shamli jawan
कस्बा निवासी आसिफ खान ने कहा कि प्रदीप बहुत ही मिलनसार और व्यवहार कुशल व नेक दिल इंसान थे। दिनेश कुमार ने कहा कि वे जब भी छुट्टी आते थे, सभी लोगों से मिलते जुलते थे। राजेंद्र सिंह ने बताया कि रास्ते में कोई भी मिला, बिना बोले और हाल-चाल जाने बिना नहीं रहते थे। ओंकार सिंह ने बताया कि उनके बारे में जितना भी कहा जाए, वह कम है। उनकी अच्छाई और व्यवहार हमेशा याद किया जाएगा। वे मेहतनी और काम के प्रति लगनशील रहते थे।