पवन ने कहा, ‘दोषियों को फांसी देने में कतई देरी नहीं करनी चाहिए। अगर तिहाड़ जेल प्रशासन इनकी फांसी के लिए मुझे बुलाता है तो मैं इसके लिए तैयार हूं। मैं दिल्ली जाऊंगा और अपनी ड्यूटी पूरी करूंगा।’ 16 दिसंबर, 2012 को दिल्ली में एक चलती बस में 23 साल की निर्भया के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया गया था। इसके कुछ दिन बाद 29 दिसंबर को इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई थी।