पकड़े गए आरोपी
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बांग्लादेशी के गायब होने पर कसा था शिकंजा
करीब चार साल पहले थानाभवन में रहने वाले बांग्लादेशी यासीन ने भी रोहिंग्या अब्दुल मजीद की तरह से भारतीय दस्तावेज राशन कार्ड, आधार कार्ड आदि हासिल करने में सफलता प्राप्त कर ली थी। इसके बाद उसने पासपोर्ट बनवाने के लिए आवेदन किया था। पासपोर्ट आवेदन की जांच के दौरान यह मामला पकड़ में आया था।
पुलिस या खुफिया विभाग यासीन को पकड़ पाता, उससे पहले ही वह फरार हो गया था। चार साल बाद भी आज तक उसका सुराग नहीं लग सका। बांग्लादेशी के गायब होने के बाद पुलिस ने उसके दो गारंटर पर शिकंजा कसते हुए जेल भेजा था, जो वर्तमान में जमानत पर आए हुए हैं। इसी तरह पिछले साल 2018 में भी थानाभवन में ही फर्जी दस्तावेजों के आधार पर पासपोर्ट बनवाने की कोशिश करने के आरोप में एक युवक गिरफ्तार हुआ था।