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अब्दुल मजीद समेत चारों युवकों के शामली आने का मकसद तलाश रही पुलिस, खंगाला जा रहा आतंकी कनेक्शन

Tue, 30 Jul 2019 02:31 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शामली
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पकड़ा गया आरोपी - फोटो : अमर उजाला
शामली के जलालाबाद में अब्दुल मजीद समेत चार युवकों के पकड़े जाने के बाद देश की सुरक्षा को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं। 18 साल तक देश में रहकर वह क्या करता रहा और उसका मकसद क्या था। कहीं उसका संबंध नकली नोट, हथियार तस्करी या कोई आतंकी कनेक्शन तो नहीं।

वह राष्ट्र विरोधी गतिविधियों में लिप्त तो नहीं रहा। इस तरह के कई सवालों का जवाब तलाशने के लिए पुलिस और खुफिया एजेंसियां गहनता से जांच में जुट गई है। दिल्ली और लखनऊ की खुफिया एजेंसियां भी सक्रिय हो गई हैं।
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पकड़ा गया आरोपी - फोटो : अमर उजाला
पुलिस अधीक्षक अजय कुमार के मुताबिक पुलिस और खुफिया टीम इस बात की भी जांच में जुटी है कि इन लोगों की मदद करने वाले और शरण देने वालों में कौन-कौन शामिल रहे हैं। फर्जी सूचनाओं के आधार पर भारतीय दस्तावेज दिलाने में और बैंक खातों में उनके गारंटर कौन बने हैं, इन सभी बिंदुओं पर जांच शुरू हो गई है। 

अधिकारी भी मानते हैं कि आसपास के जिलों में भी ऐसे लोग हो सकते हैं। एसपी अजय कुमार का कहना है कि इस पूरे नेटवर्क को खंगाला जा रहा है। इसकी बारीकी से जांच शुरू कर दी गई है। इसमें कई और लोगों के शामिल होने की संभावना जताई है। आरोपियों को रिमांड पर लेकर कार्रवाई पूछताछ की जाएगी। 
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पकड़े गए आरोपी - फोटो : अमर उजाला
मोबाइलों की खंगाली जाएगी कॉल डिटेल
म्यांमार के नागरिकों से बरामद मोबाइलों को भी जांच के दायरे में रखा गया है। अधिकारियों का मानना है कि मोबाइल की कॉल डिटेल से भी विदेशी नागरिकों के नेटवर्क का पता चलने में मदद मिलेगी। पुलिस अधीक्षक अजय कुमार का कहना है कि मोबाइलों की कॉल डिटेल की जांच की जाएगी। उसके आधार पर इनसे जुड़े लोगों तक पहुंचने में मदद मिलेगी।

वहीं चारों युवकों के पकड़े जाने के बाद मेरठ और सहारनपुर मंडल पुलिस को अलर्ट किया गया है। बताया गया है कि कांवड़ यात्रा के बाद जांच अभियान चलाया जा सकता है, जिसके बाद मदरसों की भी जांच पड़ताल हो सकती है। खुफिया तंत्र को सक्रिय किया गया है।

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शामली में स्थित मस्जिद - फोटो : अमर उजाला
मदरसों के छात्रों का होगा सत्यापन, जांच होगी
जलालाबाद और थानाभवन में मदरसों से विदेशी नागरिकों के तार जुड़े होने के बाद पुलिस-प्रशासन अब कोई रिस्क लेने के मूड में नजर नहीं आ रहा है। एसपी अजय कुमार का कहना है कि जनपद के मदरसों और उनमें पढ़ने वाले बाहर के छात्रों का डाटा लिया जाएगा। इसके बाद उनका सत्यापन किया जाएगा। इसके साथ ही मदरसों की आकस्मिक चेकिंग भी की जाएगी, ताकि उनके बारे में सही जानकारी मिल सके। साथ ही खुफिया विभाग को भी अलर्ट किया गया है।
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पकड़े गए आरोपी - फोटो : अमर उजाला
बांग्लादेशी के गायब होने पर कसा था शिकंजा
करीब चार साल पहले थानाभवन में रहने वाले बांग्लादेशी यासीन ने भी रोहिंग्या अब्दुल मजीद की तरह से भारतीय दस्तावेज राशन कार्ड, आधार कार्ड आदि हासिल करने में सफलता प्राप्त कर ली थी। इसके बाद उसने पासपोर्ट बनवाने के लिए आवेदन किया था। पासपोर्ट आवेदन की जांच के दौरान यह मामला पकड़ में आया था।

पुलिस या खुफिया विभाग यासीन को पकड़ पाता, उससे पहले ही वह फरार हो गया था। चार साल बाद भी आज तक उसका सुराग नहीं लग सका। बांग्लादेशी के गायब होने के बाद पुलिस ने उसके दो गारंटर पर शिकंजा कसते हुए जेल भेजा था, जो वर्तमान में जमानत पर आए हुए हैं। इसी तरह पिछले साल 2018 में भी थानाभवन में ही फर्जी दस्तावेजों के आधार पर पासपोर्ट बनवाने की कोशिश करने के आरोप में एक युवक गिरफ्तार हुआ था। 
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