मेरठ के सदर थानाक्षेत्र के भूसा मंडी इलाके में अतिक्रमण हटवाने के दौरान उपजे विवाद के बाद भीड़ बेकाबू हो गई। मेरठ के सदर थानाक्षेत्र के भूसा मंडी इलाके में अतिक्रमण हटवाने के दौरान उपजे विवाद के बाद भीड़ बेकाबू हो गई। पुलिस जहां हथियार साथ होने के बावजूद कुछ नहीं कर पा रही थी वहीं भीड़ की उग्रता देख पुलिस अधिकारी भी सकते में आ गए। उन्हें फिक्र थी कि कहीं मामला और अधिक न बढ़ जाए:-
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मेरठ बवाल
पुलिस-प्रशासन के बेहतर मैनेजमेंट ने शहर को जलने से बचा लिया। पुलिस को टेंशन थी कि मामला सांप्रदायिक न बन जाए। इसको देखते पुलिस ने भूसा मंडी और मछेरान को चारो तरफ से घेर लिया। किसी भी बाहरी आदमी को भूसा मंडी या मछेरान में नहीं घुसने दिया।
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- फोटो : अमर उजाला
भूसा मंडी व मछेरान मुस्लिम आबादी वाला इलाका है। तोड़फोड़ व आगजनी होते ही पुलिस ने भूसा मंडी के चारों तरफ पहरा लगा दिया। जली कोठी पर पुलिस लगाई, ताकि कोई भी भूसा मंडी की तरफ न पहुंचे। उधर सीएबी इंटर कॉलेज के चौराहे पर लोगों को रोका गया। भूसा मंडी चौकी के सामने आर्मी ने गेट बंद कर दिया। ताकि कोई भीड़ अंदर न घुसे। लोग केवल पुलिस पर आरोप लगाते रहे।
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डीएम अनिल ढींगरा और एसएसपी नितिन तिवारी ने भूसा मंडी व मछेरान का मुआयना किया। लोगों से बातचीत की। लोगों से अपील की कि शांति व्यवस्था बनाकर रखें। दूसरे लोग माहौल को गर्माने की कोशिश कर रहे हैं। शहर आपका है, इसको बचाने की जिम्मेदारी भी आप लोगों की है। किसी के बहकावे में आकर कानून को हाथ में मत लो।
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- फोटो : अमर उजाला
आग बुझाने में मदद करो : डीएम और एसएसपी के पास कई नेता और जिम्मेदार लोग पहुंचे। वह वहां के हालातों के बारे में और पुलिस की कमियां गिनवा रहे थे। तभी दोनों अधिकारियों ने कहा कि आप और हम यहीं रहेंगे। पहले आग को बुझा लें, फिर इस पर बात कर लेंगे।
इस दौरान एक सीओ ने एक जनप्रतिनिधि को भी आग बुझाने जाने की बात कह दी। इस पर जनप्रतिनिधि ने नाराजगी जता दी। बाद में डीएम और एसएसपी ने हस्तक्षेप कर पुलिस अधिकारियों से संयम बरतने को कहा।