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खेतों में लहलहाती फसलों पर आखिर क्यों ट्रैक्टर चला रहे यूपी के किसान, इन जिलों में नष्ट की सैकड़ों बीघा फसल

Thu, 25 Feb 2021 11:04 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
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फसल बर्बाद करते किसान - फोटो : amar ujala
कृषि कानूनों के विरोध में एक तरफ दिल्ली बाॅर्डर पर किसानों का प्रदर्शन जारी है, वहीं पश्चिमी यूपी में किसानों ने कृषि कानूनों के विरोध और गन्ने की फसल का सही दाम नहीं मिलने से नाराज किसानों ने विरोध का नया तरीका अपनाया है।

किसान खेत में खड़ी हरी फसलों पर रूटरवेटर चलाकर नष्ट कर रहे हैं। बिजनौर व मुजफरनगर में किसानों द्वारा फसल नष्ट करने के बाद मेरठ और बागपत के भी कई किसानों ने भी गेंहू और सरसों की लहलहाती फसल पर ट्रैक्टर चलाकर नष्ट कर दिया।
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crop, sarso crop ,farmers crop - फोटो : amar ujala
मुजफ्फरनगर के चरथावल विकास खंड क्षेत्र के गुरुवार को ग्राम पावटी में किसान ने कृषि कानूूनों के विरोध में पांच बीघा सरसों की फसल जोत दी। भाकियू चरथावल ब्लॉक अध्यक्ष ठाकुर कुशलवीर सिंह के साथ किसानों ने हंगामा किया।
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फसल बर्बाद करते किसान - फोटो : amar ujala
चरथावल सहकारी समिति के पूर्व सभापति प्रवीण त्यागी किसानों के साथ खेत पहुंचे और उन्होंने पकने को तैयार खड़ी सरसों की फसल में ट्रैक्टर चलाकर फसल को नष्ट कर दिया।

उनका कहना था कि केंद्र सरकार किसानों पर थोपे गए  कानूनों का वापस ले और एमएसपी पर खरीद की गारंटी के लिए कानून बनाया जाए। किसानों का कहना था कि बड़ी उम्मीद के साथ किसानों ने पूर्ण बहुमत के साथ सरकार बनवाई थी, लेकिन सरकार किसानोें का हक कुचलना चाहती है।

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सरसों की फसल - फोटो : amar ujala
बिजनौर में हल्दौर थानाक्षेत्र के गांव शादीपुर कलां में भाकियू के एक वरिष्ठ नेता ने कृषि कानून के विरोध में अपनी पांच बीघा खड़ी गेहूं की फसल ट्रैक्टर हैरो से जोतकर बर्बाद कर दी।

उधर, महिलाओं ने भी अब कमान थाम ली है। महिलाएं घर घर जाकर अन्य महिलाओं को कृषि कानूनों को वापस कराए जाने के विरोध में प्रदर्शन करने के लिए जागरूक करने में लगी हैं।
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बिजनौर में अपनी गेहूं की फसल जोतता किसान सोहित - फोटो : amar ujala
गांव शादीपुर कलां में गुरुवार दोपहर भाकियू के मंडल उपाध्यक्ष कुलबीर सिंह ने कृषि कानून के विरोध में पांच बीघा गेहूं की फसल जोत दी। कुलबीर सिंह का कहना है कि सरकार तीनों कृषि कानूनों को किसानों पर थोपना चाहती है,  जबकि किसान इन विधायकों के पुरजोर विरोध में हैं। इस बार भी किसानों के गन्ने का मूल्य नहीं बढ़ाया गया। 
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फसल पर रूटरवेटर चलाते किसान - फोटो : amar ujala
गांव शादीपुर कलां में गुरुवार दोपहर भाकियू के मंडल उपाध्यक्ष कुलबीर सिंह ने कृषि कानून के विरोध में पांच बीघा गेहूं की फसल जोत दी। कुलबीर सिंह का कहना है कि सरकार तीनों कृषि कानूनों को किसानों पर थोपना चाहती है। जबकि किसान इन विधायकों के पुरजोर विरोध में हैं। इस बार भी किसानों के गन्ने का मूल्य नहीं बढ़ाया गया। 
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सरसों की फसल पर रूटरवेटर चलाते किसान - फोटो : amar ujala
बागपत में गेहूं और सरसों की फसल पर चलाया ट्रैक्टर
बागपत के दोघट थानाक्षेत्र में  कृषि कानूनों के विरोध में बामनौली गांव के किसान ने गेहूं और बिनौली के किसान ने सरसों की फसल को ट्रैक्टर से जोत दिया। किसानों का आरोप है कि कृषि कानून सरकार जबरन थोपने का कार्य कर रही है। किसान का कहना है कि सरकार किसानों की सुन नहीं रही हैै। किसान की फसल का उसे वाजिब दाम नहीं मिल पा रहा है।
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फसल पर रूटरवेटर चलाते किसान - फोटो : amar ujala
किसानों ने कहा गन्ना भाव तो सरकार ने बढ़ाया ही नहीं है, गन्ना मिलों ने अभी तक भुगतान भी नहीं किया है। ऐसी स्थिति में किसान के पास अपनी फसल बर्बाद करने के अलावा कोई चारा ही नहीं बचा है।

उधर, बिनौली में किसान संजीव कुमार पुत्र सूबेदार देशपाल ने बुधवार को ट्रैक्टर चलाकर दस बीघा सरसों की फसल जोत दी। उसका कहना है कि वह सरकार की किसान विरोधी नीतियों से नाराज हैं। देश का किसान सड़क पर उतरकर नए कृषि कानून के विरोध में आंदोलन कर रहा है। सरकार किसानों की एक भी नहीं सुन रही। 
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