परिवारों के बच्चे सुबह ही स्कूल चले गए थे। मीनल भी काम निपटाकर टीवी देख रही थी। वीना दूसरे कमरे मेें थीं। इस बीच रिटायर्ड इंजीनियर श्रीप्रकाश घर लौटे तो उनके पीछे-पीछे छह बदमाश घुस आए। तीन बदमाश राकेश गुप्ता के यहां पहुंचे और तीन श्रीप्रकाश के साथ ऊपरी मंजिल पर पहुंच गए।
विज्ञापन
बदमाशों ने कनपटी पर तान दी रिवाल्वर
3 of 8
हादसे के बाद जांच करती फोरेंसिक टीम
- फोटो : अमर उजाला
चश्मदीद सुमन गुप्ता ने बताया कि तीनों बदमाश एक साथ आए। इससे पहले वह कुछ समझतीं कि बदमाशों ने कनपटी पर रिवाल्वर तान दी। बोले चाबी दे, नहीं तो गोली मार देंगे। वह घबरा गईं। एक बदमाश वहीं खड़ा हो गया और दो बदमाश चाबी लेकर सामान खंगालने लगे। करीब 20 मिनट रुके बदमाशों ने उनके दोनों मोबाइल फोन ले लिए। कुंडल, अंगूठी व घड़ी भी उतरवा ली। करीब छह लाख का सामान समेटकर बदमाश सुमन गुप्ता को बाथरूम में बंद करके फरार हो गए। बदमाशों के जाने के बाद सुमन ने शोर मचाया तो गली से गुजर रही काम करने वाली आई। जिसे सुमन ने कहा कि पड़ोसी आकाश को बुला दो, दरवाजा खोल देंगे। बदमाश लूटपाट करके गए है। आकाश के पहुंचने पर दरवाजा खुला। घटना की जानकारी पर राकेश गुप्ता तुरंत घर पहुंचे।
महिलाओं से उतरवा लिए सभी गहने
4 of 8
मौके पर पहुंचे पुलिस अधिकारी
- फोटो : अमर उजाला
चश्मदीद वीना, मीनल और श्रीप्रकाश ने बताया कि तीन बदमाश अचानक पीछे से आए। एक बदमाश ने श्रीप्रकाश, दूसरे ने सास-बहू को एक कमरे में गन प्वाइंट पर ले लिया। तीसरे बदमाश ने चाबी लेकर घर खंगाला। दोनों महिलाएं जो भी गहने पहने थीं, वे भी उतरवा लिए। तीनों कमरों से जेवरात, कैश और अन्य कीमती सामान बैग में भरते रहे। बदमाश बार-बार धमकी दे रहे थे कि अगर मुंह खोला तो गोली मार देंगे। बदमाशों के डर से तीनों लोग चुपचाप रहे। जाते समय बदमाशों ने तीनों को एक कमरे में बंद किया। बदमाशों के जाने के बाद सुमन और आकाश नीचे से आए। उन्होंने बंधनमुक्त कराया। दोनों परिवार को बंधक बनाकर बदमाशों ने दिनदहाडे़ डकैती की वारदात कर दी, यह सुनकर लोगों की भीड़ लगने लगी।
विज्ञापन
घर को देखकर सहम गए बच्चे
5 of 8
पुलिस को लूट की जानकारी देती महिला
- फोटो : अमर उजाला
बच्चे रूटीन की तरह स्कूल से लौटे तो उन्हें घर पर पुलिस और लोगों की भीड़ लगी मिली। मां रोजाना मुस्कराकर हाल-चाल पूछती थी। लेकिन आज घर पर मां का खिलखिलाता चेहरा नहीं, आंसू मिले। ऐसे शब्द सुनने को मिले जिन्हें सुनकर मासूम की छोड़िए बड़ों का कलेजा कांप जाए। जब मम्मी-पापा बच्चों से कहें कि आज तो हममें से तुमको कोई जिंदा नहीं मिलता। बदमाश सबको मार जाते। डकैती का पता चलने पर बेटी ने रोते पिता को ढाढ़स बंधाते हुए कहा कि पापा आप लोग ठीक हो, बस यही हमारे लिए सब कुछ है।
विज्ञापन
सीओ दफ्तर के सामने हुई वारदात
6 of 8
दस कदम की दूरी पर है सीओ कार्यालय
- फोटो : अमर उजाला
सीओ दफ्तर के सामने दिनदहाड़े हुई वारदात भले ही खुल जाएगी। लेकिन बच्चे शायद ही इस वाकये को जिंदगी भर भूल पाएंगे। स्कूल से थके-हारे बच्चे जब घर पहुंचते हैं तो गेट खोलते ही मम्मी या पापा का हंसता चेहरा उनके सामने होता है। कोई बैग टेबल पर रखते ही पानी मांगता है तो कोई खाना। लेकिन मोहनपुरी के विकास विहार में बुधवार को ऐसा नहीं हुआ। रिटायर्ड इंजीनियर श्रीप्रकाश गोयल के मकान में रहने वाले अनुज की 15 साल की दसवीं में पढ़नी वाली बेटी अमीषा छोटे भाई हर्ष की उंगली थामे घर पहुंची तो वहां पर लोगों की भीड़ जुटी दिखी। जगह-जगह पुलिस वाले खड़े थे। अनहोनी की आशंका से डरे दोनों बच्चे तेजी से ऊपरी मंजिल पर पहुंचे तो घर का सामान अस्त व्यस्त देखकर अवाक रह गए।
विज्ञापन
लग रहा था कि कोई भूचाल आया है
7 of 8
घटना की जानकारी लेती पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
सारे कपड़े और सामान इस कदर बिखरे थे कि न जाने यहां पर कोई भूचाल आया हो। कमरे में पहुंचे तो गुमसुम मां मीनल और दादी बीना बस इतना ही बोल पाईं कि बेटा आज तो हमसे तुमको कोई नहीं मिलता। सब को मार जाते। बदमाश आए और सब कुछ लूटकर चले गए। अमीषा तेजी से दूसरे कमरे में पहुंची तो वहां पापा अनुज रोए जा रहे थे। बेटी को देखते हुए सुबकते हुए उसे गले लगा लिया। बार-बार बस यही बोलते कि आज हमें कुछ हो जाता तो तुम्हारा क्या होता। लेकिन पापा को मासूम बेटी ने ढाढ़स बंधाया। समझाया कि पापा, आप लोग ठीक हो यह हमारे लिए सब कुछ है। रोओ मत पापा। अमीषा ने इलाके की सुरक्षा पर सवालिया निशान लगाया तो वहां मौजूद हर कोई शख्स उसके चेहरे को देखता रह गया। सिर्फ अमीषा ही ऐसा बोलने वाली नहीं रही। कालोनी में जिसको भी वारदात के बारे में पता चला वो सहम गया। एक-दूसरे का मुंह देखकर लोग यही कहते रहे कि सीओ दफ्तर के सामने ऐसा होगा तो कैसे सुरक्षा होगी। आज यहां ऐसा हुआ है, कल कहीं ओर ऐसा न हो।
पुलिस को अंदेशा है कि बदमाश दूसरे जनपद के हैं। क्योंकि कार और बाइक पर मेहमान की तरह आए और घटना को अंजाम देकर आसानी से चले गए। बदमाशों को दोनों परिवारों की जानकारी पहले से थी। कहां-कहां सामान रखा है, इसके बारे में बदमाश भलीभांति जानते थे। जिससे अंदेशा है कि किसी ने बदमाशों को फोन करके बुलाया है। पुलिस की पांच टीमें खुलासे में लगी हैं। एसएसपी अखिलेश कुमार का कहना है कि कुछ जानकारियां मिल रही हैं। जल्द ही घटना का खुलासा कर दिया जाएगा। बदमाश जल्द पुलिस की गिरफ्त में होंगे। कुछ संदिग्ध नंबरों की जांच भी कराई जा रही है।
शहर से लेकर देश तक की ताजा खबरें व वीडियो देखने लिए हमारे इस फेसबुक पेज को लाइक करें