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महाभारतकालीन नगरी में लाॅकडाउन के बाद से नहीं लौटी रौनक, सूने हैं मंदिर, चर्च और तीर्थस्थल

Sat, 22 Aug 2020 08:27 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
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hastinapur meerut - फोटो : amar ujala
महाभारत कालीन ऐतिहासिक नगरी हस्तिनापुर में 24 मार्च से लगे लॉकडाउन के कारण ऐतिहासिक नगरी की खोई हुई चहल-पहल अभी भी वापस नहीं लौट पाई है कोरोना के चलते प्रभावित हुआ यहां का कारोबार आज तक पटरी पर नहीं लौटा जिसके कारण स्थानीय दुकानदार आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं और कई होटल ढाबे बंद भी हो चुके हैं।
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hastinapur meerut - फोटो : amar ujala
जंबूद्वीप तीर्थ धाम जैन धर्म का विश्व विख्यात जंबूद्वीप तीर्थ धाम कोरोना के चलते लॉकडाउन लागू होते ही बंद हो गया था जिस के कपाट प्रबंधन अधिकारियों ने अभी तक नहीं खोले हैं जबकि यहां पर हजारों पर्यटक दूर-दूर से आकर इस तीर्थ स्थल पर बने रचनाओं का आनंद लेते थे।
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hastinapur meerut - फोटो : amar ujala
प्राचीन पांडेश्वर महादेव मंदिर
आस्था के चलते और महाभारत कालीन होने के उपरांत यहां मौजूद प्राचीन पांडेश्वर महादेव मंदिर व ऊपर पांडव टीले पर मौजूद जयंती माता शक्तिपीठ मंदिर हर रोज हजारों पर्यटक श्रद्धालु आकर धर्म लाभ अर्जित करते थे परंतु लॉकडाउन के कारण यह मंदिर आज भी वीरान पड़े हुए हैं और पर्यटक श्रद्धालुओं की बाट जो रहे हैं।

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- फोटो : अमर उजाला
दानवीर कर्ण मंदिर
बूढ़ी गंगा के किनारे बना प्राचीन दानवीर मंदिर और कामाख्या देवी स्थल को देखने के लिए भी सैकड़ों श्रद्धालु रोज आते थे परंतु लॉकडाउन के कारण यह भी सुनसान पड़े हुए हैं और अभी तक वह रौनक जहां पर वापस नहीं लौटी है जो लोग डाउन से पूर्व में थी।
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sardhana church - फोटो : amar ujala
मेरठ के सरधना का प्रसिद्ध चर्च जहां आम दिनों में रौनक रहती है। चर्च में प्रार्थनाओं के आयोजन किए जाते हैं और श्रद्धालुओं की चहल पहल रहती थी। वहीं इस बार लाॅकडाउन के बाद से ये ऐतिहासिक स्थल सूना पड़ा हुआ है। ईस्टर के मौके पर भी चर्च में ताला लगा रहा। लाॅकडाउन में राहत मिली लेकिन तीर्थ स्थलों की रौनके नहीं लौटीं।
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sardhana church - फोटो : amar ujala
महामारी के बाद से जहां होटल ढाबे, मंदिर, मस्जिद और पर्यटक स्थलों पर मायूसी छाई हुई है। वहीं लोगों का रोजगार बुरी तरह प्रभावित हुआ है। हालांकि धीरे धीरे जिंदगी पटरी पर लौटने लगी हैं, लेकिन स्थानीय निवासियों को मानना है कि कोरोनाकाल में सबसे ज्यादा रोजगार प्रभावित हुआ है। काम ठप होने से लोगों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। 
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