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लाॅकडाउन के बीच रमजान: कोरोना ने फीका किया फैनी का स्वाद, खजूर के दाम भी छू रहे आसमान

Sat, 25 Apr 2020 01:21 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क,अमर उजाला, मेरठ
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खजूर - फोटो : amar ujala
रमजान के महीने में खजूर की मांग बढ़ जाती है, क्योंकि खजूर से रोजा इफ्तार सुन्नत माना जाता है। लॉकडाउन के समय में खजूर के दाम आसमान छू रहे हैं। जिसके कारण मंडी के थोक विक्रेताओं ने खजूर मंगाना बंद कर दिया है। स्टॉक में रखी किस्मों का खजूर ही रोजेदारों तक पहुंचाने की कोशिश है।

फल मंडी विक्रेता मोहम्मद साकिब ने बताया खजूर की दो लाख वाली गाड़ी पांच लाख की हो गई है, जबकि पांच लाख में मिलने वाली गाड़ी 10 से 12 लाख रुपये की हो गई है। इतने महंगे खजूर कौन मंगाएगा। स्टाॅक में रखे कट्टे वाले खजूर और ईरानी खजूर ही ठेले वाले और दुकानदार बेच रहे हैं। कीमिया नाम के ईरानी खजूर 200 से 300 रुपये किलो हो गए हैं, जबकि 100 रुपये वाला खजूर 200 रुपये किलो तक बिक रहा है। ऐसे में फल मंडी के थोक विक्रेताओं के सामने खजूर की आपूर्ति करना किसी चुनौती से कम नहीं होगा।
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फल - फोटो : amar ujala
स्टॉक खत्म होने के बाद नहीं बेचेंगे खजूर
इस्लामाबाद के दुकानदार फजरुद्दीन ने बताया कि रमजान में खजूर बेचने के लिए लाए हैं। हर बार रमजान में खजूर बेचते हैं। लेकिन इस बार खजूर से काम नहीं चलेगा। क्योंकि मंडी से माल मिला ही नहीं। दो ही किस्म के खजूर बेचने पड़ रहे हैं, जबकि स्टॉक भी कम है। ऐसे में दो या तीन दिन खजूर बेचकर काम बदल देंगे। 
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खजूर - फोटो : amar ujala
खजूर न मिलने पर फल से इफ्तार करें
विकासपुरी मस्जिद के इमाम मुफ्ती वाजिद अली ने बताया कि खजूर से रोजा इफ्तार करना सुन्नत है। लेकिन लॉकडाउन के समय में खजूर महंगे होते हैं या बाजार से गायब हो जाते हैं ऐसे में किसी अन्य फल से रोजा इफ्तार किया जा सकता है। फल नहीं मिले तो पानी पीकर भी रोजा इफ्तार किया जा सकता है।

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फल - फोटो : amar ujala
लॉकडाउन के नियमों का पालन रोजेदारों को देगा ताकत
लॉकडाउन का समय रोजेदारों के लिए बेहतर और इबादत करने वाला है। नायब शहरकाजी जैनुर राशिद्दीन ने बताया कि पिछले करीब एक महीने से लॉकडाउन जारी है। जिसमें लोगों को समय पास करने में  परेशानी हो रही थी। लेकिन आज से रमजान महीने की शुरुआत होने के साथ अब रोजेदार इसका सदुपयोग कर पाएंगे। क्योंकि रोजा 15 घंटे से ज्यादा का होगा। जिस कारण रोजेदारों को बाहर निकलने में परेशानी होती।

पहले रोजे के बाद प्रतिदिन गर्मी बढ़ेगी। रोजेदारों के लिए गर्मी में रोजा रखकर बाहर निकलना मुश्किल भरा होता है। जिसमें लॉकडाउन के चलते लोगों को घरों में रहकर इबादत और नमाज पढ़ने का भरपूर मौका मिलेगा। 3 मई तक लॉकडाउन बढ़ाया गया है। रोजेदारों को सकारात्मक रवैया अपनाते हुए लॉकडाउन के नियमों का पालन करना है। घर पर रहकर कोरोना के खिलाफ लड़ाई लड़नी है।
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Ramzan - फोटो : amar ujala
फैनी का स्वाद भी फीका
रमजान में फैनी की मांग भी बढ़ जाती है लेकिन कोरोना ने फैनी का स्वाद भी फीका कर दिया है। लाॅकडाउन के चलते दुकानों पर फैनी पिछले रमजान की अपेक्षा कम ही नजर आई। हालांकि रोजेदारों ने रमजान के कई दिन पहले से ही फैनी खरीदनी शुरू कर दी थी। 
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Ramzan - फोटो : amar ujala
हॉटस्पॉट में रोजेदारों के लिए सामग्री पहुंचाना चुनौती
शास्त्रीनगर सेक्टर-13, हुमायूं नगर, लखीपुरा में कोरोना पॉजिटिव मिलने के बाद इन क्षेत्रों को हॉटस्पॉट बनाया गया है। हॉटस्पॉट क्षेत्रों में खाद्य सामग्री पहुंचाना प्रशासन के लिए चुनौती भरा होगा। शास्त्रीनगर सेक्टर-13 के लोगों की शिकायत है कि कॉलोनी में दूध और सब्जी अच्छी नहीं आ रही है।
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लॉकडाउन - फोटो : amar ujala
शास्त्रीनगर निवासी मौ शाहिद ने बताया कि रमजान महीने में कॉलोनी के एक आदमी को बाहर जाने की अनुमति हो। ताकि मनपसंद सब्जी या अन्य सामान खरीदा जा सके।  दूध और सब्जी बेचने वाले सामान अच्छा नहीं दे रहे हैं। कई बार वह पुलिसकर्मियों से शिकायत कर चुके हैं।

उन्होंने बताया कि कॉलोनी में कोरोना के केस अब सामान्य हो गए हैं। जबकि कई मरीज ठीक भी हो गए हैं। प्रशासन को हॉटस्पॉट हटाने पर विचार करना चाहिए। स्थानीय निवासी गुलजार अहमद ने बताया कि रमजान में लोग रोजा रखेंगे। ऐसे में प्रशासन को विशेष इंतजाम करने चाहिए।
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